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ट्रैंच विधि से खेत में बोया पांच फीट का गन्ना
अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Updated Thu, 09 Jun 2016 12:15 AM IST
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बिजनौर में सामान्य तरीके से बोए गए खेत की निराई-गुढाई में ही लगे हैं किसान जबकि ट्रैंच विधि से खेत में पांच फीट से अधिक ऊंचा गन्ना खड़ा है। यह गन्ना अभी और बढ़ेगा और मिल में डालने के समय तक एक बीघा में 150 कुंतल प्रति बीघा तक निकलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
गांव करौंदा चौधर निवासी किसान शरद त्यागी ने जिले में ट्रैंच विधि से गन्ना उत्पादन बढ़ने पर अपनी 60 बीघा जमीन में सितंबर 2015 में गन्ने की बुआई की थी। सभी खेत में 0238 गन्ने की बुआई की थी।
गन्ने की गुल चार-चार फीट की दूरी पर हैं। सिंचाई, खाद आदि में भी पूरा ध्यान दिया गया।इस समय गन्ने की लंबाई पांच फीट से अधिक है। यही नहीं, शरद त्यागी ने ट्रैंच विधि से बोए खेत में दस बीघा जमीन में मसूर बोई और करीब 30 हजार रुपये की मसूर उगाई।
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डीसीओ ओपी सिंह के मुताबिक ट्रैंच विधि से किसान बंपर फसल पैदा कर रहे हैं। बिजनौर की तर्ज पर बाकी जिलों के किसान भी ट्रैंच मॉडल अपना रहे हैं।
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गांव करौंदा चौधर निवासी किसान शरद त्यागी ने जिले में ट्रैंच विधि से गन्ना उत्पादन बढ़ने पर अपनी 60 बीघा जमीन में सितंबर 2015 में गन्ने की बुआई की थी। सभी खेत में 0238 गन्ने की बुआई की थी।
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गन्ने की गुल चार-चार फीट की दूरी पर हैं। सिंचाई, खाद आदि में भी पूरा ध्यान दिया गया।इस समय गन्ने की लंबाई पांच फीट से अधिक है। यही नहीं, शरद त्यागी ने ट्रैंच विधि से बोए खेत में दस बीघा जमीन में मसूर बोई और करीब 30 हजार रुपये की मसूर उगाई।
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डीसीओ ओपी सिंह के मुताबिक ट्रैंच विधि से किसान बंपर फसल पैदा कर रहे हैं। बिजनौर की तर्ज पर बाकी जिलों के किसान भी ट्रैंच मॉडल अपना रहे हैं।