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Bijnor News: पिंजरे में बकरी न गेट, कैसे पकड़ा जाएगा गुलदार
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नगीना के ग्राम ज्ञानपुर के जंगल में वन विभाग द्वारा गुलदार को पकड़ने के लिए लगाया गया बिना गेट
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। गांव ज्ञानपुर में गुलदार के हमले में घायल हुए वन रेंजर के हमलावर गुलदार को पकड़ने में वन विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है। बिना बकरी बांधे तथा पिंजरे का द्वार हटाकर गुलदार के पिंजरे में कैद होने की आस लगाए बैठे वन विभाग के कर्मचारियों की सोच पर ग्रामीण भी आश्चर्यचकित है।
ग्राम ज्ञानपुर में सोमवार की दोपहर गुलदार को पकड़ने गए वन रेंजर प्रदीप शर्मा पर जाल लगाते समय गुलदार ने जानलेवा हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद मंगलवार को वन विभाग की पूरी टीम पूरी मुस्तैदी के साथ हमलावर गुलदार को ढूंढने में लगी रही, लेकिन गुलदार कहीं दिखाई नहीं दिया। अपने विभाग के अधिकारी के घायल हो जाने के बाद भी कर्मचारी हमलावर गुलदार को पकड़ने के लिए कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में मंगलवार को बकरी बांधना हीभूल गए।
हद तो तब हो गई जब वन कर्मचारियों ने पिंजरे के एक गेट को भी हटाकर अलग रख दिया और वहां से चले गए। इससे गुलदार को कैद करने के लिए लगाया गया पिंजरा केवल शोपीस बनकर रह गया। किसान सुनील कुमार चौहान का कहना है कि गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों में कोई दिलचस्पी दिखाई नहीं दे रही है।
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इस संबंध में वन दरोगा धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि पिंजरे का गेट चोरी न हो जाए, इसलिए उसे हटाकर सुरक्षित स्थान पर रख दिया गया है। जिस स्थान पर पिंजरा लगाया गया था, वहां गुलदार की लोकेशन नहीं मिलने के कारण बकरी नहीं बांधी गई है।
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नगीना। गांव ज्ञानपुर में गुलदार के हमले में घायल हुए वन रेंजर के हमलावर गुलदार को पकड़ने में वन विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है। बिना बकरी बांधे तथा पिंजरे का द्वार हटाकर गुलदार के पिंजरे में कैद होने की आस लगाए बैठे वन विभाग के कर्मचारियों की सोच पर ग्रामीण भी आश्चर्यचकित है।
ग्राम ज्ञानपुर में सोमवार की दोपहर गुलदार को पकड़ने गए वन रेंजर प्रदीप शर्मा पर जाल लगाते समय गुलदार ने जानलेवा हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद मंगलवार को वन विभाग की पूरी टीम पूरी मुस्तैदी के साथ हमलावर गुलदार को ढूंढने में लगी रही, लेकिन गुलदार कहीं दिखाई नहीं दिया। अपने विभाग के अधिकारी के घायल हो जाने के बाद भी कर्मचारी हमलावर गुलदार को पकड़ने के लिए कितने गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में मंगलवार को बकरी बांधना हीभूल गए।
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हद तो तब हो गई जब वन कर्मचारियों ने पिंजरे के एक गेट को भी हटाकर अलग रख दिया और वहां से चले गए। इससे गुलदार को कैद करने के लिए लगाया गया पिंजरा केवल शोपीस बनकर रह गया। किसान सुनील कुमार चौहान का कहना है कि गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों में कोई दिलचस्पी दिखाई नहीं दे रही है।
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इस संबंध में वन दरोगा धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि पिंजरे का गेट चोरी न हो जाए, इसलिए उसे हटाकर सुरक्षित स्थान पर रख दिया गया है। जिस स्थान पर पिंजरा लगाया गया था, वहां गुलदार की लोकेशन नहीं मिलने के कारण बकरी नहीं बांधी गई है।