{"_id":"6a932cf505126a55390890d9","slug":"expert-panel-inspects-safety-of-peeli-dam-bijnor-news-c-27-1-smrt1025-188818-2026-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: विशेषज्ञ पैनल ने किया पीली बांध की सुरक्षा का निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: विशेषज्ञ पैनल ने किया पीली बांध की सुरक्षा का निरीक्षण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धामपुर। विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों के विशेषज्ञों के पैनल में शामिल अधिकारियों ने शनिवार को पीली डैम की सुरक्षा, संरचनात्मक स्थिति का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण बांध के आधुनिकीकरण, नवीनीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में विशेष पहल माना जा रहा है।
बताया गया कि पीली डैम का निर्माण कार्य वर्ष 1962 में प्रारंभ हुआ था। वर्ष 1966 में यह पूर्ण हुआ। वर्ष 1966 से लगातार यह बांध क्षेत्र की सिंचाई आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ बाढ़ प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बांध के दीर्घकालीन उपयोग को देखते हुए इसकी संरचनात्मक स्थिति, जल प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षा उपकरणों तथा हाइड्रो-मैकेनिकल व्यवस्थाओं का विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है। इस पैनल में विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। टीम में डाॅ. विनोद कुमार शर्मा की निर्देशन में बांध सुरक्षा विशेषज्ञ राजीव सचदेवा, डाॅ. अनिल कुमार लोहानी, विनीत भाटिया आदि बतौर सदस्य शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता, सिंचाई कार्य मंडल, मुरादाबाद राजीव मित्तल, अधिशासी अभियंता अरुण सचदेवा, एसडीओ पंकज कुमार जैन अधिकारी आदि मौजूद रहे।
निरीक्षण के बाद तैयार होगी विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट
विशेषज्ञ पैनल में शामिल अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के बाद पीली डैम की वर्तमान स्थिति, आवश्यक सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार होगी। रिपोर्ट में बांध की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कार्य चिह्नित किए जाएंगे। इसी तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्यों की परियोजना -डीपीआर तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी। स्वीकृति के बाद कार्य कराए जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
विज्ञापन
कार्यक्षमता को और बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
अधिकारियों का कहना है कि बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 के प्रावधानों के अनुरूप की जा रही सुरक्षात्मक प्रक्रिया से बांध की वर्तमान तकनीकी स्थिति का समग्र आकलन होगा। भविष्य में आवश्यक सुधारात्मक एवं सुरक्षा कार्यों के लिए वैज्ञानिक आधार उपलब्ध होगा।
60 वर्ष पुराना बांध, अब आधुनिकीकरण की ओर
अधिकारियों का कहना है कि पीली डैम ने 1966 से वर्ष 2026 तक लगभग 60 वर्षों की अपनी यात्रा में क्षेत्र की सिंचाई, बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में विशेषज्ञ पैनल द्वारा किया गया यह मूल्यांकन बांध की आगामी दशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। निरीक्षण रिपोर्ट, उसके आधार पर प्रस्तावित परियोजना के माध्यम से बांध को आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ बनाने की उम्मीद है।
विज्ञापन
बताया गया कि पीली डैम का निर्माण कार्य वर्ष 1962 में प्रारंभ हुआ था। वर्ष 1966 में यह पूर्ण हुआ। वर्ष 1966 से लगातार यह बांध क्षेत्र की सिंचाई आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ बाढ़ प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बांध के दीर्घकालीन उपयोग को देखते हुए इसकी संरचनात्मक स्थिति, जल प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षा उपकरणों तथा हाइड्रो-मैकेनिकल व्यवस्थाओं का विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है। इस पैनल में विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। टीम में डाॅ. विनोद कुमार शर्मा की निर्देशन में बांध सुरक्षा विशेषज्ञ राजीव सचदेवा, डाॅ. अनिल कुमार लोहानी, विनीत भाटिया आदि बतौर सदस्य शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता, सिंचाई कार्य मंडल, मुरादाबाद राजीव मित्तल, अधिशासी अभियंता अरुण सचदेवा, एसडीओ पंकज कुमार जैन अधिकारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
निरीक्षण के बाद तैयार होगी विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट
विशेषज्ञ पैनल में शामिल अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के बाद पीली डैम की वर्तमान स्थिति, आवश्यक सुरक्षा उपायों के संबंध में विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार होगी। रिपोर्ट में बांध की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कार्य चिह्नित किए जाएंगे। इसी तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्यों की परियोजना -डीपीआर तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी। स्वीकृति के बाद कार्य कराए जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
विज्ञापन
कार्यक्षमता को और बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
अधिकारियों का कहना है कि बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 के प्रावधानों के अनुरूप की जा रही सुरक्षात्मक प्रक्रिया से बांध की वर्तमान तकनीकी स्थिति का समग्र आकलन होगा। भविष्य में आवश्यक सुधारात्मक एवं सुरक्षा कार्यों के लिए वैज्ञानिक आधार उपलब्ध होगा।
60 वर्ष पुराना बांध, अब आधुनिकीकरण की ओर
अधिकारियों का कहना है कि पीली डैम ने 1966 से वर्ष 2026 तक लगभग 60 वर्षों की अपनी यात्रा में क्षेत्र की सिंचाई, बाढ़ प्रबंधन व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में विशेषज्ञ पैनल द्वारा किया गया यह मूल्यांकन बांध की आगामी दशकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। निरीक्षण रिपोर्ट, उसके आधार पर प्रस्तावित परियोजना के माध्यम से बांध को आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप और अधिक सुदृढ़ बनाने की उम्मीद है।