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Bijnor News: कैमिकल युक्त पानी से भूजल हुआ जहरीला, ज्ञापन सौंपा
Wed, 23 Jul 2025 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 23 Jul 2025 12:40 AM IST
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बिजनौर। राष्ट्रीय नशामुक्त भारत अभियान के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने धामपुर चीनी मिल का कैमिकल युक्त दूषित जल नालों, खेतों और तालाबों में बह रहा है। जिससे दर्जनों गांवों का भूजल जहरीला हो चुका है। नलों से पीला और बदबूदार पानी निकल रहा है।
डीएम को दिए ज्ञापन में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ ठाकुर ने कहा कि धामपुर चीनी मिल का कैमिकल युक्त पानी से भूजल दूषित हो गया है। जिससे नलों से पीने लायक पानी नहीं निकल रहा है। इस जहरीले पानी के चलते कैंसर, लीवर रोग, हैपेटाइटिस, पीलिया, पित्त विकार और त्वचा रोग जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। ज्ञापन में कहा कि अजीतपुर दासी में तीन लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। गांव बुआपुर नत्थू, फूलबाग कॉलोनी, हरियाना, पल्लावाला, जैतरा, नंगला, दीत्तनपुर जैसे दर्जनों गांवों में भी लोग गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से कई बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने मृतकों के परिजनों को 10 लाख मुआवजा, एक सदस्य को मिल में नौकरी, पीड़ितों को मुफ्त इलाज, बच्चों को निशुल्क शिक्षा, जल परीक्षण की स्वतंत्र जांच, प्रभावित गांवों में स्वच्छ जल योजनाएं और धामपुर क्षेत्र को पर्यावरणीय आपदा क्षेत्र घोषित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर, जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं हुई तो धामपुर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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डीएम को दिए ज्ञापन में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ ठाकुर ने कहा कि धामपुर चीनी मिल का कैमिकल युक्त पानी से भूजल दूषित हो गया है। जिससे नलों से पीने लायक पानी नहीं निकल रहा है। इस जहरीले पानी के चलते कैंसर, लीवर रोग, हैपेटाइटिस, पीलिया, पित्त विकार और त्वचा रोग जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। ज्ञापन में कहा कि अजीतपुर दासी में तीन लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है। गांव बुआपुर नत्थू, फूलबाग कॉलोनी, हरियाना, पल्लावाला, जैतरा, नंगला, दीत्तनपुर जैसे दर्जनों गांवों में भी लोग गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से कई बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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उन्होंने मृतकों के परिजनों को 10 लाख मुआवजा, एक सदस्य को मिल में नौकरी, पीड़ितों को मुफ्त इलाज, बच्चों को निशुल्क शिक्षा, जल परीक्षण की स्वतंत्र जांच, प्रभावित गांवों में स्वच्छ जल योजनाएं और धामपुर क्षेत्र को पर्यावरणीय आपदा क्षेत्र घोषित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर, जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं हुई तो धामपुर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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