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चौकीदार की तालाब में डूबने से मौत
अमर उजाला/बिजनौर
Updated Sat, 11 Aug 2018 12:27 AM IST
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तालाब में नाव पलटने से डूबे व्यक्ति का शव खोजते गोताखोर।
- फोटो : अमर उजाला
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कोतवाली देहात में गांव पित्तानहेड़ी जियां में तालाब पार करते समय नाव से गिरे चौकीदार की पत्नी के सामने ही डूबने से मौत हो गई। चौकीदार का शव कई घंटे बाद तालाब से बरामद हुआ।
गांव में 42 बीघा जमीन में ढब्बा नामक झीलनुमा तालाब है। तालाब का मछली पालन का ठेका जनता फीस मत्स्य पालन कमेटी नहटौर के नाम है। कमेटी के अध्यक्ष कमर ठेकेदार ने मोहल्ला मोबीन नगर निवासी 55 वर्षीय शफीक अहमद तालाब की रखवाली करता था।
वह तैरना नहीं जानता था। तालाब काफी गहरा और अधिक लंबा होने के कारण शफीक नाव से तालाब की देखभाल करता था। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे वह तालाब के दूसरे किनारे पर था। उसकी पत्नी शकीला दोपहर का खाना देने तालाब पर आई। शफीक खाना खाने के लिए नाव से पत्नी की ओर आने लगा। बीच तालाब में अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और शफीक तालाब में जा गिरा। पत्नी के सामने ही वह तालाब में डूब गया।
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शकीला ने गांव में शोर मचाया। गांव वाले तुरंत तालाब पर पहुंचे। गांव के कुछ गोताखारों ने शफीक की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। सूचना पर कोतवाली देहात थाने की पुलिस फायर ब्रिगेड के गोताखोरों को लेकर मौके पर पहुंची। उन्होंने व गांव वालों को कड़ी मशक्कत के बाद करीब पांच बजे शफीक का शव तालाब से मिला। घटनास्थल पर पुलिस के अलावा राजस्व निरीक्षक सुरेंद्र कौशिक, लेखपाल बृजमोहन, लेखपाल मोहम्मद जीशान भी पहुंचे।
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गांव में 42 बीघा जमीन में ढब्बा नामक झीलनुमा तालाब है। तालाब का मछली पालन का ठेका जनता फीस मत्स्य पालन कमेटी नहटौर के नाम है। कमेटी के अध्यक्ष कमर ठेकेदार ने मोहल्ला मोबीन नगर निवासी 55 वर्षीय शफीक अहमद तालाब की रखवाली करता था।
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वह तैरना नहीं जानता था। तालाब काफी गहरा और अधिक लंबा होने के कारण शफीक नाव से तालाब की देखभाल करता था। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे वह तालाब के दूसरे किनारे पर था। उसकी पत्नी शकीला दोपहर का खाना देने तालाब पर आई। शफीक खाना खाने के लिए नाव से पत्नी की ओर आने लगा। बीच तालाब में अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और शफीक तालाब में जा गिरा। पत्नी के सामने ही वह तालाब में डूब गया।
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शकीला ने गांव में शोर मचाया। गांव वाले तुरंत तालाब पर पहुंचे। गांव के कुछ गोताखारों ने शफीक की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। सूचना पर कोतवाली देहात थाने की पुलिस फायर ब्रिगेड के गोताखोरों को लेकर मौके पर पहुंची। उन्होंने व गांव वालों को कड़ी मशक्कत के बाद करीब पांच बजे शफीक का शव तालाब से मिला। घटनास्थल पर पुलिस के अलावा राजस्व निरीक्षक सुरेंद्र कौशिक, लेखपाल बृजमोहन, लेखपाल मोहम्मद जीशान भी पहुंचे।