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Bijnor News: जिले की जमीन में पैदा हो रही अदरक की फसल
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बिजनौर के ग्राम प्रेमपुरी में अदरक की खेती के साथ किसान अमरीक सिंह।
- फोटो : BIJNOR
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बिजनौर । उद्यान एवं कृषि विभाग की ओर से किसानों को अन्य फसलों की खेती करने को प्रेरित कर रहा है। ट्रैंच विधि गन्ना बुवाई कर सहफसली के रूप में अदरक की खेती की जा रही है। जनपद में पांच हेक्टेयर क्षेत्रफल में अदरक की खेती हो रही है।
अदरक की खेती मशाला एवं औषधि के रूप में होती है। चाय, सब्जियां आदि में अदरक का प्रयोग हो रहा है। अदरक की बढ़ती मांग को देखते हुए सामान्य व सहफसली खेती के तौर पर अदरक की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार का कहना है कि अदरक की बुआई मानसून आने से अर्थात अप्रैल माह से मई तक बुवाई होती है, जो दिसंबर में परिपक्व हो जाती है। सर्दी के दिनों मांग के समय फसल आने से किसानों को इसका सही मूल्य मिल जाता है। कृषि विभाग की ओर से चल रही गोष्ठियों में इस फसल की बुवाई के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है।
सहफसली में कर रहे अदरक की खेती
रामपुर बेगमपुर सादी निवासी मुकेश कुमार एवं प्रेमपुरी निवासी अमरीक सिंह गन्ना फसल के साथ सहफसली में अदरक की खेती कर रहे हैं। अमरीक सिंह एक एकड़ में खेती कर रहे हैं। कहना है कि उत्पादन अच्छा है और नकद बिक्री होने वाली फसल है। पिछले साल भी उन्हें अच्छा लाभ हुआ था।
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गन्ने के साथ अदरक की खेती किसानों के लिए लाभकारी है। बाजार में अच्छे दाम में नकद में बिक्री हो जाती है। गोष्ठी में किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। -योगेंद्र पाल सिंह योगी, आत्मा प्रभारी
जनपद में पांच हेक्टेयर में अदरक की फसल का क्षेत्रफल है। इसबार इसे बढ़ाया जाएगा। किसानों को बुवाई के साथ बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा। -जितेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।
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अदरक की खेती मशाला एवं औषधि के रूप में होती है। चाय, सब्जियां आदि में अदरक का प्रयोग हो रहा है। अदरक की बढ़ती मांग को देखते हुए सामान्य व सहफसली खेती के तौर पर अदरक की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार का कहना है कि अदरक की बुआई मानसून आने से अर्थात अप्रैल माह से मई तक बुवाई होती है, जो दिसंबर में परिपक्व हो जाती है। सर्दी के दिनों मांग के समय फसल आने से किसानों को इसका सही मूल्य मिल जाता है। कृषि विभाग की ओर से चल रही गोष्ठियों में इस फसल की बुवाई के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है।
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सहफसली में कर रहे अदरक की खेती
रामपुर बेगमपुर सादी निवासी मुकेश कुमार एवं प्रेमपुरी निवासी अमरीक सिंह गन्ना फसल के साथ सहफसली में अदरक की खेती कर रहे हैं। अमरीक सिंह एक एकड़ में खेती कर रहे हैं। कहना है कि उत्पादन अच्छा है और नकद बिक्री होने वाली फसल है। पिछले साल भी उन्हें अच्छा लाभ हुआ था।
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गन्ने के साथ अदरक की खेती किसानों के लिए लाभकारी है। बाजार में अच्छे दाम में नकद में बिक्री हो जाती है। गोष्ठी में किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। -योगेंद्र पाल सिंह योगी, आत्मा प्रभारी
जनपद में पांच हेक्टेयर में अदरक की फसल का क्षेत्रफल है। इसबार इसे बढ़ाया जाएगा। किसानों को बुवाई के साथ बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा। -जितेंद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी।