{"_id":"64cd356a974819fe76015bb6","slug":"location-found-in-sikandarpur-team-deployed-on-scaffolding-bijnor-news-c-27-1-smrt1004-8417-2023-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: बिजनौर - सिकंदरपुर में मिली लोकेशन, मचान पर टीम तैनात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: बिजनौर - सिकंदरपुर में मिली लोकेशन, मचान पर टीम तैनात
Fri, 04 Aug 2023 10:59 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 04 Aug 2023 10:59 PM IST
विज्ञापन
कोतवाली देहात के गांव सिंकदरपुर में बनाई जा रही मचान। स्रोत वन विभाग।
- सिंकदरपुर में दो अगस्त को गुलदार ने वृद्ध को मारा था
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। वन विभाग ने जिले के 12 गांवों को संवेदनशील घोषित कर वहां 12 टीमों को रवाना कर दिया। शुक्रवार को वन विभाग का कांबिंग अभियान स्थगित रहा, वहीं सिकंदरपुर में नरभक्षी गुलदार की लोकेशन मिली है। वहां मचान बनाकर ट्रैंकुलाइज विशेषज्ञ चिकित्सक और शूटर तैनात कर दिए गए हैं।
कोतवाली देहात के गांव सिकंदरपुर में दो अगस्त को गुलदार ने एक वृद्ध को मार डाला था। घटना के बाद वन विभाग को करीब 200 मीटर तक उसके पगचिह्न भी मिले थे। शुक्रवार शाम ग्रामीणों को एक खेत में गुलदार के गुर्राने की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंची टीम ने खेत के पास एक मचान बना दिया और उस पर ट्रैंकुलाइज विशेषज्ञ चिकित्सक, हथियारधारी वनकर्मी और पुलिसकर्मी तैनात किए जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि रात में मचान के पास बांधी गई बकरी को खाने के लिए गुलदार आता है तो उसे ट्रैंकुलाइज कर दिया जाएगा।
एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि अलीपुर जट, सिकंदरपुर, अकबराबाद, बेगमपुर शादिक, भुजपुर नैनसिंह, देहलावाला, भट्टपुरा, बादशाहपुर, मुस्सेपुर, शाहपुर जमाल, कासमपुर गढ़ी में टीम रवाना हो चुकी है। 12 सदस्य टीम गुलदार को पकड़ने और मारने दोनों इंतजाम से लैस की गई है।
विज्ञापन
शूटर हैं नहीं, केवल ट्रैंकुलाइज टीम के भरोसे अभियान
इस समय गुलदार को पकड़ने या मारने के लिए वन विभाग ने पूरा अमला उतार दिया। बिजनौर से लेकर लखनऊ तक के अफसर बिजनौर पहुंच गए हैं। ऐसे में इनके अभियान और टीम पर नजर डालें तो पूरा जोर गुलदार को पकड़ने पर ही नजर आ रहा है। ट्रैंकुलाइज न होने की स्थिति में गुलदार को मारने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। शुक्रवार को जिले में प्रधान मुख्य वन संरक्षक लखनऊ, तीन मंडलों के मुख्य वन संरक्षक, करीब पांच जिलों के डीएफओ के साथ 12 गांवों में 12 टीमें उतार दी गई। इंतजाम की बात करें तो संसाधन गुलदार से निपटने के लिए पर्याप्त नजर नहीं आ रहे हैं। संसाधनों को देख लग रहा है कि केवल गुलदार को पकड़ने के इंतजाम किए गए हैं। किसान यूनियन भी लगातार अफसरों पर गुलदार को मारने के लिए शूटर बुलाने की मांग कर रही है।
अभियान में लगी टीम के पास संसाधन
वन विभाग ने जिन संवेदनशील गांवों में टीम भेजी हैं, उन टीम के पास दो असलाह, पांच खावड जाल, एक ड्रोन कैमरा, एक ट्रैंकुलाइज गन, एक फोर इनटू फोर वाहन, पांच स्टिक, मचान बनाने को 12 बल्ली संसाधन दिए गए हैं।
रेंज में वाहन नहीं, कहां से लाए फोर इनटू फोर वाहन
कमाल यह है कि टीम में शामिल किए गए रेंजर को फोर इनटू फोर वाहन लाने के लिए तो कहा गया है, पर रेंज में ऐसे वाहन ही नहीं हैं। बिजनौर रेंज में तो सरकारी जीप भी खराब हो गई है। ऐसे में यह संसाधन कहां से मिलेंगे, यह बड़ा सवाल उठ रहा है।
घेराव के चलते अभियान रहा स्थगित
