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‘नि:शुल्क उपचार करने वाले चिकित्सक प्रशंसा के पात्र’

Mon, 31 Dec 2018 12:23 AM IST
Deepak Sharma अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर Published by: Deepak Sharma Updated Mon, 31 Dec 2018 12:23 AM IST
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'Doctor of Free Treatment Character of Praise'
बिजनौर में डा.अवधेश वशिष्ठ अपनी टीम के साथ। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में  मरीजों की सेवा को ईश्वर की सेवा कहा जाता है और अगर ईश्वर की सेवा की जाए तो उसका पुरस्कार भी मिलता है। यह बात डा.अवधेश वशिष्ठ, उनकी पत्नी डा.मिताली आत्रेय, डा.मोहम्मद दानिश, डा.मेहराज अंसारी, डा.जितेंद्र अग्रवाल, डा.अमित, डा.जितेश मलिक पर एकदम सटीक बैठती है। मरीजों के लिए कैंप लगाकर किए जा रहे नि:शुल्क उपचार ने उनका नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पूरे देश तक पहुंचा दिया। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में डा.अवधेश वशिष्ठ द्वारा चलाए जा रहे अभियान की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नाम लिए जाने से डा. वशिष्ठ व उनकी टीम के सदस्य खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
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जिले के ही गांव बिसाठ के रहने वाले छाती एवं क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डा.अवधेश वशिष्ठ ने बड़े शहर में प्रैक्टिस करने के बजाए अपने जिलेवासियों की सेवा करने की ठानी। यहां पर हर्ट लंग्स एंड क्रिटिकल केयर सेंटर खोला। उनके मन में गरीब मरीजों की मदद की ललक थी। इसके बारे में अपनी पत्नी डा.मिताली आत्रेय के अलावा युवा चिकित्सकों डा.जितेंद्र अग्रवाल, डा. मोहम्मद दानिश, डा.मेहराज अंसारी, डा.जितेश मलिक, डा.अमित से बात की तो उन्होंने अभियान में पूरा सहयोग देने की बात कही। फिर गरीब मरीजों के उपचार का सिलसिला शुरू हो गया। डा.अवधेश वशिष्ठ के अनुसार वे हर महीने दो से तीन कैंप नि:शुल्क लगाते हैं। कैंप में आने वाले मरीजों की ईसीजी, शुगर, ब्लड, फेफड़ों आदि की जांच नि:शुल्क करते हैं। मरीजों को दवाई भी नि:शुल्क दी जाती हैं। कैंप के बारे में प्रचार प्रसार भी किया जाता है। उनके द्वारा किया गया यह कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक भी पहुंचा। प्रधानमंत्री ने मन की बात में डा.अवधेश वशिष्ठ व उनकी टीम की प्रशंसा की है।
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कमीशन के बजाए सैंपल की दवाई लेकर देते हैं मरीजों को
चिकित्सक की फीस से ज्यादा खर्च तो दवाईयों का होता है। डा.अवधेश वशिष्ठ की टीम ने इसका भी हल निकाला। दवा कंपनी दवाइयों की बिक्री पर चिकित्सकों को कमीशन देती हैं। इन चिकित्सकों ने दवाई कंपनी से कमीशन लेने से साफ मना कर दिया और इसके बदले सैंपल की दवाई लीं। इन दवाईयों को कैंप में मरीजों को नि:शुल्क बांटा जाता है।
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हुआ सत्यापन
डा.अवधेश वशिष्ठ का नाम प्रधानमंत्री कार्यालय जाने से पहले उनके द्वारा लगाए जा रहे कैंप का सत्यापन किया गया। खुद प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसकी जांच कराई। जिले में भी डीएम व सीएमओ स्तर से इसकी जांच हुई।

यह कहा प्रधानमंत्री ने
जब हम हेल्थ केयर की बात करते हैं तो मैं उत्तर प्रदेश के बिजनौर में चिकित्सकों के सामाजिक प्रयास के बारे में भी चर्चा करना चाहूंगा। पिछले दिनों उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बताया था कि शहर के कुछ युवा चिकित्सक कैंप लगाकर गरीबों का फ्री उपचार करते हैं। यहां के हर्ट, लंग्स एंड क्रिटिकल केयर सेंटर की ओर से हर महीने ऐसे मेडिकल कैंप लगाए जाते हैं जहां कई तरह की बीमारियों की मुफ्त जांच व इलाज की व्यवस्था की जा रही है। आज हर महीने सैकड़ों गरीब मरीज इन कैंप से लाभान्वित हो रहे हैं। नि:स्वार्थ भाव से सेवा में जुटे इन चिकित्सक मित्रों का उत्साह सचमुच तारीफ के काबिल है। आज मैं यह बात बहुत गर्व के साथ कह रहा हूं।
यह है चिकित्सकों का प्रोफाइल
डा.अवधेश वशिष्ठ एमबीबीएस, डीएनबी, छाती रोग एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ
डा.जितेंद्र अग्रवाल, एमबीबीएस, एमएस, एफएमएएस, जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन यूरोसर्जरी विशेषज्ञ
डा.मिताली आत्रेय, एमबीबीएस, एमएस, नेत्र सर्जन
डा.मोहम्मद दानिश, बीयूएमएस
डा.जितेश मलिक, एमबीबीएस, कोर्डियोलोजिस्ट
डा.मेहराज अहमद, बीयूएमएस
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