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दो ट्रकों व शीरे से लदे टैंकर की भिडंत में चालक समेत पांच मरे, पांच घायल
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सड़क हादसे में टैंकर चालक सहित पांच लोगों की मौत
बिजनौर। झालू मार्ग पर बुधवार रात 11 बजे बाईपास चौराहे पर शीरे से भरे टैंकर व दो ट्रकों की भिड़ंत में टैंकर में सवार चालक और चार मजदूरों की मौत हो गई और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी मजदूर दस दिन की छुट्टी पर मुजफ्फरनगर की पेपर मिल से टैंकर में सवार होकर घर लौट रहे थे। पांच लोगों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। हादसे के दौरान ट्रक की टंकी फटने और तेल गिरने से सड़क पर आग फैल गई और टैंकर के अगले हिस्से में आग गई। आग को बुझाने मेें एसपी समेत कई पुलिस कर्मी भी झुलस गए। एसपी संजीव त्यागी सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने सभी मृतकों व घायलों को वाहन से बाहर निकला।
धामपुर थाना क्षेत्र के गांव मिलकमुकीमपुर निवासी राम सिंह का 28 साल का पुत्र जौनी, अशोक कुमार का 28 साल का पुत्र राहुल, गंगाराम का 27 साल का पुत्र प्रमोद 55 वर्षीय रघुवीर सिंह, 30 वर्षीय अमित कुमार, 27 वर्षीय मुकेश व 30 वर्षीय विनेश मुजफ्फरनगर में भोपा रोड पर स्थित अग्रवाल पेपर मिल में मजदूरी करते थे। बुधवार की रात सभी मजदूर मुजफ्फरनगर से धामपुर शुगर मिल जा रहे शीरे के टैंकर में सवार होकर दस दिन की छुट्टी पर अपने घर जा रहे थे। टैंकर अफजलगढ़ थाने के गांव पर्वतपुर निवासी विजय का 29 वर्षीय पुत्र पदम उर्फ पंकज चला रहा था। झालू मार्ग पर काली मंदिर के पास बाईपास चौराहे पर बिजनौर की तरफ से जा रहा टैंकर पहले मुरादाबाद से कोयले से लदे ट्रक से टकराने के बाद बैराज की तरफ से बाईपास मार्ग पर आ रहे रेत से लदे 22 टायरा ट्रक से टकरा गया। टैंकर में सवार जौनी, राहुल, प्रमोद ,रघुवीर चालक पदम उर्फ पंकज की मौके पर ही मौत हो गई , जबकि अमित, विनेश व मुकेश के अलावा रेत से लदे ट्रक का चालक मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव अब्दुलपुर निवासी मोबिन व हेल्पर सहारनपुर जिले के देवबंद थाना क्षेत्र के गांव दांडी धामना निवासी विकास घायल हो गए। एसपी संजीव त्यागी समेत सभी अफसर मौके पर पहुंचे। मृतक व घायलों को वाहनों से बाहर निकाला।
एसपी सहित कई पुलिसकर्मी झुलसे
शहर कोतवाल रमेश चंद शर्मा के मुताबिक हादसे के टैंकर के तेल की निकल कर सड़क पर गिर गई। रेत से भरे ट्रक की टंकी भी फट गई। तेल सड़क पर बिखरने से आग लग गई। एसपी व पुलिस कर्मी आग को बुझाने के साथ मृतक व घायलों को निकालने में जुट गए। एसपी संजीव त्यागी, पीआरओ अरविंद कुमार, सिपाही अश्वनी कक्कड, आकाश धामा, अजय कुमार, धीरेंद्र प्रताप सीओ सिटी अरुण कुमार के साथ आए सिपाही सुलभ राणा, संदीप कुमार व सुधीर कुमार झुलस गए। डीएम रमा कांत पांडेय अफसरों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे व अंतिम संस्कार के लिए मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार रुपये दिए। बाकी मदद बाद में कराने का भरोसा दिलाया। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने भी मौके अस्पताल पहुंचकर मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया।
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एक ही परिवार के चार लोगों की मौत पर मचा कोहराम
