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चचेरे देवर से करना पड़ा हलाला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jun 2017 12:21 AM IST
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बिजनौर में पति से दोबारा निकाह करने के लिए एक महिला को आखिर मौलवियों के अड़ियल रुख की वजह से हलाला करना ही पड़ा। करीब एक साल पहले पति ने समय से खाना नहीं बनाने के बाद हुए विवाद में गुस्से में महिला को तीन तलाक दे दिया था।
तलाक के बाद पति तलाकशुदा पत्नी को घर लाना चाहता था, लेकिन मौलवियों ने दोबारा निकाह व हलाला की रस्म के बिना दोनों के साथ रहने को हराम बता दिया। महिला हलाला करने को तैयार नहीं थी। आखिर मौलवियों के बीच में आने के कारण उसे चचेरे देवर से हलाला करना पड़ा।
बुधवार को महिला को उसके दूसरे पति ने तलाक दे दिया। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है। थाना हल्दौर के एक गांव की महिला का निकाह 28 साल पहले कोतवाली शहर क्षेत्र के एक गांव में हुआ था। दोनों के चार बच्चे हुए।
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इनमें से तीन का निकाह हो चुका है। करीब सालभर पहले एक दिन पति ने जंगल से लौटकर पत्नी से खाना मांगा। खाना तैयार न होने के कारण पति को गुस्सा आ गया और उसने पत्नी को तीन तलाक दे दिया। महिला ने रोते हुए मायके वालों को बताया।
महिला का भाई उसे आकर ले गया। बाद में पति को गलती का अहसास हुआ। उसने पत्नी को घर लाने की कोशिश की तो वह राजी हो गई। मौलवियों के अनुसार, महिला दूसरे व्यक्ति से निकाह व हलाला करके तीन तलाक होने के बाद ही पहले पति से निकाह कर सकती है।
दोनों हलाला की रस्म के लिए तैयार नहीं थे। इस मामले में कई बार पंचायत हुई। पंचायत में भी सभी ने हलाला को जरूरी बताया। पति तलाकशुदा पत्नी को 28 मई को घर ले आया।
महिला के पति ने उसका निकाह अपने चचेरे या ममेरे भाई से कराने की कोशिश की तो मौलवी उसका हलाला कराने की शर्त पर अड़ गए। बिना हलाला के वे निकाह पढ़ाने को तैयार नहीं हुए। मौलवियों के अड़ियल रवैये के आगे आखिर दोनों को झुकना पड़ा।
मंगलवार देर रात महिला का निकाह उसके चचेरे देवर के साथ हुआ। हलाला की रस्म होने के बाद बुधवार को महिला के दूसरे पति ने उसे तीन तलाक दिया। अब महिला तीन महीने दस दिन की इद्दत में रहेगी। इद्दत पूरी करने के बाद ही महिला पहले पति से निकाह कर सकती है।
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तलाक के बाद पति तलाकशुदा पत्नी को घर लाना चाहता था, लेकिन मौलवियों ने दोबारा निकाह व हलाला की रस्म के बिना दोनों के साथ रहने को हराम बता दिया। महिला हलाला करने को तैयार नहीं थी। आखिर मौलवियों के बीच में आने के कारण उसे चचेरे देवर से हलाला करना पड़ा।
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बुधवार को महिला को उसके दूसरे पति ने तलाक दे दिया। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है। थाना हल्दौर के एक गांव की महिला का निकाह 28 साल पहले कोतवाली शहर क्षेत्र के एक गांव में हुआ था। दोनों के चार बच्चे हुए।
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इनमें से तीन का निकाह हो चुका है। करीब सालभर पहले एक दिन पति ने जंगल से लौटकर पत्नी से खाना मांगा। खाना तैयार न होने के कारण पति को गुस्सा आ गया और उसने पत्नी को तीन तलाक दे दिया। महिला ने रोते हुए मायके वालों को बताया।
महिला का भाई उसे आकर ले गया। बाद में पति को गलती का अहसास हुआ। उसने पत्नी को घर लाने की कोशिश की तो वह राजी हो गई। मौलवियों के अनुसार, महिला दूसरे व्यक्ति से निकाह व हलाला करके तीन तलाक होने के बाद ही पहले पति से निकाह कर सकती है।
दोनों हलाला की रस्म के लिए तैयार नहीं थे। इस मामले में कई बार पंचायत हुई। पंचायत में भी सभी ने हलाला को जरूरी बताया। पति तलाकशुदा पत्नी को 28 मई को घर ले आया।
महिला के पति ने उसका निकाह अपने चचेरे या ममेरे भाई से कराने की कोशिश की तो मौलवी उसका हलाला कराने की शर्त पर अड़ गए। बिना हलाला के वे निकाह पढ़ाने को तैयार नहीं हुए। मौलवियों के अड़ियल रवैये के आगे आखिर दोनों को झुकना पड़ा।
मंगलवार देर रात महिला का निकाह उसके चचेरे देवर के साथ हुआ। हलाला की रस्म होने के बाद बुधवार को महिला के दूसरे पति ने उसे तीन तलाक दिया। अब महिला तीन महीने दस दिन की इद्दत में रहेगी। इद्दत पूरी करने के बाद ही महिला पहले पति से निकाह कर सकती है।