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Bijnor News: सहकारी समितियों पर मिलेंगी दवाइयां, पिसेगा गेहूं

Wed, 21 Jun 2023 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Wed, 21 Jun 2023 12:40 AM IST
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Medicines will be available on cooperative societies, wheat will be grinded
- समितियों पर होगी मसालों और अन्य खाद्यान्न की पिसाई
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- किसानों की उपज का भंडारण भी होगा, समितियों से मांगे गए हैं प्रस्ताव





बिजनौर। जल्द ही सहकारी समितियों पर दवाइयां मिलनी शुरू होंगी। समितियों पर मसाले पिसेंगे और खाद्यान्न की पिसाई होगी। किसानों की उपज का भंडारण होगा। सहकारी समितियों में इस तरह के 10 से अधिक व्यवसाय होंगे। समितियों से व्यवसाय का चयन करने के बारे में प्रस्ताव मांगे गए हैं। सहायक निबंधक सहकारी समितियां डॉ. प्रदीप कुमार सिंह के अनुसार क्रियान्वयन की योजना तैयार है।



सहकारी समितियां अभी तक किसानों तक ही सीमित हैं। सहकारी समितियों पर खाद, बीज की बिक्री होती है। किसानों को फसली ऋण दिया जाता है। परंतु अब सहकारी समितियों को बहुउद्देशीय बनाया जा रहा है। इस पर अमल शुरू हो गया है। जिले में 96 सहकारी समितियां हैं। जिन पर ग्रामीणों को जल्द ही जनसामान्य से जुड़े कामकाज होते नजर आएंगे।
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जानकारी के अनुसार ग्रामीणों को घर बैठे ही रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली वस्तुएं सहकारी समिति पर ही मिलेगी। शासन के निर्देश पर समितियों पर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार करीब एक दर्जन व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं। सहायक निबंधक के अनुसार कार्यों की सूची समितियों को भेज दी गई है।
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ये शुरू होंगे व्यवसाय



जिले में 96 प्रारंभिक सहकारी समितियां अर्थात पैक्स हैं। सभी समितियों के पास गोदाम एवं भूमि है। जिन समितियों के अपने गोदाम नहीं हैं वहां गोदाम बनेंगे। समितियां अभी खाद, बीज बिक्री व ऋण दे रही हैं। समितियां सरकारी गेहूं खरीद, धान खरीद का कार्य करती हैं। किसानों को कृषि यंत्र किराए पर देती हैं। परंतु अब समितियों के कार्यक्षेत्र में विस्तार किया जा रहा है। समितियों पर दवाई बिकेंगी। ग्रामीणों को उचित गुणवत्तायुक्त दवाई सही रेट पर मिलेंगी। आटा चक्की लगेंगी, मसाले पीसे जाएंगे। चावल निकलने अर्थात धान कुटाई की मशीन लगेंगी। सरसों की पेराई होगी। ग्रामीणों की छोटे-छोटे कामों के लिए शहर की भाग दौड़ बचेगी और पैसे की बचत होगी। समितियों से व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं। प्रस्ताव बोर्ड अर्थात संचालक मंडल से पारित कराकर भेजना है। समितियों पर दवाई की बिक्री के लिए प्रशिक्षित योग्यताधारी युवक नियुक्त होंगे। समितियों का काम धंधा बढ़ेगा तो स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।








भंडारण से फसल की बर्बादी रुकेगी



सहायक निबंधक के अनुसार जिले में लघु एवं मध्यम किसानों की संख्या अधिक है। अधिकांश किसानों के पास अपनी जींस के भंडारण की व्यवस्था नहीं होती है। इसलिए किसान बरसात या अन्य कारणों से जिंसों की बर्बादी के डर से खाद्यान्न जल्द बेचने को मजबूर होता है। शासन किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से उपज भंडारण की सुविधा प्रदान करेगा। जिले की 96 समितियों में भंडार अर्थात गोदाम होंगे।
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