{"_id":"6501f2c54bc9ab95a105442c","slug":"forest-officers-expressed-concern-people-are-venting-their-grudge-under-the-guise-of-guldar-bijnor-news-c-27-1-smrt1004-10815-2023-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: वन अफसरों ने जताई चिंता, गुलदार की आड़ में लोग निकाल रहे रंजिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: वन अफसरों ने जताई चिंता, गुलदार की आड़ में लोग निकाल रहे रंजिश
विज्ञापन
पोस्टमार्टम पैनल में वन्य जीव विशेषज्ञ शामिल करने के लिए डीएम और एसपी को लिखा पत्र
वन अफसर बोले, इंटिंग पैटर्न और फॉरेंसिक जांच में पता चलेंगे सही कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में इस साल गुलदार के हमलों में 15 इंसानों की जान जा चुकी है। वन विभाग ने चिंता जाहिर की है कि जिले में गुलदार की आड़ में लोग रंजिश भी निकाल रहे हैं। ऐसे में गुलदार के हमले में मरने वाले इंसान के पोस्टमार्टम पैनल में वन्य जीव विशेषज्ञ को भी रखने के लिए डीएम और एसपी को पत्र लिखा है। ताकि इटिंग पैटर्न और फॉरेंसिक जांच से तथ्यों के साथ इसकी पुष्टि हो सके।
जिले में गुलदार लगातार हमले कर रहा है। जहां 50 से ज्यादा लोग पूरे साल में घायल हो चुके हैं, वहीं 15 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। गुलदार ने सबसे ज्यादा नगीना और अफजलढ़ क्षेत्रों में इंसानों की जान ली। जंगलों में गुलदार तो घूम रहे हैं, लेकिन वन विभाग अब इसे लोगों से रंजिश निकालने का हथियार भी मान रहा है। स्वोहड़ी में जहां बुजुर्ग को गुलदार उठा ले जाने का शोर मचा था। बाद में बुजुर्ग एक पुलिया के नीचे हाथ पैर बंधे हुए मिले थे।
कोतवाली देहात के गांव शादीपुर में भी ऐसा ही मामला हुआ था। अब डीएफओ ने डीएम और एसपी को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि गुलदार के हमले में मरने वालों की तथ्यपरक और सही पुष्टि हो सके, इसके लिए पोस्टमार्टम पैनल में पशु चिकित्सक और वन्य जीव विशेषज्ञ को शामिल किया जाना चाहिए। ताकि भविष्य में यदि ऐसी कोई घटना होती है तो विशेषज्ञ इटिंग पैटर्न, कैनाइन और पंजों के निशान, फॉरेंसिक नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाए सके। इससे यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि हमला गुलदार ने किया या किसी दूसरे जीव ने इंसान को मारा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वन अफसर बोले, इंटिंग पैटर्न और फॉरेंसिक जांच में पता चलेंगे सही कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में इस साल गुलदार के हमलों में 15 इंसानों की जान जा चुकी है। वन विभाग ने चिंता जाहिर की है कि जिले में गुलदार की आड़ में लोग रंजिश भी निकाल रहे हैं। ऐसे में गुलदार के हमले में मरने वाले इंसान के पोस्टमार्टम पैनल में वन्य जीव विशेषज्ञ को भी रखने के लिए डीएम और एसपी को पत्र लिखा है। ताकि इटिंग पैटर्न और फॉरेंसिक जांच से तथ्यों के साथ इसकी पुष्टि हो सके।
जिले में गुलदार लगातार हमले कर रहा है। जहां 50 से ज्यादा लोग पूरे साल में घायल हो चुके हैं, वहीं 15 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। गुलदार ने सबसे ज्यादा नगीना और अफजलढ़ क्षेत्रों में इंसानों की जान ली। जंगलों में गुलदार तो घूम रहे हैं, लेकिन वन विभाग अब इसे लोगों से रंजिश निकालने का हथियार भी मान रहा है। स्वोहड़ी में जहां बुजुर्ग को गुलदार उठा ले जाने का शोर मचा था। बाद में बुजुर्ग एक पुलिया के नीचे हाथ पैर बंधे हुए मिले थे।
विज्ञापन
कोतवाली देहात के गांव शादीपुर में भी ऐसा ही मामला हुआ था। अब डीएफओ ने डीएम और एसपी को पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि गुलदार के हमले में मरने वालों की तथ्यपरक और सही पुष्टि हो सके, इसके लिए पोस्टमार्टम पैनल में पशु चिकित्सक और वन्य जीव विशेषज्ञ को शामिल किया जाना चाहिए। ताकि भविष्य में यदि ऐसी कोई घटना होती है तो विशेषज्ञ इटिंग पैटर्न, कैनाइन और पंजों के निशान, फॉरेंसिक नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाए सके। इससे यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि हमला गुलदार ने किया या किसी दूसरे जीव ने इंसान को मारा है।
विज्ञापन