शुक्रवार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक जिले में आए तो सुबह मीटिंग का दौर चला। इसके बाद टीमें अभियान में लगती तो इससे पहले किसानों ने घेराव कर दिया। करीब चार घंटे किसानों के विरोध में ही बीत गए। जिले और बाहर से आए वन अफसरों को भी इस विरोध का सामना करना पड़ा, जिस कारण तय की गई जगहों पर कांबिंग अभियान नहीं चल सका।
विज्ञापन
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। वन विभाग ने जिले के 12 गांवों को संवेदनशील घोषित कर वहां 12 टीमों को रवाना कर दिया। शुक्रवार को वन विभाग का कांबिंग अभियान स्थगित रहा, वहीं सिकंदरपुर में नरभक्षी गुलदार की लोकेशन मिली है। वहां मचान बनाकर ट्रैंकुलाइज विशेषज्ञ चिकित्सक और शूटर तैनात कर दिए गए हैं।
कोतवाली देहात के गांव सिकंदरपुर में दो अगस्त को गुलदार ने एक वृद्ध को मार डाला था। घटना के बाद वन विभाग को करीब 200 मीटर तक उसके पगचिह्न भी मिले थे। शुक्रवार शाम ग्रामीणों को एक खेत में गुलदार के गुर्राने की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंची टीम ने खेत के पास एक मचान बना दिया और उस पर ट्रैंकुलाइज विशेषज्ञ चिकित्सक, हथियारधारी वनकर्मी और पुलिसकर्मी तैनात किए जा रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि रात में मचान के पास बांधी गई बकरी को खाने के लिए गुलदार आता है तो उसे ट्रैंकुलाइज कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि अलीपुर जट, सिकंदरपुर, अकबराबाद, बेगमपुर शादिक, भुजपुर नैनसिंह, देहलावाला, भट्टपुरा, बादशाहपुर, मुस्सेपुर, शाहपुर जमाल, कासमपुर गढ़ी में टीम रवाना हो चुकी है। 12 सदस्य टीम गुलदार को पकड़ने और मारने दोनों इंतजाम से लैस की गई है।
विज्ञापन
शूटर हैं नहीं, केवल ट्रैंकुलाइज टीम के भरोसे अभियान
इस समय गुलदार को पकड़ने या मारने के लिए वन विभाग ने पूरा अमला उतार दिया। बिजनौर से लेकर लखनऊ तक के अफसर बिजनौर पहुंच गए हैं। ऐसे में इनके अभियान और टीम पर नजर डालें तो पूरा जोर गुलदार को पकड़ने पर ही नजर आ रहा है। ट्रैंकुलाइज न होने की स्थिति में गुलदार को मारने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। शुक्रवार को जिले में प्रधान मुख्य वन संरक्षक लखनऊ, तीन मंडलों के मुख्य वन संरक्षक, करीब पांच जिलों के डीएफओ के साथ 12 गांवों में 12 टीमें उतार दी गई। इंतजाम की बात करें तो संसाधन गुलदार से निपटने के लिए पर्याप्त नजर नहीं आ रहे हैं। संसाधनों को देख लग रहा है कि केवल गुलदार को पकड़ने के इंतजाम किए गए हैं। किसान यूनियन भी लगातार अफसरों पर गुलदार को मारने के लिए शूटर बुलाने की मांग कर रही है।
अभियान में लगी टीम के पास संसाधन
वन विभाग ने जिन संवेदनशील गांवों में टीम भेजी हैं, उन टीम के पास दो असलाह, पांच खावड जाल, एक ड्रोन कैमरा, एक ट्रैंकुलाइज गन, एक फोर इनटू फोर वाहन, पांच स्टिक, मचान बनाने को 12 बल्ली संसाधन दिए गए हैं।
रेंज में वाहन नहीं, कहां से लाए फोर इनटू फोर वाहन
कमाल यह है कि टीम में शामिल किए गए रेंजर को फोर इनटू फोर वाहन लाने के लिए तो कहा गया है, पर रेंज में ऐसे वाहन ही नहीं हैं। बिजनौर रेंज में तो सरकारी जीप भी खराब हो गई है। ऐसे में यह संसाधन कहां से मिलेंगे, यह बड़ा सवाल उठ रहा है।
घेराव के चलते अभियान रहा स्थगित
शुक्रवार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक जिले में आए तो सुबह मीटिंग का दौर चला। इसके बाद टीमें अभियान में लगती तो इससे पहले किसानों ने घेराव कर दिया। करीब चार घंटे किसानों के विरोध में ही बीत गए। जिले और बाहर से आए वन अफसरों को भी इस विरोध का सामना करना पड़ा, जिस कारण तय की गई जगहों पर कांबिंग अभियान नहीं चल सका।