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राष्ट्रीय लोक अदालत में 3637 वादों का हुआ निस्तारण
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बिजनौर जजी परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालते में उमड़ी भीड़।
- फोटो : BIJNOR
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बिजनौर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 3637 वादों का निस्तारण किया गया।
प्राधिकरण के सचिव जज विमल त्रिपाठी के अनुसार जिला जज जयश्री आहूजा ने 47 वादों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी जज अशोक कुमार सिंह ने मोटर दुर्घटना के 31 वादों का निस्तारण करते हुए 15115000 रुपये की धनराशि मोटर दुर्घटना प्रतिकर के रूप में दिलवाई। अतिरिक्त न्यायधीश आरके कौशिक द्वारा चैक बाउंस के 45 वादों का निस्तारण किया गया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश चंपत सिंह ने 36 एवं अतिरिक्त परिवार प्रधान न्यायाधीश चित्रा शर्मा ने 58 वादों का निस्तारण किया। एडीजे की कोर्ट से 235 वाद निस्तारित हुए। सीजेएम ने 742 वाद निस्तारित किए। सिविल 142 वादों का निपटारा किया गया। नजीबाबाद में 203 वादों, नगीना में एसीजेएम द्वारा 238 वादों, सिविल जज जूनियर डिवीजन नगीना द्वारा 97 वाद और सिविल जज जूनियर डिवीजन चांदपुर ने 65 वादों का निस्तारण किया।
जिला प्रशासन से संबंधित न्यायालयों में 1107 वादों का निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी रामाकांत पांडेय द्वारा कलक्ट्रेट स्थित अपने न्यायालय कक्ष में प्रस्तुत 45 वादों का निस्तारण किया गया। बैंकों द्वारा बैंक रिकवरी के 517 वादों का निस्तारण करते हुए 4.33 करोड़ रुपये के बकाया ऋण वसूलने का समझौता किया गया। इस अवसर पर एडीजे संजीव पांडेय, नोडल अधिकारी जज सुनील कुमार, एडीजे राजकुमार बंसल, एडीजे ओपी वर्मा, एसीजेएम रचना सिंह, एडीजे कचंन मौजूद रहे।
कुलदीप सिंह
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प्राधिकरण के सचिव जज विमल त्रिपाठी के अनुसार जिला जज जयश्री आहूजा ने 47 वादों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी जज अशोक कुमार सिंह ने मोटर दुर्घटना के 31 वादों का निस्तारण करते हुए 15115000 रुपये की धनराशि मोटर दुर्घटना प्रतिकर के रूप में दिलवाई। अतिरिक्त न्यायधीश आरके कौशिक द्वारा चैक बाउंस के 45 वादों का निस्तारण किया गया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश चंपत सिंह ने 36 एवं अतिरिक्त परिवार प्रधान न्यायाधीश चित्रा शर्मा ने 58 वादों का निस्तारण किया। एडीजे की कोर्ट से 235 वाद निस्तारित हुए। सीजेएम ने 742 वाद निस्तारित किए। सिविल 142 वादों का निपटारा किया गया। नजीबाबाद में 203 वादों, नगीना में एसीजेएम द्वारा 238 वादों, सिविल जज जूनियर डिवीजन नगीना द्वारा 97 वाद और सिविल जज जूनियर डिवीजन चांदपुर ने 65 वादों का निस्तारण किया।
जिला प्रशासन से संबंधित न्यायालयों में 1107 वादों का निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी रामाकांत पांडेय द्वारा कलक्ट्रेट स्थित अपने न्यायालय कक्ष में प्रस्तुत 45 वादों का निस्तारण किया गया। बैंकों द्वारा बैंक रिकवरी के 517 वादों का निस्तारण करते हुए 4.33 करोड़ रुपये के बकाया ऋण वसूलने का समझौता किया गया। इस अवसर पर एडीजे संजीव पांडेय, नोडल अधिकारी जज सुनील कुमार, एडीजे राजकुमार बंसल, एडीजे ओपी वर्मा, एसीजेएम रचना सिंह, एडीजे कचंन मौजूद रहे।
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कुलदीप सिंह