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ऑर्गेनिक ड्रैगन फ्रूट की खेती कर बढ़ाई आय
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बिजनौर में प्रगतिशील किसान को सम्मानित करते डीएम उमेश मिश्रा।
- फोटो : BIJNOR
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आर्गेनिक ड्रैगन फ्रूट की खेती कर बढ़ाई आय
बिजनौर। तकनीकी व नवाचार का सहारा लेकर किसान ऋतुराज ने खेती को फायदे का सौदा बना दिया। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती कर जिले में पहचान बनाई और अपनी आय भी बढ़ा ली है। वह अपना ड्रैगन फ्रूट लोकल बाजार से अन्य शहरों व राज्यों में आपूर्ति कर रहे हैं। उत्कृष्ट कार्य करने पर डीएम ने किसान को सम्मानित किया।
विकास खंड नहटौर के गांव उमरी निवासी किसान ऋतुराज पुत्र राजेंद्र सिंह ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने एक एकड़ में आर्गेनिक ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रखी है। उनका उत्पादिक पदार्थ लोकल मार्केट में बिक जाता है। अच्छा दाम पाने के लिए अन्य राज्यों में भी सप्लाई कर देते हैं। ड्रैगन फ्रूट की बाजार में काफी अच्छी डिमांड है। लोकल मार्केट में 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक जाता है। उनके पास 380 ड्रैगन फ्रूट के पोल हैं एक पोल पर चार पौधे लगते हैं। उनके अनुसार साल दर साल पांच वर्षों तक प्रति पोल से उत्पादन बढ़ते हुए 25 से 30 किलो हो जाता है। उन्होंने पिछले वर्ष 308 पोल से एक क्विंटल फल लिया है। ड्रैगन फ्रूट की खेती करने में उनके पिता राजेंद्र सिंह भी उनका सहयोग कर रहे हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कार्यालय में नवाचार के साथ फल की खेती करने वाले किसान ऋतुराज को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपकृषि निदेशक गिरीश चंद, जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा, एसडीओ मनोज रावत एवं आत्मा योजना प्रभारी योगेंद्र सिंह योगी आदि उपस्थित रहे।
जैविक खेती को बनाया लक्ष्य
किसान ऋतुराज ने बताया कि जैविक खेती को उन्होंने अपने जीवन का लक्ष्य बनाया है। वह अपने खेतों में गुड़, शक्कर, सरसों का तेल, उड़द, मूंग, बासमती चावल, शरबती चावल, काला गेहूं, हल्दी आदि आर्गेनिक उत्पादित कर रहे हैं। उन्होंने आर्गेनिक ऑर्चर्ड एलएलपी कंपनी बनाई। अपने उत्पाद को वह पैकिंग करके बेच रहे हैं।
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बिजनौर। तकनीकी व नवाचार का सहारा लेकर किसान ऋतुराज ने खेती को फायदे का सौदा बना दिया। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती कर जिले में पहचान बनाई और अपनी आय भी बढ़ा ली है। वह अपना ड्रैगन फ्रूट लोकल बाजार से अन्य शहरों व राज्यों में आपूर्ति कर रहे हैं। उत्कृष्ट कार्य करने पर डीएम ने किसान को सम्मानित किया।
विकास खंड नहटौर के गांव उमरी निवासी किसान ऋतुराज पुत्र राजेंद्र सिंह ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने एक एकड़ में आर्गेनिक ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रखी है। उनका उत्पादिक पदार्थ लोकल मार्केट में बिक जाता है। अच्छा दाम पाने के लिए अन्य राज्यों में भी सप्लाई कर देते हैं। ड्रैगन फ्रूट की बाजार में काफी अच्छी डिमांड है। लोकल मार्केट में 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक जाता है। उनके पास 380 ड्रैगन फ्रूट के पोल हैं एक पोल पर चार पौधे लगते हैं। उनके अनुसार साल दर साल पांच वर्षों तक प्रति पोल से उत्पादन बढ़ते हुए 25 से 30 किलो हो जाता है। उन्होंने पिछले वर्ष 308 पोल से एक क्विंटल फल लिया है। ड्रैगन फ्रूट की खेती करने में उनके पिता राजेंद्र सिंह भी उनका सहयोग कर रहे हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कार्यालय में नवाचार के साथ फल की खेती करने वाले किसान ऋतुराज को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपकृषि निदेशक गिरीश चंद, जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा, एसडीओ मनोज रावत एवं आत्मा योजना प्रभारी योगेंद्र सिंह योगी आदि उपस्थित रहे।
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जैविक खेती को बनाया लक्ष्य
किसान ऋतुराज ने बताया कि जैविक खेती को उन्होंने अपने जीवन का लक्ष्य बनाया है। वह अपने खेतों में गुड़, शक्कर, सरसों का तेल, उड़द, मूंग, बासमती चावल, शरबती चावल, काला गेहूं, हल्दी आदि आर्गेनिक उत्पादित कर रहे हैं। उन्होंने आर्गेनिक ऑर्चर्ड एलएलपी कंपनी बनाई। अपने उत्पाद को वह पैकिंग करके बेच रहे हैं।
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