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सांसद ने उठाया केंद्रीय विद्यालय का मुद्दा
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सांसद ने उठाया केंद्रीय विद्यालय का मुद्दा
बिजनौर। सांसद मलूक नागर ने संसद में एक बार फिर बिजनौर में 15 साल से लंबित केंद्रीय विद्यालय का मुद्दा उठाया। इससे पूर्व बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए दो दिसंबर 2019 को भी इस मुद्दे को उठाया था। इस बारे में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा और जिलाधिकारी बिजनौर का जवाब प्रस्ताव से संबंधित मिल चुका है, लेकिन अभी तक क्रियान्वित नहीं हुआ।
सांसद ने कहा कि नई रोशनी योजना के अंतर्गत बिजनौर लोकसभा क्षेत्र की कितनी अल्पसंख्यक समुदाय से महिलाएं लाभान्वित हो पा रही हैं, उनका ब्योरा देने में सरकार असमर्थ दिखाई दी। आरोप लगाया कि सरकार द्वारा हर साल बजट में कई नई योजनाएं बनती हैं, लेकिन चिह्नित योजनाएं ही सक्रिय ढंग से संचालित हो पाती हैं। सांसद ने विकास कार्यों के उद्देश्यों से वृक्षों की कटाई व अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग के कारण उत्पन्न प्रदूषण, खेती की घटती हुई उर्वरकता एवं भूस्खलन और मृदा अपरदन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए सरकार की योजनाओं का ब्योरा मांगा। इस पर सरकार ने अपना सही नजरिया देते हुए बताया की हर साल ज्यादा से ज्यादा पौधे रोपित किए जा रहे हैं।
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बिजनौर। सांसद मलूक नागर ने संसद में एक बार फिर बिजनौर में 15 साल से लंबित केंद्रीय विद्यालय का मुद्दा उठाया। इससे पूर्व बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए दो दिसंबर 2019 को भी इस मुद्दे को उठाया था। इस बारे में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा और जिलाधिकारी बिजनौर का जवाब प्रस्ताव से संबंधित मिल चुका है, लेकिन अभी तक क्रियान्वित नहीं हुआ।
सांसद ने कहा कि नई रोशनी योजना के अंतर्गत बिजनौर लोकसभा क्षेत्र की कितनी अल्पसंख्यक समुदाय से महिलाएं लाभान्वित हो पा रही हैं, उनका ब्योरा देने में सरकार असमर्थ दिखाई दी। आरोप लगाया कि सरकार द्वारा हर साल बजट में कई नई योजनाएं बनती हैं, लेकिन चिह्नित योजनाएं ही सक्रिय ढंग से संचालित हो पाती हैं। सांसद ने विकास कार्यों के उद्देश्यों से वृक्षों की कटाई व अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग के कारण उत्पन्न प्रदूषण, खेती की घटती हुई उर्वरकता एवं भूस्खलन और मृदा अपरदन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए सरकार की योजनाओं का ब्योरा मांगा। इस पर सरकार ने अपना सही नजरिया देते हुए बताया की हर साल ज्यादा से ज्यादा पौधे रोपित किए जा रहे हैं।
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