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Bijnor News: गुलफाम की हत्या में पिता को आजीवन कारावास
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम अवतार यादव ने बेटे गुलफाम की हत्या का दोषी पाते हुए शाहिद को आजीवन कारावास एवं 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से आधी राशि मृतक की मां रोशन जहां को दी जाएगी।
रोशन जहां ने थाना कोतवाली देहात में रिपोर्ट लिखवाई थी कि उसका पति शाहिद निवासी ग्राम हाजीपुर से विवाद चल रहा था। इसके चलते वह अपने माता-पिता के यहां गांव श्यामीवाला में रहने आ गई थी। पांच मार्च 2023 को उसके बेटे गुलफाम के पास शाहिद का फोन आया और उसे मिलने के लिए बुलाया।
फोन के सुनने के बाद गुलफाम अपने पिता से मिलने हाजीपुर चला गया। दोपहर बाद पिता शाहिद ने अपने बेटे गुलफाम को चाकू से बुरी तरह गोद दिया। गंभीर रूप से घायल गुलफाम को कई अस्पतालों में ले जाया गया। उसके बाद बिजनौर अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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गुलफाम के छुरे के छह घाव थे। इस घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त छुरा शाहिद की निशानदेही पर बरामद किया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने इस पर मानव रक्त होने की पुष्टि की थी। कोर्ट ने इस मामले में शाहिद को पुत्र गुलफाम की हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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बिजनौर। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम अवतार यादव ने बेटे गुलफाम की हत्या का दोषी पाते हुए शाहिद को आजीवन कारावास एवं 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से आधी राशि मृतक की मां रोशन जहां को दी जाएगी।
रोशन जहां ने थाना कोतवाली देहात में रिपोर्ट लिखवाई थी कि उसका पति शाहिद निवासी ग्राम हाजीपुर से विवाद चल रहा था। इसके चलते वह अपने माता-पिता के यहां गांव श्यामीवाला में रहने आ गई थी। पांच मार्च 2023 को उसके बेटे गुलफाम के पास शाहिद का फोन आया और उसे मिलने के लिए बुलाया।
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फोन के सुनने के बाद गुलफाम अपने पिता से मिलने हाजीपुर चला गया। दोपहर बाद पिता शाहिद ने अपने बेटे गुलफाम को चाकू से बुरी तरह गोद दिया। गंभीर रूप से घायल गुलफाम को कई अस्पतालों में ले जाया गया। उसके बाद बिजनौर अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
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गुलफाम के छुरे के छह घाव थे। इस घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त छुरा शाहिद की निशानदेही पर बरामद किया। विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने इस पर मानव रक्त होने की पुष्टि की थी। कोर्ट ने इस मामले में शाहिद को पुत्र गुलफाम की हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।