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Bijnor News: आज से खुलेंगे द्वार, अमानगढ़ में होगी जंगल सफारी
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अमानगढ़ का मुख्यद्वार पर की गई तैयारी।
बुधवार से शुरू होगा अमानगढ़ में पर्यटन, वन अफसरों ने निरीक्षण जाना तैयारियों का हाल
- 02 बजे अमानगढ़ में जाएगा पर्यटकों का पहला दल
- 05 जिप्सी सुबह, 05 जिप्सी को शाम के समय मिलेगा प्रवेश
- 35 किमी के ट्रैक पर कर सकेंगे जंगल सफारी
- 2280 रुपये का शुल्क जिप्सी के लिए देना होगा
- 200 रुपये प्रति पर्यटक, गाइड के लिए 400 रुपये शुल्क
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। हिमालय की तलहटी में बसे प्राकृतिक के उपहार अमानगढ़ में आज से पर्यटक घूम पाएंगे। आज अधिकारिक तौर पर अमानगढ़ पर्यटकों के लिए खुल जाएगा। पर्यटकों के लिए अच्छी खबर यह है कि फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया। वन अफसरों ने मंगलवार को तैयारियों का जायजा लिया।
उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड अलग होने से पहले अमानगढ़ वन रेंज कार्बेट पार्क का ही हिस्सा थी। उत्तराखंड बना तो कार्बेट पार्क उत्तर प्रदेश से अलग हो गया। अमानगढ़ वन रेंज बिजनौर के हिस्से में आ गई। अमानगढ़ की बात करें तो यह रेंज पेड़-पौधों व सुंदर वन्यजीवों से भरी हुई है। इस रेंज का रकबा एक लाख बीघा जमीन से अधिक है। इस रेंज में वन्य जीव, सैकड़ों प्रजाति के पक्षी, वनस्पति मौजूद हैं। यहां का घना जंगल भी पर्यटकों को खूब पसंद आता है।
35 किमी ट्रैक पर होगी जंगल सफारी : एसडीओ
एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि अभी अमानगढ़ के अंदर वन विभाग ने पर्यटकों ने 35 किमी ट्रैक घूमने के लिए निर्धारित किया है। यदि फीस की बात करें तो पिछले वर्ष की तरह ही फीस ली जाएगी। फिलहाल एक जिप्सी में पांच लोगों को जाने की अनुमति होगी और पर्यटकों को इसके लिए 2280 रुपये का शुल्क देना होगा। वहीं इसमें प्रति पर्यटक 200 रुपये, एक गाइड के लिए 400 रुपये शुल्क देना होगा।
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आज से पर्यटक घूम सकेेंगे : डीएफओ
डीएफओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आज से पर्यटकों के लिए अमानगढ़ के द्वार खुल जाएंगे। केहरीपुर चौकी पर काफी काम पर्यटकों के लिए कराए गए हैं। ताकि यहां आने वाले पर्यटक कुछ समय के लिए आराम कर सकें। इसके लिए कैफेटेरिया, हट तैयार करा दिए गए हैं। पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। जंगल के अंदर सभी रास्तों को पहले ही ठीक करा दिया गया है।
जल्द शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग
अमानगढ़ की बेवसाइट बना दी गई है। जल्द ही इस पर ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल बुकिंग ऑफलाइन ही रहेगी। ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने से पर्यटक घर बैठकर अपनी बुकिंग करा सकेंगे।
अमानगढ़ के पास झील बनाती है इसे खास
अमानगढ़ का रकबा एक लाख बीघा जमीन से अधिक है। उत्तराखंड बनने से पहले यह जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का ही हिस्सा था। यहां बाघ, गुलदार, हाथी, चीतल आदि बहुत संख्या में हैं। अमानगढ़ के पास ही पीली बांध है, जहां पर सर्दियों में हजारों प्रवासी पक्षियों का बसेरा रहता है, जो खुद में एक बेहतरीन पर्यटक स्थल है। ऐसे में पर्यटक जंगल सफारी के साथ साथ पक्षी विहार भी कर पाएंगे।
अमानगढ़ एक नजर में
रकबा 9580 हेक्टेयर
बाघ 32
हाथी 100
गुलदार 45
हाथी 105
