{"_id":"64a9af90db46176df10d98f4","slug":"ganga-reaches-near-the-mahabharata-era-galkha-devi-temple-bijnor-news-c-27-1-smrt1007-6570-2023-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: महाभारत कालीन गलखा देवी मंदिर के करीब पहुंची गंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: महाभारत कालीन गलखा देवी मंदिर के करीब पहुंची गंगा
Sun, 09 Jul 2023 12:18 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 09 Jul 2023 12:18 AM IST
विज्ञापन
बिजनौर/चंदक। गंगा में उफान बाढ़ लेकर आता है, उफान के बाद जलस्तर में गिरावट कटान करने लगती है। इसी उतार चढ़ाव के चलते खादर में गंगा का बहाव तेजी से कटान कर रहा है। महाभारत कालीन गलखा माता मंदिर से गंगा की धारा महज तीस मीटर दूर रह गई है। ऐसे में अफसरों ने मंदिर के आसपास का मुआयना करते हुए कटान रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उधर जिले में पहली बार जियोट्यूब लगाकर कटान को रोकने की कवायद जा रही है।
गंगा खादर क्षेत्र में पहले की तरह इस साल भी गंगा की धारा लगातार बड़े भूभाग का कटान करने में लगी है। दर्जनों गांव, कृषि भूमि के साथ साथ कई पौराणिक देव स्थल भी कटान के मुहाने पर हैं। गांव नारायणपुर के पास माता गलखा देवी मंदिर के निकट गंगा की कटान कर रही है। गंगा की धारा और मंदिर के बीच अब करीब 30 मीटर की दूरी ही बची है। प्रशासन ने कटान को रोकने के लिए बचाव कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से जियोट्यूब का सहारा लिया है।
गलखा देवी मंदिर के पास भी गंगा किनारे लगाई जा रही जियोट्यूब को लगाया गया है। मंदिर के पुजारी ने उपजिलाधिकारी से मंदिर के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए भविष्य में उक्त स्थान पर पक्का तटबंध बनाने की मांग रखी।
विज्ञापन
- प्रशासन की अपील पर गांव वाले भी करने लगे मदद
शनिवार को एडीएम अरविंद कुमार, एसडीएम मोहित कुमार ने गलखा देवी मंदिर के पास हो रहे कटान की स्थिति का निरीक्षण करने पहुंचे। जिन्होंने अधिकारियों को काम में तेजी लाने की हिदायत दी। उधर एसडीएम की अपील पर गंगा किनारे पहुंचे क्षेत्र ग्रामीणों ने भी गंगा में कटान रोकने के लिए लकड़ी की बल्लियों को लगवाने में मदद की। उपजिलाधिकारी मोहित कुमार ने बताया के खादर में कटान से होने बाले नुकसान को रोकने के लिए प्रशासन युद्ध स्तर पर कार्य करा रहा है।
- गांव वालों को दी गई गंगा से दूर रहने की हिदायत
एडीएम अरविंद कुमार ने ग्रामीणों को गंगा तटों से दूर रहने की हिदायत दी, उन्होंने ग्रामीणों को समझाया के गंगा पार खेती करने बाले किसान जब तक पानी अधिक है, गंगा के उस पार जाने का प्रयास न करें। बता दें कि गंगा में फिलहाल इतनी तेजी से पानी चल रहा है कि धारा के ऊपर धुंआ सा उड़ता दिखाई दे रहा है और ज्यादा दूर तक देख पाना संभव नहीं है।
- ऐसे काम करता है जियोट्यूब
यूं तो जिले में हर साल कटान होता है लेकिन इस बार एक अलग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण के नोडल अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि जियो ट्यूब रबर का होता है। जिसकी लंबाई बीस मीटर और चौड़ाई छह मीटर है। इसमें पंप से पानी और रेत भर दिया जाता है। पानी तो बाहर निकल जाता है, जिसमें रेत या मिट्टी भरी रह जाती है। जिससे यह भारी होकर कटान को रोकने के लिए नदी की धारा के सामने चट्टान की तरह बन जाता है।
