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Bijnor News: कैसे मिटे संक्रमण, दवा में मात्रा से कम एंटीबायोटिक साल्ट
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-जनवरी माह में दो दवा के नमूने आए फेल
-एक टेबलेट और कोल्ड सिरप में मानक के अनुरूप जांच में नहीं मिला साल्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। दवाइयों के नमूने जांच में मानक पर खरे नहीं उतर रहे हैं। मानक के अनुरूप दवा नहीं होने से मरीजों को संक्रमण भी ठीक नहीं हो रहा है। मरीजों को अधिक दवाई का सेवन करना पड़ रहा है। जनवरी माह में दो दवा के नमूने फेल आए हैं। जांच में दवा में मानक के अनुरूप एंटीबायोटिक साल्ट नहीं मिला।
जिले में लगातार एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाइयों के नमूने फेल आ रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साल 2023 में करीब 30 दवाइयों के नमूने जांच में फेल निकले। इनमें मानक के अनुरूप दवा में साल्ट नहीं मिला। इसी बीच अब साल 2024 में जनवरी माह में डैक्ससेफ-ओ टेबलेट का नमूना जांच में अधोमानक निकला। इसमें सेफिक्सिम और ओफ्लोक्सासिन साल्ट का मिश्रण हैं। जांच में सेफिक्सिम मानक से कम निकली। जिसकी वजह से दवा मानक पर खरी नहीं उतरी। इसके अलवा एक कोल्ड सिरप का नमूना जांच में खरा नहीं उतरा। इसमें पैरासिटामोल, सेट्रिजीन सहित अन्य दवा का मिश्रण था। यह भी मानक के अनुरूप नहीं मिली। मेडिकल अस्पताल के डॉ. आरएस वर्मा का कहना है कि अगर किसी दवा में मानक के अनुरूप साल्ट नहीं है। तो मरीजों को बीमारी में आराम नहीं मिलेगा। मर्ज ठीक होने के बजाय बल्कि बढ़ जाएगा।
जिले में लगातार दवाइयों के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। कई एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवा जांच में फेल आ रही है। इसके बाद दवा के नमूने फेल आने पर उनके खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया जा रहा है। दवा के नमूने फेल आने पर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। - उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर
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-एक टेबलेट और कोल्ड सिरप में मानक के अनुरूप जांच में नहीं मिला साल्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। दवाइयों के नमूने जांच में मानक पर खरे नहीं उतर रहे हैं। मानक के अनुरूप दवा नहीं होने से मरीजों को संक्रमण भी ठीक नहीं हो रहा है। मरीजों को अधिक दवाई का सेवन करना पड़ रहा है। जनवरी माह में दो दवा के नमूने फेल आए हैं। जांच में दवा में मानक के अनुरूप एंटीबायोटिक साल्ट नहीं मिला।
जिले में लगातार एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवाइयों के नमूने फेल आ रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साल 2023 में करीब 30 दवाइयों के नमूने जांच में फेल निकले। इनमें मानक के अनुरूप दवा में साल्ट नहीं मिला। इसी बीच अब साल 2024 में जनवरी माह में डैक्ससेफ-ओ टेबलेट का नमूना जांच में अधोमानक निकला। इसमें सेफिक्सिम और ओफ्लोक्सासिन साल्ट का मिश्रण हैं। जांच में सेफिक्सिम मानक से कम निकली। जिसकी वजह से दवा मानक पर खरी नहीं उतरी। इसके अलवा एक कोल्ड सिरप का नमूना जांच में खरा नहीं उतरा। इसमें पैरासिटामोल, सेट्रिजीन सहित अन्य दवा का मिश्रण था। यह भी मानक के अनुरूप नहीं मिली। मेडिकल अस्पताल के डॉ. आरएस वर्मा का कहना है कि अगर किसी दवा में मानक के अनुरूप साल्ट नहीं है। तो मरीजों को बीमारी में आराम नहीं मिलेगा। मर्ज ठीक होने के बजाय बल्कि बढ़ जाएगा।
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जिले में लगातार दवाइयों के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। कई एंटीबायोटिक और दर्द निवारक दवा जांच में फेल आ रही है। इसके बाद दवा के नमूने फेल आने पर उनके खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया जा रहा है। दवा के नमूने फेल आने पर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। - उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर
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