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जैविक खेती अपनाने से बढ़ेगी किसान की आमदनी:डीएम
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जैविक खेती अपनाने से बढ़ेगी किसान की आमदनी : डीएम
बिजनौर। गो आधारित प्राकृतिक खेती करने का प्रशिक्षण लेने के लिए गंगा किनारे बसे गांवों के किसान मंगलवार सुबह कानपुर रवाना हुए। डीएम रमाकांत पांडेय ने किसानों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
गंगा किनारे बसे गांवों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बहुत प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को खेतों में पेस्टीसाइड एवं खाद के बजाए गोमूत्र एवं गोबर से बने खाद का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गंगा किनारे बसे सभी 22 गांवों से एक-एक किसान को जैविक खेती के प्रशिक्षण के लिए कानपुर ले जाया गया। डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि जैविक खेती की ओर लौटने से किसान की आमदनी बढ़ेगी और जमीन का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। जैविक खेती करने से जमीन की उर्वरक क्षमता कभी कम नहीं होगी और पेस्टीसाइड प्रभावित फसलों के उत्पाद खाने से होने वाले नुकसान से भी निजात मिलेगी। डीएम ने किसानों से गांव के बाकी किसानों को भी जैविक खेती से जोड़ने का आह्वान किया। इस दौरान कृषि उपनिदेशक जेपी चौधरी, जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र, आत्मा परियोजना निदेशक जेपी चौधरी सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
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बिजनौर। गो आधारित प्राकृतिक खेती करने का प्रशिक्षण लेने के लिए गंगा किनारे बसे गांवों के किसान मंगलवार सुबह कानपुर रवाना हुए। डीएम रमाकांत पांडेय ने किसानों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
गंगा किनारे बसे गांवों में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बहुत प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को खेतों में पेस्टीसाइड एवं खाद के बजाए गोमूत्र एवं गोबर से बने खाद का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गंगा किनारे बसे सभी 22 गांवों से एक-एक किसान को जैविक खेती के प्रशिक्षण के लिए कानपुर ले जाया गया। डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि जैविक खेती की ओर लौटने से किसान की आमदनी बढ़ेगी और जमीन का स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। जैविक खेती करने से जमीन की उर्वरक क्षमता कभी कम नहीं होगी और पेस्टीसाइड प्रभावित फसलों के उत्पाद खाने से होने वाले नुकसान से भी निजात मिलेगी। डीएम ने किसानों से गांव के बाकी किसानों को भी जैविक खेती से जोड़ने का आह्वान किया। इस दौरान कृषि उपनिदेशक जेपी चौधरी, जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र, आत्मा परियोजना निदेशक जेपी चौधरी सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
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