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कैसे निखरेगी खेल प्रतिभा, बिना कोच अभ्यास कर रहे खिलाड़ी
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बिजनौर। खिलाड़ी अपना भविष्य सवांरने के लिए स्टेडियम में प्रैक्टिस करने आते हैं। लेकिन कई खेल ऐसे हैं, जिनमें खिलाड़ियों को उनका द्रोणाचार्य नहीं मिला है। नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में दो साल से हॉकी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल का कोई कोच नहीं है। खिलाड़ी अपना भविष्य सवांरने के लिए खुद ही अभ्यास कर रहे हैं।
कोरोना की वजह से सभी व्यवस्थाएं चरमरा गई थी। ऐसा ही कुछ स्टेडियम में हुआ। कोरोना काल में खिलाड़ी से लेकर कोच तक कोई नहीं आ रहा था। लेकिन जैसे-जैसे कोरोना का मामला शांत हुआ, खिलाड़ियों ने स्टेडियम में आकर प्रैक्टिस करनी शुरू कर दी। मगर अभी तक भी हॉकी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल का स्टेडियम में कोई कोच नहीं है। हॉकी के जूनियर वर्ग में छह और सीनियर वर्ग में एक खिलाड़ी प्रैक्टिस कर रहे हैं। जबकि वॉलीबॉल में जूनियर वर्ग में 15 खिलाड़ी और सीनियर वर्ग में छह खिलाड़ी तैयारी कर रहे हैं। वहीं फुटबॉल में जूनियर वर्ग में 22 खिलाड़ी और सीनियर वर्ग में 15 खिलाड़ी स्टेडियम में तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही बास्केटबॉल के जूनियर और सीनियर वर्ग में तीन-तीन खिलाड़ी तैयारी कर रहे हैं।
पूर्व कोच अजित कुमार और चित्रा चौहान दे रही प्रशिक्षण
स्टेडियम में कोच न होने की वजह से खिलाड़ी को सिखने के काफी दिक्कतें आ रही हैं। लेकिन कभी-कभी पूर्व कोच अजित कुमार और चित्रा चौहान स्टेडियम में आकर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। अजित कुमार के सुपर विजन में खिलाड़ी वॉलीबॉल का अभ्यास कर रहे हैं। जबकि चित्रा चौहान खिलाड़ियों को हॉकी के गुर सिखाती हैं।
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चार बार भेजी जा चुकी है कोच की मांग: जयवीर सिंह
जिला क्रीड़ाधिकारी जयवीर सिंह ने बताया कि कोरोना काल के बाद से स्टेडियम में हॉकी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल का कोई कोच नहीं है। जिसके चलते दो साल में करीब चार बार कोच के लिए डिमांड भेजी जा चुकी है। लेकिन अभी तक स्टेडियम और प्रैक्टिस कर रहे खिलाड़ियों को कोच का इंतजार है।
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कोरोना की वजह से सभी व्यवस्थाएं चरमरा गई थी। ऐसा ही कुछ स्टेडियम में हुआ। कोरोना काल में खिलाड़ी से लेकर कोच तक कोई नहीं आ रहा था। लेकिन जैसे-जैसे कोरोना का मामला शांत हुआ, खिलाड़ियों ने स्टेडियम में आकर प्रैक्टिस करनी शुरू कर दी। मगर अभी तक भी हॉकी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल का स्टेडियम में कोई कोच नहीं है। हॉकी के जूनियर वर्ग में छह और सीनियर वर्ग में एक खिलाड़ी प्रैक्टिस कर रहे हैं। जबकि वॉलीबॉल में जूनियर वर्ग में 15 खिलाड़ी और सीनियर वर्ग में छह खिलाड़ी तैयारी कर रहे हैं। वहीं फुटबॉल में जूनियर वर्ग में 22 खिलाड़ी और सीनियर वर्ग में 15 खिलाड़ी स्टेडियम में तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही बास्केटबॉल के जूनियर और सीनियर वर्ग में तीन-तीन खिलाड़ी तैयारी कर रहे हैं।
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पूर्व कोच अजित कुमार और चित्रा चौहान दे रही प्रशिक्षण
स्टेडियम में कोच न होने की वजह से खिलाड़ी को सिखने के काफी दिक्कतें आ रही हैं। लेकिन कभी-कभी पूर्व कोच अजित कुमार और चित्रा चौहान स्टेडियम में आकर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। अजित कुमार के सुपर विजन में खिलाड़ी वॉलीबॉल का अभ्यास कर रहे हैं। जबकि चित्रा चौहान खिलाड़ियों को हॉकी के गुर सिखाती हैं।
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चार बार भेजी जा चुकी है कोच की मांग: जयवीर सिंह
जिला क्रीड़ाधिकारी जयवीर सिंह ने बताया कि कोरोना काल के बाद से स्टेडियम में हॉकी, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल का कोई कोच नहीं है। जिसके चलते दो साल में करीब चार बार कोच के लिए डिमांड भेजी जा चुकी है। लेकिन अभी तक स्टेडियम और प्रैक्टिस कर रहे खिलाड़ियों को कोच का इंतजार है।