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बोझ नहीं, आशीर्वादक होते है बुजुर्ग : रश्मि
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बोझ नहीं, आशीर्वादक होते है बुजुर्ग : रश्मि
नजीबाबाद। बुजुर्ग परिवार में बोझ नहीं बल्कि आशीर्वादक होते हैं। जिस घर में वृद्धों का सम्मान होता है वह घर स्वर्ग के समान होता है। यह विचार वाणी अखिल भारतीय हिंदी संस्थान की विचार गोष्ठी में समाजसेवियों ने रखे।
संस्था की अध्यक्ष रश्मि अग्रवाल ने विश्व वृद्ध दिवस पर आयोजित विचार गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि लेखक अमन कुमार त्यागी ने कहा कि जैसा हम बोएंगे वैसा ही पाएंगे। यदि आप अपने बड़ों को सम्मान नहीं देंगे तो अपने बच्चों से भी सम्मान की उम्मीद न रखें। रश्मि अग्रवाल ने बताया कि सम्मान वृद्धों का हक है और बच्चों का फर्ज। जिन परिवारों में वृद्धों का आशीर्वाद बना रहता है, उन परिवारों की संपन्नता और सुख शांति अनुशासन की कहानी कहती दिखाई पड़ती है। डॉ. वर्षा अग्रवाल ने कहा कि बुजुर्ग परिवार की नींव होते हैं। बुजुर्गों का अनुभव और उनकी संघर्ष यात्रा ही वह ताकत है, जिसके बल पर एक परिवार बुलंदी पर पहुंच सकता है। समाजसेवी रचना शास्त्री, सुमन चौधरी, अर्चना चौहान, हिमानी भारद्वाज, शिवानी अग्रवाल, डॉ. अंजु बंसल, नीतू अग्रवाल ने अभिभावकों से अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने की अपील की। इस अवसर पर सविता अग्रवाल, ज्योत्सना भारती, शिखा गुप्ता, मीरा मित्तल, सुशीला गोयल आदि मौजूद रहीं।
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नजीबाबाद। बुजुर्ग परिवार में बोझ नहीं बल्कि आशीर्वादक होते हैं। जिस घर में वृद्धों का सम्मान होता है वह घर स्वर्ग के समान होता है। यह विचार वाणी अखिल भारतीय हिंदी संस्थान की विचार गोष्ठी में समाजसेवियों ने रखे।
संस्था की अध्यक्ष रश्मि अग्रवाल ने विश्व वृद्ध दिवस पर आयोजित विचार गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि लेखक अमन कुमार त्यागी ने कहा कि जैसा हम बोएंगे वैसा ही पाएंगे। यदि आप अपने बड़ों को सम्मान नहीं देंगे तो अपने बच्चों से भी सम्मान की उम्मीद न रखें। रश्मि अग्रवाल ने बताया कि सम्मान वृद्धों का हक है और बच्चों का फर्ज। जिन परिवारों में वृद्धों का आशीर्वाद बना रहता है, उन परिवारों की संपन्नता और सुख शांति अनुशासन की कहानी कहती दिखाई पड़ती है। डॉ. वर्षा अग्रवाल ने कहा कि बुजुर्ग परिवार की नींव होते हैं। बुजुर्गों का अनुभव और उनकी संघर्ष यात्रा ही वह ताकत है, जिसके बल पर एक परिवार बुलंदी पर पहुंच सकता है। समाजसेवी रचना शास्त्री, सुमन चौधरी, अर्चना चौहान, हिमानी भारद्वाज, शिवानी अग्रवाल, डॉ. अंजु बंसल, नीतू अग्रवाल ने अभिभावकों से अपने बच्चों को संस्कारवान बनाने की अपील की। इस अवसर पर सविता अग्रवाल, ज्योत्सना भारती, शिखा गुप्ता, मीरा मित्तल, सुशीला गोयल आदि मौजूद रहीं।
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