बिजनौर। चार मजदूूरों व टैंकर चालक का पलभर में ही मौत ने लील लिया। मृतक अपने मासूम बच्चों को रोता बिलखता छोड़ गए। चारों लोग एक साथ मजदूरी करने के लिए मुजफ्फरनगर की पेपर मिल में गए थे। जहां भी जाते थे सब एक साथ ठेके पर मजदूरी करने जाते थे। बुधवार की रात परिजनों को भी उनके घर आने का पता नहीं था। घर पर तो उनकी मौत की सूचना गई। यह सुनकर परिजनों सन रह गए। चालक को छोड़कर चारों मृतक एक ही परिवार के थे।
धामपुर थाने के गांव मिलक मुकीमपुर निवासी जौनी तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर का था। वह अपने पीछे चार व एक साल का बेटा रोता बिलखता हुआ छोड़ गया है। राहुल भी तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके तीन साल का लड़का है। प्रमोद चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके चार साल की पुत्री व दो साल का पुत्र है। रघुवीर तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके दो पुत्री हैं, दोनों की शादी हो गई। चालक पद्म उर्फ पंकज के चार व एक साल के दो बेटे हैं। मासूम बच्चों को ये अपने पीछे रोता बिलखता छोड़ गए। पलभर में ही मौत ने उन्हें गले लगा लिया। ये पेपर मिल से दस दिन की छुट्टी पर खुशी के साथ रवाना हुए थे। उन्हें क्या मालूम था कि सही सलामत घर नहीं पहुंचेंगे। रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। मुजफ्फरनगर से शीरे से भरा ट्रक धामपुर शुगर मिल आ रहा था। गांव के सातों मजदूर घर जाने के लिए टैंकर में सवार हो गए। हादसे की रात में ही सूचना परिजनों को दी गई। वे रोते बिलखते हुए मौके की ओर दौड़े। परिजनों के मुताबिक चारों मृतक व घायल एक साथ ठेके पर मजदूरी करने के लिए जाते थे। मुजफ्फरनगर की पेपर मिल में 10-15 दिन पहले ये मजदूरी करने गए थे।
घायलों के लिए देवदूत बने एसपी
एसपी संजीव त्यागी घायलों के लिए देवदूत बनकर आए। एसपी ने आग की परवाह किए बगैर टैंकर के अंदर घुस गए व खुद मृतक व घायलों को निकालने लगे। यह देख पुलिसकर्मी हक्के-बक्के रह गए। तक जाकर पुलिसकर्मी भी मदद के लिए दौड़े। एसपी साहस नहीं दिखाते तो अन्य घायलों की भी जान जा सकती थी।
एसपी संजीव त्यागी हादसे की सूचना पर जब मौके पर पहुंचे तो टैंकर में घायल व मृतक फंसे हुए थे। टैंकर के अगले हिस्से को आग ने अपनी चपेट में ले रखा था। उन्होंने अग्निशमन विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। टीम के आने से पहले ही एसपी खुद मृतकों व घायलों को टैंकर से निकालने में जुट गए। एक-एक घायल व मृतक को वह खुद निकालकर लाए। घायलों को उन्होंने एक निजी अस्पताल पहुंचाया। ट्रक के घायल चालक और हेल्पर को निकालकर भी अस्पताल भेजा। एसपी की हिम्मत को देख अन्य पुलिसकर्मी भी मदद करने में जुट गए। आग को बुझाया गया। मौके पर मौजूद पुलिस अफसरों व पुलिस कर्मियों के मुताबिक खुद एसपी अगर घायलों को बाहर नहीं निकालते तो कुछ घायलों की भी जान जा सकती थी। घायलों के लिए वे देवदूत बनकर आए।
जॉनी ने मांगा था बैंक का खाता नंबर
जॉनी के बड़े भाई रामकुमार के मुताबिक बुधवार की शाम पांच बजे जॉनी का फोन आया था। उसने बैंक में पैसा डालने के लिए एकाउंट नंबर मांगा था, पर ये नहीं बताया था कि वह रात में घर आ रहा है। अगर घर आने की बात बताता तो वह इंतजार करते।
बुधवार को मिला था मजदूरी का पैसा
परिजनों के मुताबिक सातों को बुधवार को ही उनकी मजदूरी का पैसा मिला था। तभी इन सभी ने घर आने का प्लान बनाया था। पर किसी को नहीं बताया। मजदूरी का पैसा नहीं मिलता तो वह नहीं आते। रात में 11 बजे के बाद उन्हें हादसे का पता चला तब वह दौड़कर बिजनौर आए।
चौराहे पर दौड़ते हैं तेजी से वाहन
काली मंदिर के पास बाईपास चौराहे पर जहां हादसे हुुआ है, उस चौराहे को कोई नहीं देख रहा। चौराहे पर खूब हादसे होने लगे हैं। लोग तेजी से चौराहे पर वाहन दौड़ाकर निकाल रहे हैं। इस चौराहे पर रात में पुलिस भी तैनात नहीं रहती है। चालक मनमर्जी से तेजी के साथ वाहन दौड़ाते हैं।
