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Bijnor News: बिजनौर-स्कूलों तक पहुंचा आई फ्लू, बच्चे हो रहे शिकार
Mon, 31 Jul 2023 11:46 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Mon, 31 Jul 2023 11:46 PM IST
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बिजनौर मेडिकल अस्पताल में आई फ्लू से ग्रस्ति बच्चे की जांच करते चिकित्सक बच्चेडा. रजनीश शर्मा।
-आई फ्लू होने की वजह से स्कूल से छुट्टी ले रहे विद्यार्थी
-आई फ्लू से ग्रसित 35 बच्चे रोजाना पहुंच रहे मेडिकल अस्पताल
फोटो..
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। आई फ्लू का संक्रमण लगातार फैलता जा रहा है। स्कूली बच्चे आई फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। जहां मेडिकल अस्पताल में रोजाना आई फ्लू के करीब 35 बच्चे पहुंच रहे हैं।
बरसात के बाद तेज धूप आंखों को लाल कर रही है। पहले बड़ी उम्र के लोग आई फ्लू की चपेट में आ रहे थे, लेकिन अब बच्चे इसके शिकार हो रहे हैं। मेडिकल अस्पताल के नेत्र विभाग में रोजाना करीब 150 मरीजों की ओपीडी हो रही हैं। जिनमें से करीब 60 मरीज केवल आई फ्लू के आ रहे हैं। वहीं इन आई फ्लू के मरीजों में करीब 35 मरीज बच्चे शामिल हैं। वहीं आई फ्लू के कारण बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं।
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आई फ्लू के लक्षण-
-आंखें लाल होना
-आंखों में सूजन आना
-आंखों में खुजली आना
-आंखों में जलन होना
-आंखों से सफेद चिपचिपा पदार्थ निकलना
-आंखों से अधिक आंसू आना
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आई फ्लू से ऐसे करें बचाव-
-ताजे पानी से बार-बार आंखें धोते रहें
-हाथों से बार-बार आंखों को ना छुएं
-अपने तकिए के कवर को बदलते रहें
-संक्रमित व्यक्ति का तौलिया, रूमाल या अन्य वस्तुएं साझा न करें
-ज्यादा समस्या होने पर चिकित्सक से संपर्क करें
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कंजंक्टिवा पर सूजन की वजह से होता है आई फ्लू : डॉ. रजनीश शर्मा
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश कुमार शर्मा का कहना है कि आई फ्लू संक्रमण कंजंक्टिवा पर सूजन की वजह से होता है। कंजंक्टिवा पतली झिल्ली होती है, जो आंख के सफेद भाग और पलकों की आंतरिक परत को कवर करती है। ज्यादा आर्द्रता होने की वजह से लोग बैक्टीरिया, वायरस के संपर्क में आ जाते हैं। इसलिए आई फ्लू की संख्या बढ़ रही है।
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आई फ्लू के बारे में जागरूक करने के दिए निर्देश : डॉ. विजय कुमार गोयल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय कुमार गोयल का कहना है कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सकों को आई फ्लू के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। परिजन बच्चों की आंखों का ध्यान रखें। बार-बार आंखों को धाेते रहें और आंखों को ना छुएं।
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-आई फ्लू से ग्रसित 35 बच्चे रोजाना पहुंच रहे मेडिकल अस्पताल
फोटो..
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। आई फ्लू का संक्रमण लगातार फैलता जा रहा है। स्कूली बच्चे आई फ्लू की चपेट में आ रहे हैं। जहां मेडिकल अस्पताल में रोजाना आई फ्लू के करीब 35 बच्चे पहुंच रहे हैं।
बरसात के बाद तेज धूप आंखों को लाल कर रही है। पहले बड़ी उम्र के लोग आई फ्लू की चपेट में आ रहे थे, लेकिन अब बच्चे इसके शिकार हो रहे हैं। मेडिकल अस्पताल के नेत्र विभाग में रोजाना करीब 150 मरीजों की ओपीडी हो रही हैं। जिनमें से करीब 60 मरीज केवल आई फ्लू के आ रहे हैं। वहीं इन आई फ्लू के मरीजों में करीब 35 मरीज बच्चे शामिल हैं। वहीं आई फ्लू के कारण बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं।
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आई फ्लू के लक्षण-
-आंखें लाल होना
-आंखों में सूजन आना
-आंखों में खुजली आना
-आंखों में जलन होना
-आंखों से सफेद चिपचिपा पदार्थ निकलना
-आंखों से अधिक आंसू आना
आई फ्लू से ऐसे करें बचाव-
-ताजे पानी से बार-बार आंखें धोते रहें
-हाथों से बार-बार आंखों को ना छुएं
-अपने तकिए के कवर को बदलते रहें
-संक्रमित व्यक्ति का तौलिया, रूमाल या अन्य वस्तुएं साझा न करें
-ज्यादा समस्या होने पर चिकित्सक से संपर्क करें
कंजंक्टिवा पर सूजन की वजह से होता है आई फ्लू : डॉ. रजनीश शर्मा
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश कुमार शर्मा का कहना है कि आई फ्लू संक्रमण कंजंक्टिवा पर सूजन की वजह से होता है। कंजंक्टिवा पतली झिल्ली होती है, जो आंख के सफेद भाग और पलकों की आंतरिक परत को कवर करती है। ज्यादा आर्द्रता होने की वजह से लोग बैक्टीरिया, वायरस के संपर्क में आ जाते हैं। इसलिए आई फ्लू की संख्या बढ़ रही है।
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आई फ्लू के बारे में जागरूक करने के दिए निर्देश : डॉ. विजय कुमार गोयल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय कुमार गोयल का कहना है कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सकों को आई फ्लू के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। परिजन बच्चों की आंखों का ध्यान रखें। बार-बार आंखों को धाेते रहें और आंखों को ना छुएं।