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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से प्राइवेट स्कूलों की मनमानी की शिकायत
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सांसद ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी की शिकायत की
धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीशचंद्र ने प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन पर मनमानी करने का आरोप लगातेेेे हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से रोक लगाने और छात्रों की तीन माह की फीस माफ कराने की मांग की है।
सांसद ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री को पत्र भेज कर इस मामले में अवगत करा दिया गया है। पत्र में उन्होंने बताया है कि लॉकडाउन की वजह से लोगों के व्यवसाय और काम बंद हैं। गरीब, मध्यम आय वाले अभिभावकों को परिवार का गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा है। शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले से ही स्कूल कालेज बंद हैं। बावजूद इसके प्राइवेट स्कूल संचालक ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर अभिभावकों को उनके फोन पर मैसेज भेज कर फीस जमा करने, शिक्षण सत्र के लिए किताबें खरीदने का दबाव बना रहे हैं। कोरोना आपदा में फीस जमा करना इन लोगों के मुश्किल है। सरकार को फीस वसूली पर रोक लगाते हुए अप्रैल, मई और जून की फीस माफ की जानी चाहिए। चेताया कि सरकार ने उनकी मांग पर विचार नहीं किया तो वह मामले को लोकसभा में उठाकर सरकार से जवाब मांगेंगे। सांसद ने श्रम कानून में किए बदलाव को वापस ले लिए जाने पर संतोष जताया है।
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धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीशचंद्र ने प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन पर मनमानी करने का आरोप लगातेेेे हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से रोक लगाने और छात्रों की तीन माह की फीस माफ कराने की मांग की है।
सांसद ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री को पत्र भेज कर इस मामले में अवगत करा दिया गया है। पत्र में उन्होंने बताया है कि लॉकडाउन की वजह से लोगों के व्यवसाय और काम बंद हैं। गरीब, मध्यम आय वाले अभिभावकों को परिवार का गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा है। शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले से ही स्कूल कालेज बंद हैं। बावजूद इसके प्राइवेट स्कूल संचालक ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर अभिभावकों को उनके फोन पर मैसेज भेज कर फीस जमा करने, शिक्षण सत्र के लिए किताबें खरीदने का दबाव बना रहे हैं। कोरोना आपदा में फीस जमा करना इन लोगों के मुश्किल है। सरकार को फीस वसूली पर रोक लगाते हुए अप्रैल, मई और जून की फीस माफ की जानी चाहिए। चेताया कि सरकार ने उनकी मांग पर विचार नहीं किया तो वह मामले को लोकसभा में उठाकर सरकार से जवाब मांगेंगे। सांसद ने श्रम कानून में किए बदलाव को वापस ले लिए जाने पर संतोष जताया है।
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