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स्कूलों में नहीं पहुंचीं आयरन की गोलियां
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 06 May 2017 12:20 AM IST
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बिजनौर में स्वास्थ्य विभाग के साप्ताहिक आयरन एवं फोलिक एसिड संपूर्ण कार्यक्रम कागजों में दौड़ रहा है। स्कूलों में कार्यक्रम के लिए निपी (नेशनल आयरन प्लस इनिसेटिव) रजिस्टर भी चार महीने बाद भेज दिए गए हैं। पर अभी तक गोलियों को कोई अतापता नहीं है। स्कूलों में पंजीकृत करीब ढाई लाख बच्चों को प्रत्येक सप्ताह गोलियां खिलाई जानी हैं और उसका विवरण निपी रजिस्टर में रखना है। एक महीने में करीब 40 लाख गोलियां बच्चों के लिए स्कूलों में भेजी जानी थीं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में साप्ताहिक आयरन एवं फोलिक एसिड संपूर्ण कार्यक्रम के लिए निपी रजिस्टर भेजे गए हैं। निपी रजिस्टर के अनुसार कार्यक्रम एक जनवरी से चलना था, पर चार महीने बीतने के बाद स्वास्थ्य विभाग को स्कूलों में निपी रजिस्टर भेजने की याद आई। एक से तीन मार्च तक जिले के ढाई हजार स्कूलों को निपी रजिस्टर भेज दिए गए। प्रत्येक स्कूल में पांच-पांच निपी रजिस्टर भेजे गए हैं। निपी रजिस्टर को देखने से लगता है कि प्रत्येक सप्ताह में बच्चों को एक-एक आयरन की गोली खिलाई जानी है।
जिले में करीब ढाई हजार स्कूल हैं। इन स्कूलों में करीब ढाई लाख बच्चे पंजीकृत हैं। ऐसे में एक महीने में करीब 40 लाख गोलियां बच्चों को खिलाने के लिए उपलब्ध कराई जानी थी, पर अभी तक बच्चों के लिए स्कूलों में आयरन की गोली नहीं भेजी गई है। आयरन की गोली स्कूलों में कब आएगी, शिक्षकों को कुछ पता नहीं है। दूसरी ओर, खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की ओर से आए निपी रजिस्टर स्कूलों में भेज दिए गए हैं। उन्होंने एलबेंडाजोल की गोली बच्चों को खिलाने की पुष्टि की है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में साप्ताहिक आयरन एवं फोलिक एसिड संपूर्ण कार्यक्रम के लिए निपी रजिस्टर भेजे गए हैं। निपी रजिस्टर के अनुसार कार्यक्रम एक जनवरी से चलना था, पर चार महीने बीतने के बाद स्वास्थ्य विभाग को स्कूलों में निपी रजिस्टर भेजने की याद आई। एक से तीन मार्च तक जिले के ढाई हजार स्कूलों को निपी रजिस्टर भेज दिए गए। प्रत्येक स्कूल में पांच-पांच निपी रजिस्टर भेजे गए हैं। निपी रजिस्टर को देखने से लगता है कि प्रत्येक सप्ताह में बच्चों को एक-एक आयरन की गोली खिलाई जानी है।
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जिले में करीब ढाई हजार स्कूल हैं। इन स्कूलों में करीब ढाई लाख बच्चे पंजीकृत हैं। ऐसे में एक महीने में करीब 40 लाख गोलियां बच्चों को खिलाने के लिए उपलब्ध कराई जानी थी, पर अभी तक बच्चों के लिए स्कूलों में आयरन की गोली नहीं भेजी गई है। आयरन की गोली स्कूलों में कब आएगी, शिक्षकों को कुछ पता नहीं है। दूसरी ओर, खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग की ओर से आए निपी रजिस्टर स्कूलों में भेज दिए गए हैं। उन्होंने एलबेंडाजोल की गोली बच्चों को खिलाने की पुष्टि की है।
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