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बिजनौर। झालू मार्ग पर बुधवार रात 11 बजे बाईपास चौराहे पर शीरे से भरे टैंकर व दो ट्रकों की भिड़ंत में टैंकर में सवार चालक और चार मजदूरों की मौत हो गई और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी मजदूर दस दिन की छुट्टी पर मुजफ्फरनगर की पेपर मिल से टैंकर में सवार होकर घर लौट रहे थे। पांच लोगों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। हादसे के दौरान ट्रक की टंकी फटने और तेल गिरने से सड़क पर आग फैल गई और टैंकर के अगले हिस्से में आग गई। आग को बुझाने मेें एसपी समेत कई पुलिस कर्मी भी झुलस गए। एसपी संजीव त्यागी सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने सभी मृतकों व घायलों को वाहन से बाहर निकला।
धामपुर थाना क्षेत्र के गांव मिलकमुकीमपुर निवासी राम सिंह का 28 साल का पुत्र जौनी, अशोक कुमार का 28 साल का पुत्र राहुल, गंगाराम का 27 साल का पुत्र प्रमोद 55 वर्षीय रघुवीर सिंह, 30 वर्षीय अमित कुमार, 27 वर्षीय मुकेश व 30 वर्षीय विनेश मुजफ्फरनगर में भोपा रोड पर स्थित अग्रवाल पेपर मिल में मजदूरी करते थे। बुधवार की रात सभी मजदूर मुजफ्फरनगर से धामपुर शुगर मिल जा रहे शीरे के टैंकर में सवार होकर दस दिन की छुट्टी पर अपने घर जा रहे थे। टैंकर अफजलगढ़ थाने के गांव पर्वतपुर निवासी विजय का 29 वर्षीय पुत्र पदम उर्फ पंकज चला रहा था। झालू मार्ग पर काली मंदिर के पास बाईपास चौराहे पर बिजनौर की तरफ से जा रहा टैंकर पहले मुरादाबाद से कोयले से लदे ट्रक से टकराने के बाद बैराज की तरफ से बाईपास मार्ग पर आ रहे रेत से लदे 22 टायरा ट्रक से टकरा गया। टैंकर में सवार जौनी, राहुल, प्रमोद ,रघुवीर चालक पदम उर्फ पंकज की मौके पर ही मौत हो गई , जबकि अमित, विनेश व मुकेश के अलावा रेत से लदे ट्रक का चालक मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव अब्दुलपुर निवासी मोबिन व हेल्पर सहारनपुर जिले के देवबंद थाना क्षेत्र के गांव दांडी धामना निवासी विकास घायल हो गए। एसपी संजीव त्यागी समेत सभी अफसर मौके पर पहुंचे। मृतक व घायलों को वाहनों से बाहर निकाला।
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एसपी सहित कई पुलिसकर्मी झुलसे
शहर कोतवाल रमेश चंद शर्मा के मुताबिक हादसे के टैंकर के तेल की निकल कर सड़क पर गिर गई। रेत से भरे ट्रक की टंकी भी फट गई। तेल सड़क पर बिखरने से आग लग गई। एसपी व पुलिस कर्मी आग को बुझाने के साथ मृतक व घायलों को निकालने में जुट गए। एसपी संजीव त्यागी, पीआरओ अरविंद कुमार, सिपाही अश्वनी कक्कड, आकाश धामा, अजय कुमार, धीरेंद्र प्रताप सीओ सिटी अरुण कुमार के साथ आए सिपाही सुलभ राणा, संदीप कुमार व सुधीर कुमार झुलस गए। डीएम रमा कांत पांडेय अफसरों के साथ जिला अस्पताल पहुंचे व अंतिम संस्कार के लिए मृतकों के परिजनों को 20-20 हजार रुपये दिए। बाकी मदद बाद में कराने का भरोसा दिलाया। जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र चौधरी ने भी मौके अस्पताल पहुंचकर मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया।
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एक ही परिवार के चार लोगों की मौत पर मचा कोहराम
बिजनौर। चार मजदूूरों व टैंकर चालक का पलभर में ही मौत ने लील लिया। मृतक अपने मासूम बच्चों को रोता बिलखता छोड़ गए। चारों लोग एक साथ मजदूरी करने के लिए मुजफ्फरनगर की पेपर मिल में गए थे। जहां भी जाते थे सब एक साथ ठेके पर मजदूरी करने जाते थे। बुधवार की रात परिजनों को भी उनके घर आने का पता नहीं था। घर पर तो उनकी मौत की सूचना गई। यह सुनकर परिजनों सन रह गए। चालक को छोड़कर चारों मृतक एक ही परिवार के थे।
