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इकड़ा नदी अब जल्द होगी अतिक्रमण मुक्त
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आबादी क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण नाला स्वरूप में बनी इकड़ा नदी।
- फोटो : DHAMPUR
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इकड़ा नदी अब जल्द होगी अतिक्रमण मुक्त
धामपुर। तहसील प्रशासन की ओर से अब जल्द ही इकड़ा नदी अतिक्रमण मुक्त होगी। नगर के भीतरी भाग में नाला के आकार ले चुकी नदी की न केवल सफाई होगी, बल्कि नदी की जमीन में हुए अतिक्रमण और अवैध कब्जे हटेंगे। तहसीलदार गोपेश तिवारी का कहना है कि विभाग की ओर से कार्यक्रम बना लिया गया है। बताया गया कि इकड़ा नदी क्षेत्र की जीवनदायिनी नदी में शुमार है। यदि जल्द ही काम शुरू नहीं कराया गया तो पिछले सालों की तरह से इस बार भी आने वाली भयंकर बाढ़ से लोगों को राहत दिलाना मुश्किल होगा।
गौरतलब है कि पांच मई को धामपुर तहसील में संभावित बाढ़ से उत्पन्न स्थिति से निपटने और प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए आपातकालीन सहायता समिति के सदस्यों की बैठक हुई थी। बैठक में धामपुर के राजस्व निरीक्षक योगेशचंद्र शर्मा ने कहा था कि धामपुर क्षेत्र में इकड़ा नदी प्रवाहित होती है, जो नगर के समीप से गुजरती है। जब पहाड़ों पर अधिक बारिश होती है तो इस नदी में उफनने लगती। नदी गांव धामपुर हुसैनपुर में प्रवेश कर चंद्रा राइस मिल से होती हुई धामपुर शुगर मिल रेलवे लाइन को पार कर कडूला नदी में जाकर विलय होती है, लेकिन गांव धामपुर हुसैनपुर से पहले जंगल में नदी की जमीन पर लोगों के अवैध कब्जे हैं। नगर के भीतर प्रवेश करने पर नदी नाले के आकार में हो गई। अधिकांश लोगों ने नदी की जमीन पर खेती कर रखी है या फिर स्थायी और अस्थायी निर्माण नदी के पूर्व स्वरूप को संकरा कर रखा है। जिससे गांव सुहागपुर, पुराना धामपुर, दीतनपुर, पक्काबाग, टीचर्स कॉलोनी, इंदिरा नगर कॉलोनी, मोहल्ला बाड़वान, शुगर मिल कॉलानी, फूलबाग कॉलानी आदि कालोनियों में बाढ़ आने से लोगों का भारी नुकसान होता है। यहां तक कि धामपुर हुसैनपुर का जूनियर हाई स्कूल से दयावती नर्सिंग होम तक नदी विकराल रूप धारण कर लेती है।
नदी की जमीन होगी कब्जामुक्त : तहसीलदार
तहसीलदार गोपेश तिवारी का कहना है कि मामला संज्ञान में है। जल्दी टीम का गठन कर नदी को पूर्व स्वरूप में लाने के लिए नदी की जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। नगर के भीतर भी नदी की सिल्ट सफाई होगी, जिन लोगों ने स्थायी और अस्थायी निर्माण कर कब्जा कर रखा है। कब्जों को ध्वस्त कर नदी की जमीन को मुक्त किया जाएगा।
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धामपुर। तहसील प्रशासन की ओर से अब जल्द ही इकड़ा नदी अतिक्रमण मुक्त होगी। नगर के भीतरी भाग में नाला के आकार ले चुकी नदी की न केवल सफाई होगी, बल्कि नदी की जमीन में हुए अतिक्रमण और अवैध कब्जे हटेंगे। तहसीलदार गोपेश तिवारी का कहना है कि विभाग की ओर से कार्यक्रम बना लिया गया है। बताया गया कि इकड़ा नदी क्षेत्र की जीवनदायिनी नदी में शुमार है। यदि जल्द ही काम शुरू नहीं कराया गया तो पिछले सालों की तरह से इस बार भी आने वाली भयंकर बाढ़ से लोगों को राहत दिलाना मुश्किल होगा।
गौरतलब है कि पांच मई को धामपुर तहसील में संभावित बाढ़ से उत्पन्न स्थिति से निपटने और प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए आपातकालीन सहायता समिति के सदस्यों की बैठक हुई थी। बैठक में धामपुर के राजस्व निरीक्षक योगेशचंद्र शर्मा ने कहा था कि धामपुर क्षेत्र में इकड़ा नदी प्रवाहित होती है, जो नगर के समीप से गुजरती है। जब पहाड़ों पर अधिक बारिश होती है तो इस नदी में उफनने लगती। नदी गांव धामपुर हुसैनपुर में प्रवेश कर चंद्रा राइस मिल से होती हुई धामपुर शुगर मिल रेलवे लाइन को पार कर कडूला नदी में जाकर विलय होती है, लेकिन गांव धामपुर हुसैनपुर से पहले जंगल में नदी की जमीन पर लोगों के अवैध कब्जे हैं। नगर के भीतर प्रवेश करने पर नदी नाले के आकार में हो गई। अधिकांश लोगों ने नदी की जमीन पर खेती कर रखी है या फिर स्थायी और अस्थायी निर्माण नदी के पूर्व स्वरूप को संकरा कर रखा है। जिससे गांव सुहागपुर, पुराना धामपुर, दीतनपुर, पक्काबाग, टीचर्स कॉलोनी, इंदिरा नगर कॉलोनी, मोहल्ला बाड़वान, शुगर मिल कॉलानी, फूलबाग कॉलानी आदि कालोनियों में बाढ़ आने से लोगों का भारी नुकसान होता है। यहां तक कि धामपुर हुसैनपुर का जूनियर हाई स्कूल से दयावती नर्सिंग होम तक नदी विकराल रूप धारण कर लेती है।
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नदी की जमीन होगी कब्जामुक्त : तहसीलदार
तहसीलदार गोपेश तिवारी का कहना है कि मामला संज्ञान में है। जल्दी टीम का गठन कर नदी को पूर्व स्वरूप में लाने के लिए नदी की जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। नगर के भीतर भी नदी की सिल्ट सफाई होगी, जिन लोगों ने स्थायी और अस्थायी निर्माण कर कब्जा कर रखा है। कब्जों को ध्वस्त कर नदी की जमीन को मुक्त किया जाएगा।
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