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गंगा एक्सप्रेसवे: सभी तैयारियां पूरी, अगले दस दिन में शुरू होंगे बैनामें
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- एक हजार से अधिक आपत्तियों का निस्तारण, संपत्तियों के मूल्यांकन का काम पूरा
- किसानों की सहमति लेने की प्रक्रिया तेज, बृहस्पतिवार को प्रशासन और रजिस्ट्री अधिकारियों की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जिले में जमीन खरीदने की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। भूमि से संबंधित एक हजार से अधिक आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। वहीं, चिह्नित जमीन पर बनी संपत्तियों के मूल्यांकन का काम भी पूरा हो गया है। अब प्रशासन की ओर से किसानों की सहमति लेने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
नवंबर के पहले सप्ताह से जमीन के बैनामे शुरू कराने की तैयारी है। इससे पहले बृहस्पतिवार को प्रशासन और रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें बैनामे शुरू कराने से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
गंगा एक्सप्रेसवे जिले की तीन तहसीलों बिजनौर सदर, चांदपुर और नजीबाबाद के 109 गांवों से होकर गुजरेगा। जिले में इसकी लंबाई करीब 56 किलोमीटर होगी। परियोजना के लिए इन गांवों की 1058.44 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। भूमि खरीद और अधिग्रहण की प्रक्रिया के लिए प्रशासन ने सर्वे, सत्यापन और आपत्तियों के निस्तारण का काम कराया था। किसानों की सहमति से भूमि खरीदने के लिए दर निर्धारण की प्रक्रिया भी इसी का हिस्सा है।
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80 प्रतिशत भूमि के होंगे बैनामे
परियोजना के लिए चिह्नित भूमि में से करीब 80 प्रतिशत जमीन किसानों की सहमति से खरीदी जाएगी, जबकि शेष 20 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। पूर्व में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, 109 गांवों में से 107 गांवों में आपसी सहमति से जमीन खरीदने की योजना है। दो गांवों में भूमि खरीद से संबंधित प्रक्रिया अलग से पूरी की जानी है।
बैठक में तैयारियों की होगी समीक्षा: एडीएम न्यायिक
गंगा एक्सप्रेसवे के नोडल अधिकारी एडीएम न्यायिक शरदपाल सिंह ने बताया कि आपत्तियों का निस्तारण और संपत्तियों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद अब बैनामे कराने की प्रक्रिया को गति देने पर जोर है। बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक में जमीन की खरीद से जुड़ी औपचारिकताओं, रजिस्ट्री की व्यवस्था और किसानों की सहमति से संबंधित प्रगति की समीक्षा की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि नवंबर के पहले सप्ताह से बैनामे शुरू कराकर परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
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- किसानों की सहमति लेने की प्रक्रिया तेज, बृहस्पतिवार को प्रशासन और रजिस्ट्री अधिकारियों की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जिले में जमीन खरीदने की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। भूमि से संबंधित एक हजार से अधिक आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। वहीं, चिह्नित जमीन पर बनी संपत्तियों के मूल्यांकन का काम भी पूरा हो गया है। अब प्रशासन की ओर से किसानों की सहमति लेने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
नवंबर के पहले सप्ताह से जमीन के बैनामे शुरू कराने की तैयारी है। इससे पहले बृहस्पतिवार को प्रशासन और रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें बैनामे शुरू कराने से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
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गंगा एक्सप्रेसवे जिले की तीन तहसीलों बिजनौर सदर, चांदपुर और नजीबाबाद के 109 गांवों से होकर गुजरेगा। जिले में इसकी लंबाई करीब 56 किलोमीटर होगी। परियोजना के लिए इन गांवों की 1058.44 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। भूमि खरीद और अधिग्रहण की प्रक्रिया के लिए प्रशासन ने सर्वे, सत्यापन और आपत्तियों के निस्तारण का काम कराया था। किसानों की सहमति से भूमि खरीदने के लिए दर निर्धारण की प्रक्रिया भी इसी का हिस्सा है।
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80 प्रतिशत भूमि के होंगे बैनामे
परियोजना के लिए चिह्नित भूमि में से करीब 80 प्रतिशत जमीन किसानों की सहमति से खरीदी जाएगी, जबकि शेष 20 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। पूर्व में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, 109 गांवों में से 107 गांवों में आपसी सहमति से जमीन खरीदने की योजना है। दो गांवों में भूमि खरीद से संबंधित प्रक्रिया अलग से पूरी की जानी है।
बैठक में तैयारियों की होगी समीक्षा: एडीएम न्यायिक
गंगा एक्सप्रेसवे के नोडल अधिकारी एडीएम न्यायिक शरदपाल सिंह ने बताया कि आपत्तियों का निस्तारण और संपत्तियों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद अब बैनामे कराने की प्रक्रिया को गति देने पर जोर है। बृहस्पतिवार को होने वाली बैठक में जमीन की खरीद से जुड़ी औपचारिकताओं, रजिस्ट्री की व्यवस्था और किसानों की सहमति से संबंधित प्रगति की समीक्षा की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि नवंबर के पहले सप्ताह से बैनामे शुरू कराकर परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।