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त्वचा से गायब हो रही नमी, बढ़ रहा रूखापन
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त्वचा से गायब हो रही नमी, बढ़ रहा रूखापन
बिजनौर। ठंड का मौसम वैसे तो सेहत के लिए बेहतर होता है, लेकिन त्वचा के रोग इसमें होने का खतरा भी रहता है। वजह यह कि वायुमंडल में नमी की कमी हो जाती है और लोग पानी कम पीते हैं। इससे त्वचा में रूखापन होने लगता है। इन दिनों अस्पतालों में त्वचा के फटने सख्त होने, रेशे निकलने खून निकलने की समस्या लेकर बहुत से लोग चिकित्सक के पास आ रहे हैं।
सर्दी के मौसम में त्वचा से नमी गायब हो रही है। प्यास कम लगने से लोगों के पानी का कम सेवन करना खतरनाक हो रहा है। ऐसे में चेहरे पर रूखापन आम बात है। खासकर पैरों की त्वचा सख्त होकर फटने, उसमें दर्द, खुजली होने की समस्या लेकर मरीज चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। एड़ी में फटने के केस भी आम हैं। इस संक्रमण से परेशान लोगों को दिक्कत आ रही है। एलोपैथी एवं होम्योपैथिक चिकित्सक दोनों के यहां पर ही काफी मरीज रहते हैं।
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रस्तोगी के अनुसार पैरों की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस मौसम में शरीर में नमी बनाए रखने की बहुत जरूरत है। कम से कम हर दिन पांच लीटर पानी का सेवन करें, जिससे त्वचा में रूखापन न आए। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. नवनेश कोठारी की सलाह है कि पैरों के तलवों को गुनगुने पानी से साफ करके उसे साफ, नरम कपड़े से सुखाएं। इसके बाद कोई क्रीम या जैल चिकित्सक की सलाह लेकर ही लगाएं। पैरों में मोजे एवं कपड़े के जूते पहनें। साबुन वाले पानी, धूल, मिट्टी में कम से कम जाएं। चेहरे पर समस्या हो तो रात में साफ करके हल्की क्रीम लगाएं, उसे रगड़ें नहीं। यदि चाहें तो देसी तेल में मोम मिलाकर उसका जैल बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे भी त्वचा का रूखापन और इससे संबंधित अन्य समस्याएं दूर हो जाएंगी।
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बिजनौर। ठंड का मौसम वैसे तो सेहत के लिए बेहतर होता है, लेकिन त्वचा के रोग इसमें होने का खतरा भी रहता है। वजह यह कि वायुमंडल में नमी की कमी हो जाती है और लोग पानी कम पीते हैं। इससे त्वचा में रूखापन होने लगता है। इन दिनों अस्पतालों में त्वचा के फटने सख्त होने, रेशे निकलने खून निकलने की समस्या लेकर बहुत से लोग चिकित्सक के पास आ रहे हैं।
सर्दी के मौसम में त्वचा से नमी गायब हो रही है। प्यास कम लगने से लोगों के पानी का कम सेवन करना खतरनाक हो रहा है। ऐसे में चेहरे पर रूखापन आम बात है। खासकर पैरों की त्वचा सख्त होकर फटने, उसमें दर्द, खुजली होने की समस्या लेकर मरीज चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। एड़ी में फटने के केस भी आम हैं। इस संक्रमण से परेशान लोगों को दिक्कत आ रही है। एलोपैथी एवं होम्योपैथिक चिकित्सक दोनों के यहां पर ही काफी मरीज रहते हैं।
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जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रस्तोगी के अनुसार पैरों की सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इस मौसम में शरीर में नमी बनाए रखने की बहुत जरूरत है। कम से कम हर दिन पांच लीटर पानी का सेवन करें, जिससे त्वचा में रूखापन न आए। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. नवनेश कोठारी की सलाह है कि पैरों के तलवों को गुनगुने पानी से साफ करके उसे साफ, नरम कपड़े से सुखाएं। इसके बाद कोई क्रीम या जैल चिकित्सक की सलाह लेकर ही लगाएं। पैरों में मोजे एवं कपड़े के जूते पहनें। साबुन वाले पानी, धूल, मिट्टी में कम से कम जाएं। चेहरे पर समस्या हो तो रात में साफ करके हल्की क्रीम लगाएं, उसे रगड़ें नहीं। यदि चाहें तो देसी तेल में मोम मिलाकर उसका जैल बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे भी त्वचा का रूखापन और इससे संबंधित अन्य समस्याएं दूर हो जाएंगी।
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