धामपुर थाने के गांव मिलक मुकीमपुर निवासी जौनी तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर का था। वह अपने पीछे चार व एक साल का बेटा रोता बिलखता हुआ छोड़ गया है। राहुल भी तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसके तीन साल का लड़का है। प्रमोद चार भाइयों में सबसे छोटा था। उसके चार साल की पुत्री व दो साल का पुत्र है। रघुवीर तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके दो पुत्री हैं, दोनों की शादी हो गई। चालक पद्म उर्फ पंकज के चार व एक साल के दो बेटे हैं। मासूम बच्चों को ये अपने पीछे रोता बिलखता छोड़ गए। पलभर में ही मौत ने उन्हें गले लगा लिया। ये पेपर मिल से दस दिन की छुट्टी पर खुशी के साथ रवाना हुए थे। उन्हें क्या मालूम था कि सही सलामत घर नहीं पहुंचेंगे। रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। मुजफ्फरनगर से शीरे से भरा ट्रक धामपुर शुगर मिल आ रहा था। गांव के सातों मजदूर घर जाने के लिए टैंकर में सवार हो गए। हादसे की रात में ही सूचना परिजनों को दी गई। वे रोते बिलखते हुए मौके की ओर दौड़े। परिजनों के मुताबिक चारों मृतक व घायल एक साथ ठेके पर मजदूरी करने के लिए जाते थे। मुजफ्फरनगर की पेपर मिल में 10-15 दिन पहले ये मजदूरी करने गए थे।
घायलों के लिए देवदूत बने एसपी
एसपी संजीव त्यागी घायलों के लिए देवदूत बनकर आए। एसपी ने आग की परवाह किए बगैर टैंकर के अंदर घुस गए व खुद मृतक व घायलों को निकालने लगे। यह देख पुलिसकर्मी हक्के-बक्के रह गए। तक जाकर पुलिसकर्मी भी मदद के लिए दौड़े। एसपी साहस नहीं दिखाते तो अन्य घायलों की भी जान जा सकती थी।
एसपी संजीव त्यागी हादसे की सूचना पर जब मौके पर पहुंचे तो टैंकर में घायल व मृतक फंसे हुए थे। टैंकर के अगले हिस्से को आग ने अपनी चपेट में ले रखा था। उन्होंने अग्निशमन विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। टीम के आने से पहले ही एसपी खुद मृतकों व घायलों को टैंकर से निकालने में जुट गए। एक-एक घायल व मृतक को वह खुद निकालकर लाए। घायलों को उन्होंने एक निजी अस्पताल पहुंचाया। ट्रक के घायल चालक और हेल्पर को निकालकर भी अस्पताल भेजा। एसपी की हिम्मत को देख अन्य पुलिसकर्मी भी मदद करने में जुट गए। आग को बुझाया गया। मौके पर मौजूद पुलिस अफसरों व पुलिस कर्मियों के मुताबिक खुद एसपी अगर घायलों को बाहर नहीं निकालते तो कुछ घायलों की भी जान जा सकती थी। घायलों के लिए वे देवदूत बनकर आए।
जॉनी ने मांगा था बैंक का खाता नंबर
जॉनी के बड़े भाई रामकुमार के मुताबिक बुधवार की शाम पांच बजे जॉनी का फोन आया था। उसने बैंक में पैसा डालने के लिए एकाउंट नंबर मांगा था, पर ये नहीं बताया था कि वह रात में घर आ रहा है। अगर घर आने की बात बताता तो वह इंतजार करते।
बुधवार को मिला था मजदूरी का पैसा
परिजनों के मुताबिक सातों को बुधवार को ही उनकी मजदूरी का पैसा मिला था। तभी इन सभी ने घर आने का प्लान बनाया था। पर किसी को नहीं बताया। मजदूरी का पैसा नहीं मिलता तो वह नहीं आते। रात में 11 बजे के बाद उन्हें हादसे का पता चला तब वह दौड़कर बिजनौर आए।
चौराहे पर दौड़ते हैं तेजी से वाहन
काली मंदिर के पास बाईपास चौराहे पर जहां हादसे हुुआ है, उस चौराहे को कोई नहीं देख रहा। चौराहे पर खूब हादसे होने लगे हैं। लोग तेजी से चौराहे पर वाहन दौड़ाकर निकाल रहे हैं। इस चौराहे पर रात में पुलिस भी तैनात नहीं रहती है। चालक मनमर्जी से तेजी के साथ वाहन दौड़ाते हैं।