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Bijnor News: गुलदार न बना ले निवाला, पिंजरे में कर दिया रखवाला
Wed, 24 May 2023 12:49 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 24 May 2023 12:49 AM IST
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बढ़ापुर के ग्राम दोदराजपुर में गुलदार से बचाने के लिए पिंजरे में बंद किसान के पालतू कुत्तें।
- किसान ने अपने कुत्तों को बचाने के लिए बनवाया पिंजरा
- आए दिन सामने आ रहीं गुलदार के हमले की घटनाएं
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बढ़ापुर/बिजनौर। लोग अपने घर की रखवाली के लिए कुत्ते पालते हैं, लेकिन गुलदार के खौफ ने कुत्तों को ही पिंजरे में बंद करने को मजबूर कर दिया। आए दिन गुलदार के हमले की घटनाओं से चिंतित लोग अपने पालतू कुत्तों की सुरक्षा को लेकर इतने चिंतित हैं कि उन्हें पिंजरे में बंद कर सोते हैं। गांव दोदराजपुर के किसान परगट सिंह ने अपने दो पालतू कुत्तों को गुलदार से बचाने के लिए उनके लिए पिंजरा बनवा रखा है।
क्षेत्र के ग्राम दोदराजपुर में भी गुलदार की आवाजाही की खबरें सुनने में आती हैं। शिकार की तलाश में गुलदार रात में घरों के आसपास ही घूमते देखे जा रहे हैं। वन विभाग गांव व उसके आसपास पिंजरे लगवाता है, लेकिन कोई गुलदार पकड़ में नहीं आया। कुत्ते गुलदार का पसंदीदा भोजन है। कई कुत्तों को गुलदार अपना निवाला भी बना चुका है। ऐसे में लोेग अपने पालतू कुत्तों की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। गांव दोदराजपुर के किसान परगट सिंह ने अपने दोनों पालतू कुत्तों को गुलदार से बचाने के लिए पिंजरा बनवाया है। पिंजरा किसान के घर पर लगा है। रात में किसान के दोनों पालतू कुत्ते निडर होकर पिंजरे के भीतर रहते हैं।
परगट सिंह ने बताया कि रात के समय गुलदार कुत्ते को निवाला बनाने के लिए गांव में घर के भीतर तक पहुंच जाते हैं। गुलदार की आहट सुनाई देने पर कुत्तों के भौंकने से परिवार चौकन्ना हो जाता है। कुछ समय पहले गुलदार उनके एक पालतू कुत्ते को घर से उठाकर ले गया था। तब उन्होंने गुलदार से कुत्तों की सुरक्षा के लिए पिंजरा बनवाया।
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गुलदार का प्रिय भोजन है कुत्ता
वन्य जीव विशेषज्ञ जोएल लाएल कहते हैं कि यूं तो गुलदार जंगल में हर छोटे-बड़े जीव पर हमला करके अपना पेट भरता है, लेकिन आबादी के पास पहुंचने पर पालतू कुत्ते इसका प्रिय भोजन बनते हैं। यह घर में घुसकर कुत्तों को उठा ले जाता है। यदि पुराने घटनाओं पर नजर डालेंगे तो इसकी मौजूदगी उन जगहों पर ज्यादा हो जाती है, जहां पर कुत्ते मौजूद होते हैं।
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- आए दिन सामने आ रहीं गुलदार के हमले की घटनाएं
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बढ़ापुर/बिजनौर। लोग अपने घर की रखवाली के लिए कुत्ते पालते हैं, लेकिन गुलदार के खौफ ने कुत्तों को ही पिंजरे में बंद करने को मजबूर कर दिया। आए दिन गुलदार के हमले की घटनाओं से चिंतित लोग अपने पालतू कुत्तों की सुरक्षा को लेकर इतने चिंतित हैं कि उन्हें पिंजरे में बंद कर सोते हैं। गांव दोदराजपुर के किसान परगट सिंह ने अपने दो पालतू कुत्तों को गुलदार से बचाने के लिए उनके लिए पिंजरा बनवा रखा है।
क्षेत्र के ग्राम दोदराजपुर में भी गुलदार की आवाजाही की खबरें सुनने में आती हैं। शिकार की तलाश में गुलदार रात में घरों के आसपास ही घूमते देखे जा रहे हैं। वन विभाग गांव व उसके आसपास पिंजरे लगवाता है, लेकिन कोई गुलदार पकड़ में नहीं आया। कुत्ते गुलदार का पसंदीदा भोजन है। कई कुत्तों को गुलदार अपना निवाला भी बना चुका है। ऐसे में लोेग अपने पालतू कुत्तों की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। गांव दोदराजपुर के किसान परगट सिंह ने अपने दोनों पालतू कुत्तों को गुलदार से बचाने के लिए पिंजरा बनवाया है। पिंजरा किसान के घर पर लगा है। रात में किसान के दोनों पालतू कुत्ते निडर होकर पिंजरे के भीतर रहते हैं।
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परगट सिंह ने बताया कि रात के समय गुलदार कुत्ते को निवाला बनाने के लिए गांव में घर के भीतर तक पहुंच जाते हैं। गुलदार की आहट सुनाई देने पर कुत्तों के भौंकने से परिवार चौकन्ना हो जाता है। कुछ समय पहले गुलदार उनके एक पालतू कुत्ते को घर से उठाकर ले गया था। तब उन्होंने गुलदार से कुत्तों की सुरक्षा के लिए पिंजरा बनवाया।
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गुलदार का प्रिय भोजन है कुत्ता
वन्य जीव विशेषज्ञ जोएल लाएल कहते हैं कि यूं तो गुलदार जंगल में हर छोटे-बड़े जीव पर हमला करके अपना पेट भरता है, लेकिन आबादी के पास पहुंचने पर पालतू कुत्ते इसका प्रिय भोजन बनते हैं। यह घर में घुसकर कुत्तों को उठा ले जाता है। यदि पुराने घटनाओं पर नजर डालेंगे तो इसकी मौजूदगी उन जगहों पर ज्यादा हो जाती है, जहां पर कुत्ते मौजूद होते हैं।