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खतरे के निशान से ऊपर पहुंची गंगा, आबादी में घुसा पानी
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बिजनौर में गंगा बैराज पर गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण हुआ बाढ़ जैसे हालात।
- फोटो : BIJNOR
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खतरे के निशान से ऊपर पहुंची गंगा, आबादी में घुसा पानी
बिजनौर। पहाड़ों पर बरसा पानी जिले की नदियों में आ रहा है। बारिश के पानी से गंगा, मालन और रामगंगा उफनी हुई हैं। गंगा का जलस्तर दिन भर खतरे के निशान के पास बना रहा। रात में जलस्तर लाल निशान को भी पार गया था। गंगा और उसकी सहायक नदियों के उफान से तटीय गांव के लोगों की सांसें अटकी हुई हैं। खादर का जंगल पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूबा रहा। वहीं रावली और ब्रह्मपुरी की आबादी में ही पानी घुस आया। सभी 14 बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है।
बुधवार को बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 219.90 मीटर रहा, जोकि खतरे के निशान से सिर्फ दस सेंटीमीटर दूर है। मंगलवार की देर रात बैराज पर जलस्तर 220.20 तक पहुंच गया था। सवेरा होते होते पानी को किसी तरह से नियंत्रित किया गया। बिजनौर बैराज पर खतरे का निशान 220 मीटर पर है। उधर, बुधवार को बिजनौर बैराज से दिन में 2.26 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। रात में 3.67 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज से 1.53 लाख क्यूसेक पानी बुधवार दोपहर छोड़ा गया। बाढ़ के हालात को देखते हुए हरिद्वार से बुधवार की शाम पांच बजे पानी के डिस्चार्ज में कमी करते हुए 1.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बता दें कि पहाड़ और मैदानी इलाकों की बारिश से मंगलवार को गंगा, मालन और रामगंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। बिजनौर बैराज के गेट फ्री करने पड़े। अब उम्मीद की जा रही थी कि बुधवार को जलस्तर घटेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बुधवार को भी नदियां उफान पर रहीं। गंगा का पानी तटीय गांवों के हजारों बीघा खेतों में भरा हुआ है। यहां के किसान नाम से गंगा पार स्थित खेतों से चारा लेने जाते हैं।
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मध्य गंगा बैराज के जेई पीयूष बालियान के अनुसार गंगा के तटीय गांवों में पहले ही अलर्ट जारी है।
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बिजनौर। पहाड़ों पर बरसा पानी जिले की नदियों में आ रहा है। बारिश के पानी से गंगा, मालन और रामगंगा उफनी हुई हैं। गंगा का जलस्तर दिन भर खतरे के निशान के पास बना रहा। रात में जलस्तर लाल निशान को भी पार गया था। गंगा और उसकी सहायक नदियों के उफान से तटीय गांव के लोगों की सांसें अटकी हुई हैं। खादर का जंगल पूरी तरह से बाढ़ के पानी में डूबा रहा। वहीं रावली और ब्रह्मपुरी की आबादी में ही पानी घुस आया। सभी 14 बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया गया है।
बुधवार को बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 219.90 मीटर रहा, जोकि खतरे के निशान से सिर्फ दस सेंटीमीटर दूर है। मंगलवार की देर रात बैराज पर जलस्तर 220.20 तक पहुंच गया था। सवेरा होते होते पानी को किसी तरह से नियंत्रित किया गया। बिजनौर बैराज पर खतरे का निशान 220 मीटर पर है। उधर, बुधवार को बिजनौर बैराज से दिन में 2.26 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। रात में 3.67 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।
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हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज से 1.53 लाख क्यूसेक पानी बुधवार दोपहर छोड़ा गया। बाढ़ के हालात को देखते हुए हरिद्वार से बुधवार की शाम पांच बजे पानी के डिस्चार्ज में कमी करते हुए 1.14 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बता दें कि पहाड़ और मैदानी इलाकों की बारिश से मंगलवार को गंगा, मालन और रामगंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। बिजनौर बैराज के गेट फ्री करने पड़े। अब उम्मीद की जा रही थी कि बुधवार को जलस्तर घटेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बुधवार को भी नदियां उफान पर रहीं। गंगा का पानी तटीय गांवों के हजारों बीघा खेतों में भरा हुआ है। यहां के किसान नाम से गंगा पार स्थित खेतों से चारा लेने जाते हैं।
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मध्य गंगा बैराज के जेई पीयूष बालियान के अनुसार गंगा के तटीय गांवों में पहले ही अलर्ट जारी है।