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बिजनौर - आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में खादी की महत्वपूर्ण भूमिका : डॉ. नितेश धवन
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बिजनौर के विवेक कॉलेज में आयोजित कार्यकम में छात्राओं को किया गया सम्मानित।
- विवेक कॉलेज में वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन
फोटो-39
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विवेक कॉलेज में वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें खादी कपड़ों के महत्व और भारत के निर्माण में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। छात्र-छात्राओं ने कुटीर उद्योग बनाम पूंजी प्रधान उद्योग व भारत में आर्थिक विकास के लिए गांधीवादी दृष्टिकोण पर विचार रखे। प्रथम स्थान पर गौरी, द्वितीय सुरभी, खुशी तृतीय रहीं। निबंध प्रतियोगिता में सारिका प्रथम रेनू द्वितीय व रेशू मिश्रा तृतीय स्थान पर रहीं।
बुधवार को खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की ओर से कार्यक्रम हुआ। शुभारंभ मुख्य अतिथि खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के निदेशक डॉ. नितेश धवन, कॉलेज के सचिव इंजीनियर दीपक मित्तल तथा सहायक निदेशक मंडलीय कार्यालय मेरठ एचएन मीना ने किया।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में आत्म निर्भर भारत के लिए ग्रामीण उद्यमिता का निर्माण विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। डॉ. नितेश धवन ने कहा कि खादी एक हाथ से काता हुआ और बुना प्राकृतिक रेशे का कपड़ा है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को एमएसएमई की पंजीकरण एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। प्रोफेसर डॉ. एसके जोशी ने कहा कि खादी और गांधी का अटूट संबंध है। सुमन चौधरी ने बताया कि बदलते हुए वैश्वीकरण के दौर में खादी और ग्रामोद्योग का चेहरा भी बदल रहा है। कार्यक्रम में डॉ. निधि शुक्ला, समन्वयक डॉ. जितेन्द्र कुमार वर्मा आदि का सहयोग रहा।
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फोटो-39
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विवेक कॉलेज में वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें खादी कपड़ों के महत्व और भारत के निर्माण में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। छात्र-छात्राओं ने कुटीर उद्योग बनाम पूंजी प्रधान उद्योग व भारत में आर्थिक विकास के लिए गांधीवादी दृष्टिकोण पर विचार रखे। प्रथम स्थान पर गौरी, द्वितीय सुरभी, खुशी तृतीय रहीं। निबंध प्रतियोगिता में सारिका प्रथम रेनू द्वितीय व रेशू मिश्रा तृतीय स्थान पर रहीं।
बुधवार को खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की ओर से कार्यक्रम हुआ। शुभारंभ मुख्य अतिथि खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के निदेशक डॉ. नितेश धवन, कॉलेज के सचिव इंजीनियर दीपक मित्तल तथा सहायक निदेशक मंडलीय कार्यालय मेरठ एचएन मीना ने किया।
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कार्यक्रम के प्रथम सत्र में आत्म निर्भर भारत के लिए ग्रामीण उद्यमिता का निर्माण विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। डॉ. नितेश धवन ने कहा कि खादी एक हाथ से काता हुआ और बुना प्राकृतिक रेशे का कपड़ा है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को एमएसएमई की पंजीकरण एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। प्रोफेसर डॉ. एसके जोशी ने कहा कि खादी और गांधी का अटूट संबंध है। सुमन चौधरी ने बताया कि बदलते हुए वैश्वीकरण के दौर में खादी और ग्रामोद्योग का चेहरा भी बदल रहा है। कार्यक्रम में डॉ. निधि शुक्ला, समन्वयक डॉ. जितेन्द्र कुमार वर्मा आदि का सहयोग रहा।
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