{"_id":"57f94b6f4f1c1b4659271fb4","slug":"hanuman-saved-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजनौर में लंका दहन, लक्ष्मण मूर्छा अौर कुंभकरण वध का मंचन किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजनौर में लंका दहन, लक्ष्मण मूर्छा अौर कुंभकरण वध का मंचन किया
Updated Sun, 09 Oct 2016 04:37 PM IST
विज्ञापन
बिजनौर में रामलीला मैदान में राम-भरत मिलाप का मंचन करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में श्रीरामलीला मैदान में कलाकारों ने लंका दहन, लक्ष्मण मूर्छा व कुंभकरण वध का मंचन किया।
शुक्रवार रात को हुई रामलीला में वन गए भगवान राम को मनाने के लिए भरत जाते हैं। राम के वचन में बंधा होने पर लक्ष्मण उनकी पादुकाएं लेकर आते हैं और उनको सिंहासन पर रखते हैं। शनिवार दिन में हुई रामलीला मंचन में माता सीता की तलाश में हनुमान लंका में जाते हैं और वहां मा सीता को राम मुद्रिका देते हैं। फल खाते समय वह अशोक वाटिका नष्ट कर देते हैं और रावण के पुत्र अक्षय कुमार का संहार करते हैं। अंगद राम की ओर से रावण के दरबार में जाते हैं। वहां अंगद पैर जमाकर कहते हैं कि अगर कोई उनका पैर हटा देगा, तो राम की सेना वापस चली जाएगी। युद्ध में मेघनाद द्वारा शक्ति का प्रयोग करने से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। हनुमान हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाते हैं। युद्ध में रावण का भाई कुंभकरण जाता है तो भगवान राम उसका संहार करते हैं। सभी भगवान राम की जय-जयकार करते हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार रात को हुई रामलीला में वन गए भगवान राम को मनाने के लिए भरत जाते हैं। राम के वचन में बंधा होने पर लक्ष्मण उनकी पादुकाएं लेकर आते हैं और उनको सिंहासन पर रखते हैं। शनिवार दिन में हुई रामलीला मंचन में माता सीता की तलाश में हनुमान लंका में जाते हैं और वहां मा सीता को राम मुद्रिका देते हैं। फल खाते समय वह अशोक वाटिका नष्ट कर देते हैं और रावण के पुत्र अक्षय कुमार का संहार करते हैं। अंगद राम की ओर से रावण के दरबार में जाते हैं। वहां अंगद पैर जमाकर कहते हैं कि अगर कोई उनका पैर हटा देगा, तो राम की सेना वापस चली जाएगी। युद्ध में मेघनाद द्वारा शक्ति का प्रयोग करने से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। हनुमान हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाते हैं। युद्ध में रावण का भाई कुंभकरण जाता है तो भगवान राम उसका संहार करते हैं। सभी भगवान राम की जय-जयकार करते हैं।