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जायरीनों के आने का सिलसिला शुरू
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Updated Thu, 26 May 2016 12:26 AM IST
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नजीबाबाद की जोगीरम्पुरी दरगाह पर जायरीनों के लिए लगे तंबू।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनाैर के नजीबाबाद क्षेत्र में दरगाह पर चार रोजा सालाना मजलिसों में शिरकत के लिए दूरदराज से जायरीन दरगाह पहुंच रहे हैं। मौला अली की बारगाह में नजराना-ए-अकीदत पेश कर मन्नतें मांगने का सिलसिला शुरू हो गया है। उधर, नजीबाबाद स्टेशन पर शिया वेलफेयर सोसाइटी ने जायरीनों के लिए पेयजल शिविर लगाया है।
जोगीरम्पुरी दरगाह परिसर में बृहस्पतिवार (आज) तड़के से पूरा वातावरण गमगीन हो जाएगा। या अली मौला अली, मुश्किल कुशा मौला अली की गूंज के साथ सैकड़ों जायरीन बुधवार की शाम तक दरगाह पहुंच चुके थे। बृहस्पतिवार की तड़के आठ बजे से दरगाह के नवनिर्मित शमशुल हसन हॉल से मातमी मजलिसों का सिलसिला शुरू होगा।
नोहा ख्वानी और मर्सिया ख्वानी के साथ मातमी जुलूस बरामद होंगे। मजलिसों में वाकयाते करबला के साथ हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत का जिक्र चलने से दरगाह परिसर चारों दिन रंजोगम में डूबा रहेगा।
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जोगीरम्पुरी दरगाह परिसर में बृहस्पतिवार (आज) तड़के से पूरा वातावरण गमगीन हो जाएगा। या अली मौला अली, मुश्किल कुशा मौला अली की गूंज के साथ सैकड़ों जायरीन बुधवार की शाम तक दरगाह पहुंच चुके थे। बृहस्पतिवार की तड़के आठ बजे से दरगाह के नवनिर्मित शमशुल हसन हॉल से मातमी मजलिसों का सिलसिला शुरू होगा।
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नोहा ख्वानी और मर्सिया ख्वानी के साथ मातमी जुलूस बरामद होंगे। मजलिसों में वाकयाते करबला के साथ हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत का जिक्र चलने से दरगाह परिसर चारों दिन रंजोगम में डूबा रहेगा।
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