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Bijnor News: जिंदगी की युवा पिच पर लापरवाही की गुगली से किडनी बोल्ड

Thu, 14 Mar 2024 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 14 Mar 2024 12:24 AM IST
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Kidney bowled by careless googly on the young pitch of life
विश्व किडनी दिवस पर विशेष
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- युवावस्था में ही बढ़ रही किडनी फेल होने की समस्या
-आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही हर साल मेडिकल अस्पताल में डायलिसिस कराने वाले की संख्या में
- 25 युवा मेडिकल अस्पताल में किडनी फेल होने पर करा रहे डायलिसिस

संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिंदगी को बेहतर बनाने के चक्कर में लोग बीमारियों पर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसी का नतीजा है कि कम उम्र में ही युवाओं को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटिज जैसी गंभीर बीमारी घेर रही है। लापरवाही बरतने पर किडनी फेल होने की समस्या भी बढ़ रही है। मेडिकल अस्पताल में किडनी फेल होने वाले 25 युवाओं की डायलिसिस चल रही है।

विश्व किडनी दिवस आज मनाया जा रहा है। बिगड़ते खानपान की वजह से कम उम्र में ही किडनी भी साथ छोड़ रही है। चिकित्सक डॉ. आरएस वर्मा का कहना है कि गलत खानपान की वजह सेे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटिज, शराब, तंबाकू के अधिक सेवन से परेशानी बढ़ रही है। किडनी खराब होने से एरिथ्रोपोइटिन हार्मोन बनना कम हो जाता है। इससे हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता है। इसकी वजह से किडनी फेल होने की संभावना बढ़ती है।
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मेडिकल अस्पताल में स्थित डायलिसिस यूनिट के डायलिसिस टेक्नीशियन गोरव शर्मा ने बताया कि मेडिकल अस्पताल में डायलिसिस कराने वाले की संख्या में हर साल आठ प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। अस्पताल में रोजाना 26 मरीजों तक की डायलिसिस की जा रही है।
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मेडिकल अस्पताल में 66 मरीजों की हो रही डायलिसिस
मेडिकल अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में 66 मरीज पंजीकृत हैं। इनमें 48 मरीज निगेटिव और 18 पॉजिटिव हैं। डायलिसिस यूनिट में सात मशीनें हैं। इसमें दो पॉजिटिव और पांच निगेटिव मशीन शामिल हैं। डायलिसिस करके मरीज के अंदर से अशुद्ध पदार्थों को बाहर निकाला जाता है। रक्त को मशीन से साफ कर वापस शरीर में भेजा जाता है।

केस नंबर एक
नगीना निवासी एजाज (29) पुत्र अबरार पिछल छह वर्षो से डायलिसिस करा रहा है। एजाज ने बताया कि साल 2017 में उसे डेंगू हुआ था। दवाई खाने के बाद डेंगू तो ठीक हो गया, लेकिन किडनी की समस्या बढ़ गई है। पेशाब में चर्बी जाने लगी थी। जांच कराई तब तक 50 प्रतिशत किडनी खराब हो गई थी।

केस नंबर दो
नजीबाबाद के गांव मोहम्मद अली उर्फ खानपुर निवासी संजीव (28) पुत्र रामअवतार ने बताया कि वह अक्तूबर 2023 से डायलिसिस पर है। उसका एक बार ब्लडप्रेशर बहुत बढ़ गया था। दवाई लेेने के बाद वह ठीक हो गया। मगर, फिर किडनी में परेशानी होने लगी।


किडनी खराब होने के लक्षण

- जल्दी थकावट महसूस करना

- पैर पर सूजन आना
- आंखों के नीचे सूजन आना
- बार-बार पेशाब आना

- पेशाब झागदार होना
- उल्टी आना
- भूख में कमी आना


किडनी का ऐसे करें बचाव

- शुगर नियंत्रित रखें
- नमक का प्रयोग कम करें
- नियमित व्यायाम करें
- दर्द निवारक गोलियों का ज्यादा सेवन न करें
- चिकित्सक से परामर्श लेकर दवाई लें

युवाओं में शराब, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटिज की वजह से किडनी खराब होने की अधिक समस्या आ रही है। इसकी वजह से किडनी सही से अपशिष्ट पदार्थो पृथक्करण नहीं कर पाती है। युवाओं को नियमित व्यायाम कर खानपान का ध्यान रखना चाहिए। - डॉ. नेहा जैन, नेफ्रोलॉजिस्ट, बिजनौर
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