{"_id":"e912197f97308aa00a834e1a857c2b86","slug":"japanese-insifilaitis-the-knock-at-the-bijnor-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जापानी इंसिफिलाइटिस ने बिजनौर में दी दस्तक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जापानी इंसिफिलाइटिस ने बिजनौर में दी दस्तक
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 12 Sep 2015 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। जापानी इंसिफिलाइटिस यानि दिमागी बुखार ने बिजनौर मेें दस्तक दे दी है। इससे पीड़ित महिला टीचर को गंभीर हालत में मेरठ के निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। जापानी इंसिफिलाइटिस का केस बिजनौर में पहली बार मिला है।
सूचना पर विभाग के हाथ पैर फूले हैं। मंडावर रोड स्थित राणा एंकलेव निवासी प्रशांत चौधरी व उनकी पत्नी प्रगति सिंह प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं। करीब पांच दिन पूर्व प्रगति सिंह को बुखार होने व गर्दन में अकड़न, सिर दर्द होने पर निजी चिकित्सक को दिखाया गया। आराम न होने पर परिजनों ने उन्हें चार दिन पूर्व मेरठ स्थित धनवंतरी हास्पिटल में भर्ती कराया।
वहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई। चिकित्सकों ने उनके ब्लड की जांच कराई, तो जांच में उन्हें जापानी इंसिफिलाइटिस की पुष्टि हुई। उपचार के बाद भी अभी उनके स्वास्थ्य में पूरी तरह से सुधार नहीं है। प्रगति सिंह के पति प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें जापानी इंसिफिलाइटिस बताया है।
विज्ञापन
पूर्वी जिलों फैला है जापानी इंसिफिलाइटिस:
जापानी इंसिफिलाइटिस पूर्वी जिले में अधिक फैलता है। गोरखपुर, बहराइच, बांदा आदि ऐसे जिले हैं, जहां पर यह आम बीमारी की तरह होता। पश्चिमी यूपी में यदा कदा ही कोई केेेस देखने को मिलता है। बिजनौर में पिछले एक दशक में यह पहला केस है।
जापानी इंसिफिलाइटिस के लक्षण:
जापानी इंसिफिलाइटिस एक मच्छर के काटने से फैलता है। इसमें मरीज को तेज बुखार, गर्दन में अकड़न, सिर में तेज दर्द, सिर चकराना, मस्तिष्क की नसों में सूजन आदि प्रमुख लक्षण हैं। सीएमओ डॉ. मनमोहन अग्रवाल का कहना है कि जिले में जापानी इंसिफिलाइटिस की मरीज का मिलना गंभीर बात है।
लेकिन मरीज की जांच रिपोर्ट देखे बिना कुछ नहीं कहा जा सकता है। वह किसी को भेजकर मरीज की जांच रिपोर्ट दिखवाएंगे। इसके बाद ही कुछ बता सकते हैं।
विज्ञापन
सूचना पर विभाग के हाथ पैर फूले हैं। मंडावर रोड स्थित राणा एंकलेव निवासी प्रशांत चौधरी व उनकी पत्नी प्रगति सिंह प्राइमरी स्कूल में टीचर हैं। करीब पांच दिन पूर्व प्रगति सिंह को बुखार होने व गर्दन में अकड़न, सिर दर्द होने पर निजी चिकित्सक को दिखाया गया। आराम न होने पर परिजनों ने उन्हें चार दिन पूर्व मेरठ स्थित धनवंतरी हास्पिटल में भर्ती कराया।
विज्ञापन
वहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई। चिकित्सकों ने उनके ब्लड की जांच कराई, तो जांच में उन्हें जापानी इंसिफिलाइटिस की पुष्टि हुई। उपचार के बाद भी अभी उनके स्वास्थ्य में पूरी तरह से सुधार नहीं है। प्रगति सिंह के पति प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें जापानी इंसिफिलाइटिस बताया है।
विज्ञापन
पूर्वी जिलों फैला है जापानी इंसिफिलाइटिस:
जापानी इंसिफिलाइटिस पूर्वी जिले में अधिक फैलता है। गोरखपुर, बहराइच, बांदा आदि ऐसे जिले हैं, जहां पर यह आम बीमारी की तरह होता। पश्चिमी यूपी में यदा कदा ही कोई केेेस देखने को मिलता है। बिजनौर में पिछले एक दशक में यह पहला केस है।
जापानी इंसिफिलाइटिस के लक्षण:
जापानी इंसिफिलाइटिस एक मच्छर के काटने से फैलता है। इसमें मरीज को तेज बुखार, गर्दन में अकड़न, सिर में तेज दर्द, सिर चकराना, मस्तिष्क की नसों में सूजन आदि प्रमुख लक्षण हैं। सीएमओ डॉ. मनमोहन अग्रवाल का कहना है कि जिले में जापानी इंसिफिलाइटिस की मरीज का मिलना गंभीर बात है।
लेकिन मरीज की जांच रिपोर्ट देखे बिना कुछ नहीं कहा जा सकता है। वह किसी को भेजकर मरीज की जांच रिपोर्ट दिखवाएंगे। इसके बाद ही कुछ बता सकते हैं।