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Bijnor News: खतरे के निशान को छूकर बह रही गंगा, आबादी में घुसा पानी

Thu, 13 Jul 2023 01:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Thu, 13 Jul 2023 01:03 AM IST
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Ganga flowing after touching the danger mark, water entered the population
बिजनौर के ग्राम कण्व ऋ​षि आश्रम में भरा गंगा का पानी।
- बिजनौर बैराज के तटबंध को सीधी टक्कर दे रही गंगा की धारा
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- बिजनौर के गांव हिम्मतपुर बेला और रामसहायवाला की आबादी में घुसा पानी, संपर्क भी कटा
- बालावाली से रावली और जलीलपुर इलाके तक गंगा खादर में डूब चुकी हैं फसलें
फोटो....
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। लगातार हो रही बरसात से नदियों में उफान बरकरार बना हुआ है। गंगा की धारा बिजनौर बैराज के तटबंध को सीधी टक्कर दे रही है। तटीय गांव की आबादी में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। खासकर रामसहाय वाला, रावली और हिम्मतपुर बेला में कई फीट पानी भरा हुआ है। गंगा खादर इलाके में फसलें डूब चुकी हैं। ऐसे में किसानों के सामने चारे का संकट भी खड़ा हो गया है।
बुधवार को बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 219.70 गेज मीटर दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान से महज 0.30 मीटर दूर है। बीच बीच में लहरें उठती हैं तो पानी खतरे के निशान को भी छू जाता है। हालांकि बिजनौर बैराज से बुधवार को पानी छोड़े जाने में मामूली कमी की गई और 1,69,323 क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से डिस्चार्ज किया गया।
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बता दें कि हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से बुधवार को भी काफी पानी छोड़ा गया, इसके बाद दूसरी सहायक नदियों कोटावाली, मालन, रवासन आदि नदियों का मिलन गंगा में होने से बिजनौर बैराज तक आते आते पानी काफी हो जाता है। गंगा में उफान के चलते बालावाली से लेकर रावली और जजीलपुर तक पूरे खादर इलाके में फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। मालन नदी के तट पर बसे गांव में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। आबादी के एक हिस्से में पिछले कई दिनों से पानी भरा हुआ है। जिसके चलते लोगों की सांस अटकी हुई हैं। इसके साथ कण्व ऋषि आश्रम में भी कई फीट पानी भरा हुआ है। आश्रम पूरी तरह से जमीन से कट गया है।
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तटबंध पर रहने को मजबूर किसान परिवार
जो लोग गंगा के खादर इलाके में रहकर खेती करते हैं और वहीं पर पशु पाल रखे हैं। ऐसे लोगों के सामने बाढ़ के साथ शामत भी आई हुई है। उन्होंने गंगा के खादर से अपना ठिकाना छोड़कर बैराज के तटबंध पर आश्रय ढूंढा है। कई परिवार पशुओं के साथ तटबंध पर पॉलिथीन से झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर हैं। जिनके सामने खाने पीने के सामान की भी दिक्क्त खड़ी हो गई है।


खादर में गहराया चारे का संकट
बाढ़ आने की वजह से खादर इलाकों में चारे का संकट भी गहराया हुआ है। बाढ़ का पानी भरने से फसलें जलमग्न हैं, वहीं चारे के खेतों में भी कई फीट पानी खड़ा हुआ है। तेज बहाव के चलते ये लोग चारा काटने भी नहीं जा रहे है। पशुओं को भूसा खिलाकर किसी तरह से गुजारा किया जा रहा है।

एसडीएम ने लिया तटबंध का जायजा
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बिजनौर। एसडीएम सदर मोहित कुमार बुधवार को गंगा बैराज से लेकर रावली तक गंगा तटबंध का जायजा लेने पहुंचे। वहां तटबंध पर पशु चराने वालों को गंगा से दूर रहने की हिदायत दी। रावली तटबंध पर पॉलिथीन डालकर ठहरे हुए लोगों से हाल जाना। साथ ही गंगा से दूर रहने को कहा। इसके बाद कण्व ऋषि आश्रम देखा, जहां पर खेतों से होता हुआ मालन का पानी घुस गया। एसडीएम ने बताया कि कण्व ऋषि आश्रम के तीन ओर जो तटबंध बनाया गया है, वह सुरक्षित है।
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