- सुबह से शाम तक ही बढ़ गया जलस्तर
शनिवार की सुबह बिजनौर बैराज पर जलस्तर 218.60 मीटर बना हुआ था। शाम सात बजे तक बिजनौर बैराज का जलस्तर बढ़कर 218.80 मीटर पहुंच गया। बता दें कि बैराज पर खतरे का निशान 220 मीटर पर है। खतरे से निशान से जलस्तर ज्यादा दूर नहीं है। वहीं बिजनौर बैराज से शनिवार को 29 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बैराज पर बारिश 60 मिलीमीटर दर्ज की गई।
विज्ञापन
गंगा खादर क्षेत्र में पहले की तरह इस साल भी गंगा की धारा लगातार बड़े भूभाग का कटान करने में लगी है। दर्जनों गांव, कृषि भूमि के साथ साथ कई पौराणिक देव स्थल भी कटान के मुहाने पर हैं। गांव नारायणपुर के पास माता गलखा देवी मंदिर के निकट गंगा की कटान कर रही है। गंगा की धारा और मंदिर के बीच अब करीब 30 मीटर की दूरी ही बची है। प्रशासन ने कटान को रोकने के लिए बचाव कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से जियोट्यूब का सहारा लिया है।
विज्ञापन
गलखा देवी मंदिर के पास भी गंगा किनारे लगाई जा रही जियोट्यूब को लगाया गया है। मंदिर के पुजारी ने उपजिलाधिकारी से मंदिर के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए भविष्य में उक्त स्थान पर पक्का तटबंध बनाने की मांग रखी।
विज्ञापन
- प्रशासन की अपील पर गांव वाले भी करने लगे मदद
शनिवार को एडीएम अरविंद कुमार, एसडीएम मोहित कुमार ने गलखा देवी मंदिर के पास हो रहे कटान की स्थिति का निरीक्षण करने पहुंचे। जिन्होंने अधिकारियों को काम में तेजी लाने की हिदायत दी। उधर एसडीएम की अपील पर गंगा किनारे पहुंचे क्षेत्र ग्रामीणों ने भी गंगा में कटान रोकने के लिए लकड़ी की बल्लियों को लगवाने में मदद की। उपजिलाधिकारी मोहित कुमार ने बताया के खादर में कटान से होने बाले नुकसान को रोकने के लिए प्रशासन युद्ध स्तर पर कार्य करा रहा है।
- गांव वालों को दी गई गंगा से दूर रहने की हिदायत
एडीएम अरविंद कुमार ने ग्रामीणों को गंगा तटों से दूर रहने की हिदायत दी, उन्होंने ग्रामीणों को समझाया के गंगा पार खेती करने बाले किसान जब तक पानी अधिक है, गंगा के उस पार जाने का प्रयास न करें। बता दें कि गंगा में फिलहाल इतनी तेजी से पानी चल रहा है कि धारा के ऊपर धुंआ सा उड़ता दिखाई दे रहा है और ज्यादा दूर तक देख पाना संभव नहीं है।
- ऐसे काम करता है जियोट्यूब
यूं तो जिले में हर साल कटान होता है लेकिन इस बार एक अलग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण के नोडल अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि जियो ट्यूब रबर का होता है। जिसकी लंबाई बीस मीटर और चौड़ाई छह मीटर है। इसमें पंप से पानी और रेत भर दिया जाता है। पानी तो बाहर निकल जाता है, जिसमें रेत या मिट्टी भरी रह जाती है। जिससे यह भारी होकर कटान को रोकने के लिए नदी की धारा के सामने चट्टान की तरह बन जाता है।
- सुबह से शाम तक ही बढ़ गया जलस्तर
शनिवार की सुबह बिजनौर बैराज पर जलस्तर 218.60 मीटर बना हुआ था। शाम सात बजे तक बिजनौर बैराज का जलस्तर बढ़कर 218.80 मीटर पहुंच गया। बता दें कि बैराज पर खतरे का निशान 220 मीटर पर है। खतरे से निशान से जलस्तर ज्यादा दूर नहीं है। वहीं बिजनौर बैराज से शनिवार को 29 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बैराज पर बारिश 60 मिलीमीटर दर्ज की गई।