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Bijnor News: एक सप्ताह में दौड़ सकती हैं देवबंद-रुड़की रेलमार्ग पर मालगाड़ियां
Sat, 24 May 2025 12:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 24 May 2025 12:27 AM IST
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देवबंद। देवबंद-रुड़की रेलमार्ग का कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) ने करीब दो माह पूर्व निरीक्षण कर ट्रेनों के संचालन को अपनी स्वीकृति दे दी थी, लेकिन मुरादाबाद डिवीजन से अभी तक हरी झंडी नहीं मिल सकी। इस कारण ट्रेनों का संचालन आरंभ नहीं हो पाया है। अब दावा किया जा रहा है कि एक सप्ताह में इस ट्रैक पर मालगाड़ियों का संचालन शुरू हो सकता है।
वर्ष 2006 में देवबंद-रुड़की रेल लाइन बनाने की घोषणा हुई थी। इसके बाद भूमि अधिग्रहण में मुआवजे को लेकर लंबे समय तक पेंच फंसा रहा, जिस कारण कार्य देरी से आरंभ हुआ। इस प्रोजेक्ट पर करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। देवबंद से रुड़की के बीच में बन्हेड़ा खास (उत्तर प्रदेश) और झबरेड़ा (उत्तराखंड) में स्टेशन बनाए गए हैं। 29 मार्च को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी दिनेश चंद देशवाल ने इस ट्रैक पर 130 किमी प्रति घंटा की गति से ट्रेन चलाकर निरीक्षण किया था।
सीआरएस की हरी झंडी मिलने के बाद क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रेल अधिकारियों का कहना है कि एक तो इस रेलवे ट्रैक का डाटा अभी नेट पर अपडेट नहीं हुआ है, दूसरे बन्हेड़ा खास और झबरेड़ा स्टेशनों पर स्टाफ पूरा तैनात नहीं हो पाया है।
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वर्ष 2006 में देवबंद-रुड़की रेल लाइन बनाने की घोषणा हुई थी। इसके बाद भूमि अधिग्रहण में मुआवजे को लेकर लंबे समय तक पेंच फंसा रहा, जिस कारण कार्य देरी से आरंभ हुआ। इस प्रोजेक्ट पर करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। देवबंद से रुड़की के बीच में बन्हेड़ा खास (उत्तर प्रदेश) और झबरेड़ा (उत्तराखंड) में स्टेशन बनाए गए हैं। 29 मार्च को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी दिनेश चंद देशवाल ने इस ट्रैक पर 130 किमी प्रति घंटा की गति से ट्रेन चलाकर निरीक्षण किया था।
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सीआरएस की हरी झंडी मिलने के बाद क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रेल अधिकारियों का कहना है कि एक तो इस रेलवे ट्रैक का डाटा अभी नेट पर अपडेट नहीं हुआ है, दूसरे बन्हेड़ा खास और झबरेड़ा स्टेशनों पर स्टाफ पूरा तैनात नहीं हो पाया है।
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