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074
नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।
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- 02 बजे अमानगढ़ में जाएगा पर्यटकों का पहला दल
- 05 जिप्सी सुबह, 05 जिप्सी को शाम के समय मिलेगा प्रवेश
- 35 किमी के ट्रैक पर कर सकेंगे जंगल सफारी
- 2280 रुपये का शुल्क जिप्सी के लिए देना होगा
- 200 रुपये प्रति पर्यटक, गाइड के लिए 400 रुपये शुल्क
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। हिमालय की तलहटी में बसे प्राकृतिक के उपहार अमानगढ़ में आज से पर्यटक घूम पाएंगे। आज अधिकारिक तौर पर अमानगढ़ पर्यटकों के लिए खुल जाएगा। पर्यटकों के लिए अच्छी खबर यह है कि फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया। वन अफसरों ने मंगलवार को तैयारियों का जायजा लिया।
उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड अलग होने से पहले अमानगढ़ वन रेंज कार्बेट पार्क का ही हिस्सा थी। उत्तराखंड बना तो कार्बेट पार्क उत्तर प्रदेश से अलग हो गया। अमानगढ़ वन रेंज बिजनौर के हिस्से में आ गई। अमानगढ़ की बात करें तो यह रेंज पेड़-पौधों व सुंदर वन्यजीवों से भरी हुई है। इस रेंज का रकबा एक लाख बीघा जमीन से अधिक है। इस रेंज में वन्य जीव, सैकड़ों प्रजाति के पक्षी, वनस्पति मौजूद हैं। यहां का घना जंगल भी पर्यटकों को खूब पसंद आता है।
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35 किमी ट्रैक पर होगी जंगल सफारी : एसडीओ
एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि अभी अमानगढ़ के अंदर वन विभाग ने पर्यटकों ने 35 किमी ट्रैक घूमने के लिए निर्धारित किया है। यदि फीस की बात करें तो पिछले वर्ष की तरह ही फीस ली जाएगी। फिलहाल एक जिप्सी में पांच लोगों को जाने की अनुमति होगी और पर्यटकों को इसके लिए 2280 रुपये का शुल्क देना होगा। वहीं इसमें प्रति पर्यटक 200 रुपये, एक गाइड के लिए 400 रुपये शुल्क देना होगा।
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आज से पर्यटक घूम सकेेंगे : डीएफओ
डीएफओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आज से पर्यटकों के लिए अमानगढ़ के द्वार खुल जाएंगे। केहरीपुर चौकी पर काफी काम पर्यटकों के लिए कराए गए हैं। ताकि यहां आने वाले पर्यटक कुछ समय के लिए आराम कर सकें। इसके लिए कैफेटेरिया, हट तैयार करा दिए गए हैं। पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। जंगल के अंदर सभी रास्तों को पहले ही ठीक करा दिया गया है।
जल्द शुरू होगी ऑनलाइन बुकिंग
अमानगढ़ की बेवसाइट बना दी गई है। जल्द ही इस पर ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल बुकिंग ऑफलाइन ही रहेगी। ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने से पर्यटक घर बैठकर अपनी बुकिंग करा सकेंगे।
अमानगढ़ के पास झील बनाती है इसे खास
अमानगढ़ का रकबा एक लाख बीघा जमीन से अधिक है। उत्तराखंड बनने से पहले यह जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का ही हिस्सा था। यहां बाघ, गुलदार, हाथी, चीतल आदि बहुत संख्या में हैं। अमानगढ़ के पास ही पीली बांध है, जहां पर सर्दियों में हजारों प्रवासी पक्षियों का बसेरा रहता है, जो खुद में एक बेहतरीन पर्यटक स्थल है। ऐसे में पर्यटक जंगल सफारी के साथ साथ पक्षी विहार भी कर पाएंगे।
अमानगढ़ एक नजर में
रकबा 9580 हेक्टेयर
बाघ 32
हाथी 100
गुलदार 45
हाथी 105
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074
नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।