शबद-कीर्तन कर संगत को किया निहाल
स्योहारा। सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी का 355वा प्रकाशोत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया गया। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में इस अवसर पर गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ का समापन किया गया। बाहर से आए रागी सरदार टीकम सिंह ने गुरु गोबिंद सिंह जी के शबद विचित्र नाटक का गायन कर संगत को निहाल किया।
सेक्रेटरी सरदार प्रतिपाल सिंह तथा सरदार सुरेंद्र सिंह खालसा ने गुरु इतिहास बताए हुए गुरु गोबिंद सिंह जी उपलब्धियों को विस्तार से बताया। गुरु गोबिंद सिंह ने सिख समुदाय को एकजुट करके ‘खालसा पंथ’ की स्थापना की। कीर्तन और अरदास की गई। नगर कीर्तन में सहयोग करने वाले व्यापारी नेता अरुण कुमार वर्मा, संजय जैन, कांता प्रसाद पुष्पक, नजम सिद्दीकी आदि को सम्मानित किया गया। संरक्षक डॉ. एचएस कालरा, रविंदर सिंह, कुलवंत सिंह, अवतार सिंह गोल्डी, अरविंदर सिंह काके, बलवीर सिंह, जसवीर सिंह, कुलदीप कौर, तरनजीत कौर, गुरदीप कौर, शानू, अनिल जुनैजा आदि रहे।