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जिले की शुगर मिलें नवंबर में चलेंगी
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 24 Sep 2015 10:54 PM IST
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बिजनौर। जिले की शुगर मिल नवंबर में चलेंगी। पेराई सीजन जल्दी शुरू होने से गेहूं की बुआई समय से अधिक रकबे में हो सकेगी।
जिले में नौ शुगर मिल हैं। पिछले वर्ष मिल नवंबर के अंतिम सप्ताह में चलीं थी। इस कारण से गेहूं की बुआई कम रकबे में हुई थी और गेहूं का उत्पादन भी घटा था। इस समय किसान के सामने चारे की समस्या है और वह मिलों के चलने की ओर निगाह लगाए बैठा है।
डीसीओ ओपी सिंह ने बताया कि जिले में इस साल दो लाख तीन हजार हेक्टेयर रकबे में गन्ना है। जो पिछले साल के मुकाबले दो हजार हेक्टेयर अधिक है। इसमें 51 प्रतिशत अर्ली वैरायटी का गन्ना है।
मिलों में 70 से 75 प्रतिशत तक मशीनों की मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है। मिलों को 15 नवंबर तक पेराई शुरू करने को कहा गया है तथा इसको लेकर प्रशासन मिलों पर दबाव बनाए हुए हैं। डीसीओ ने बताया कि वह भाकियू पदाधिकारियों के साथ मिल का भ्रमण कर चुके हैं।
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मिल समय से चलेगा। डीसीओ ने बताया कि जिले का किसान अक्टूबर में शरदकालीन गन्ने की बुआई शुरू करता है। उन्होंने कम रकबे में अधिक पैदावार लेने के लिए ट्रेंच विधि से गन्ने की बुआई करने की सलाह दी है। भाकियू के जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंह का कहना है कि मिलों के जल्दी चलने से किसान गेहूं की बुआई समय से शुरू कर देगा।
इससे गेहूं का रकबा व उत्पादन बढ़ेगा। मिलों के समय से चलने पर किसान को चारे की समस्या से राहत मिलेगी।
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जिले में नौ शुगर मिल हैं। पिछले वर्ष मिल नवंबर के अंतिम सप्ताह में चलीं थी। इस कारण से गेहूं की बुआई कम रकबे में हुई थी और गेहूं का उत्पादन भी घटा था। इस समय किसान के सामने चारे की समस्या है और वह मिलों के चलने की ओर निगाह लगाए बैठा है।
डीसीओ ओपी सिंह ने बताया कि जिले में इस साल दो लाख तीन हजार हेक्टेयर रकबे में गन्ना है। जो पिछले साल के मुकाबले दो हजार हेक्टेयर अधिक है। इसमें 51 प्रतिशत अर्ली वैरायटी का गन्ना है।
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मिलों में 70 से 75 प्रतिशत तक मशीनों की मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है। मिलों को 15 नवंबर तक पेराई शुरू करने को कहा गया है तथा इसको लेकर प्रशासन मिलों पर दबाव बनाए हुए हैं। डीसीओ ने बताया कि वह भाकियू पदाधिकारियों के साथ मिल का भ्रमण कर चुके हैं।
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मिल समय से चलेगा। डीसीओ ने बताया कि जिले का किसान अक्टूबर में शरदकालीन गन्ने की बुआई शुरू करता है। उन्होंने कम रकबे में अधिक पैदावार लेने के लिए ट्रेंच विधि से गन्ने की बुआई करने की सलाह दी है। भाकियू के जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंह का कहना है कि मिलों के जल्दी चलने से किसान गेहूं की बुआई समय से शुरू कर देगा।
इससे गेहूं का रकबा व उत्पादन बढ़ेगा। मिलों के समय से चलने पर किसान को चारे की समस्या से राहत मिलेगी।