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किसान सेवा सहकारी समिति ने बकाएदारों पर कसा शिकंजा

Fri, 08 Nov 2019 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Nov 2019 11:48 PM IST
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Kisan Sewa Sahakari Samiti tightened its grip on defaulters
किसान सेवा सहकारी समिति ने बकाएदारों पर कसा शिकंजा
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धामपुर। धामपुर किसान सेवा सहकारी समिति ने बकाएदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। किसानों पर समिति के करीब पौने दो करोड़ बकाया है। डिफाल्टर हो चुके किसानों से भी बकाया वसूलने को विभाग के सख्त आदेश हैं। अब तक 230 बकाएदारों को बकाया जमा करने को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। जमा कराने को विभाग की ओर से गांवों में जाकर संपर्क किया जा रहा है।
समिति के एमडी ललित कुमार ने बताया कि धामपुर किसान सेवा समिति का कार्यालय गांव जैतरा में स्थित है। किसानों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। इसके लिए विभाग की ओर से समिति को नौ डायरेक्टर जोन में विभक्त कर रखा है। इन जोन में ऊमरी, ढक्काकर्मचंद, अमखेड़ा, जैतरा, भटियाना, बसेड़ा खुर्द, मौहड़ा, मुहम्मदपुर सादा और मौज्जमपुर सूरज शामिल है। इन सभी जोन में कुुल 29 गांव शामिल हैं। समिति में कुल करीब 3648 किसान खातेधारक हैं। इनमें से करीब 550 किसान समिति के बकाएदार हैं। 419 बकाएदार पुराने सत्रों के हैं जबकि 136 वर्तमान के हैं। इन सभी बकाएदारों पर करीब पौने दो करोड़ की बताया है। इनमें से 80 बकाएदार डिफाल्टर श्रेणी में हैं। इन डिफाल्टरों पर करीब 56 लाख रुपये से ज्यादा की बकाया है। समिति का काम ऋण के आधार पर खाद बीज उपलब्ध कराना रहता है। समिति की ओर से कुल मिलाकर अब तक 230 बकाएदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। हिदायत दी है कि यदि उनके द्वारा नोटिस प्राप्ति के 15 दिन के भीतर बकाया जमा नहीं किया गया तो उनकी चल और अचल संपत्ति से वसूली करने को आरसी काटकर तहसील को भेजी जाएगी। प्रेरित करने के बाद भी किसान बकाया को जमा नहीं कर रहे हैं।
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खाद बीज का कोई टोटा नहीं: एमडी
एमडी ने बताया कि समिति में गेहूं की बुवाई के लिए बीज और खाद का कोई टोटा नहीं है। पर्याप्त मात्रा में गेहूं की बीज और खाद उपलब्ध है। विभाग की ओर से समिति को 30 क्विंटल अगेती प्रजाति का 2967 एचडी किस्म का बीज उपलब्ध कराया गया है। बीज का रेट 3300 रुपये प्रति क्विटंल है। अधिकारियों ने बताया कि बीज तो आ गया है, पर किसानों को कितने अनुदान पर उपलब्ध कराया जाएगा, अभी इसके आदेश नहीं है। पिछले साल 50 प्रतिशत का था। उम्मीद है कि इस बार भी यहीं अनुदान होगा। बीज की बिक्री किसान पंजीकरण से होगी। अनुदान की रकम बीज के रेट के पूरे दाम जमा करने के बाद उनके खाते में पहुंचेगी।
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अभी न के बराबर है बिक्री
गोदाम पर यूरिया, डीएपी और एनपीके खाद भरपूर मात्रा में है। इस बार यूरिया का 45 किलो का कट्टा 266.50 रुपये का है। डीएपी का 1200 और एनपीके के कट्टे के दाम 1175 रुपये है। बताया कि समिति गोदाम से गेहूं के बीज और खाद की बिक्री अभी तक न के बराबर हुई है। किसानों को खाद, बीज खरीदने को भी समिति के अधिकारियों की ओर से प्रेरित किया जा रहा है।
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