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सर्दी में भी डंक मार रहे मच्छर
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सर्दी में भी डंक मार रहे मच्छर
बिजनौर। गर्मी खत्म हो गई, लेकिन जिले से मच्छरों का प्रकोप अब तक खत्म नहीं हुआ है। मच्छरों ने अब भी घरों और कार्यालयों में लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। स्वास्थ्य विभाग भी इसे लेकर अलर्ट हो गया है। डीएम कार्यालय की ओर से सभी नगर पालिकाओं व जिला पंचायत राज विभाग को फॉगिंग व कीटनाशकों का छिड़काव जारी रखन के निर्देश दिए हैं। मच्छरों को काबू में रखने के लिए अभी फॉगिंग व कीटनाशकों के छिड़काव को ही एकमात्र तरीका माना गया है।
गर्मी खत्म होने के साथ ही बुखार का असर भी कम हो गया लेकिन मच्छर अब भी कम नहीं हुए हैं। मच्छर मलेरिया और डेंगू का कारण बनते हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अब तक चार ही मरीज डेंगू के मिले हैं जबकि निजी लैब पर डेंगू के मरीजों की भरमार लगी रही। डेंगू का असर सर्दियों में भले ही कम हो जाता है, लेकिन जब मच्छर कम न हों तो इसके फैलने की संभावना बनी रहती है। में 18 नगर पालिका व पंचायत तथा 1123 ग्राम पंचायत हैं। सभी जगह मच्छर अब भी हैं। सर्दी में कुछ दिन पहले ही डेंगू के दो मामले सामने आए थे। मच्छरों के खात्मे के लिए पूरी गर्मी और बरसात फॉगिंग हुई और कीटनाशकों का छिड़काव हुआ लेकिन कोई ज्यादा असर अभी तक देखने को नहीं मिला है। सर्दियों में मच्छरों को कम करने के लिए जिला प्रशासन फॉगिंग और कीटनाशकों का छिड़काव जारी रखेगा। इसके बाद डीएम कार्यालय द्वारा सभी ईओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अगर आने वाली गर्मियों में मच्छरों की आबादी पर काबू पाना है तो सर्दियों में भी कीटनाशकों का छिड़काव जरूरी हो गया है। जिला मलेरिया अधिकारी ब्रजभूषण ने इसकी पुष्टि की है।
तापमान गिरा पर मच्छरों की संख्या नहीं
मच्छर 18 से 23 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर कम या निष्क्रिय हो जाते हैं जबकि 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर फिर से पनपने लगते हैं। इस समय जिले में अधिकतम तापमान करीब करीब 23 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तक चल रहा है। मच्छर कम होने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
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ग्राम पंचायतों को भी फॉगिंग का अधिकार
नगर पालिका व पंचायतों के पास साफ सफाई के लिए पैसा रहता है। अब ग्राम पंचायतों में सफाई, फॉगिंग व कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ग्राम प्रधानों को भी अधिकारी दे दिया गया है। ग्राम विकास निधि से ग्राम प्रधान छिड़काव करा सकते हैं।
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बिजनौर। गर्मी खत्म हो गई, लेकिन जिले से मच्छरों का प्रकोप अब तक खत्म नहीं हुआ है। मच्छरों ने अब भी घरों और कार्यालयों में लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। स्वास्थ्य विभाग भी इसे लेकर अलर्ट हो गया है। डीएम कार्यालय की ओर से सभी नगर पालिकाओं व जिला पंचायत राज विभाग को फॉगिंग व कीटनाशकों का छिड़काव जारी रखन के निर्देश दिए हैं। मच्छरों को काबू में रखने के लिए अभी फॉगिंग व कीटनाशकों के छिड़काव को ही एकमात्र तरीका माना गया है।
गर्मी खत्म होने के साथ ही बुखार का असर भी कम हो गया लेकिन मच्छर अब भी कम नहीं हुए हैं। मच्छर मलेरिया और डेंगू का कारण बनते हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में अब तक चार ही मरीज डेंगू के मिले हैं जबकि निजी लैब पर डेंगू के मरीजों की भरमार लगी रही। डेंगू का असर सर्दियों में भले ही कम हो जाता है, लेकिन जब मच्छर कम न हों तो इसके फैलने की संभावना बनी रहती है। में 18 नगर पालिका व पंचायत तथा 1123 ग्राम पंचायत हैं। सभी जगह मच्छर अब भी हैं। सर्दी में कुछ दिन पहले ही डेंगू के दो मामले सामने आए थे। मच्छरों के खात्मे के लिए पूरी गर्मी और बरसात फॉगिंग हुई और कीटनाशकों का छिड़काव हुआ लेकिन कोई ज्यादा असर अभी तक देखने को नहीं मिला है। सर्दियों में मच्छरों को कम करने के लिए जिला प्रशासन फॉगिंग और कीटनाशकों का छिड़काव जारी रखेगा। इसके बाद डीएम कार्यालय द्वारा सभी ईओ को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अगर आने वाली गर्मियों में मच्छरों की आबादी पर काबू पाना है तो सर्दियों में भी कीटनाशकों का छिड़काव जरूरी हो गया है। जिला मलेरिया अधिकारी ब्रजभूषण ने इसकी पुष्टि की है।
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तापमान गिरा पर मच्छरों की संख्या नहीं
मच्छर 18 से 23 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर कम या निष्क्रिय हो जाते हैं जबकि 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर फिर से पनपने लगते हैं। इस समय जिले में अधिकतम तापमान करीब करीब 23 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 8 डिग्री तक चल रहा है। मच्छर कम होने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
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ग्राम पंचायतों को भी फॉगिंग का अधिकार
नगर पालिका व पंचायतों के पास साफ सफाई के लिए पैसा रहता है। अब ग्राम पंचायतों में सफाई, फॉगिंग व कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ग्राम प्रधानों को भी अधिकारी दे दिया गया है। ग्राम विकास निधि से ग्राम प्रधान छिड़काव करा सकते हैं।