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जिले के खिलाड़ियों ने देशभर में लहराया परचम
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खिलाड़ी अमन चौधरी।
- फोटो : BIJNOR
जिले के खिलाड़ियों ने देशभर में लहराया परचम
बिजनौर/चांदपुर। प्रतिभा अपनी कामयाबी का रास्ता ढूंढ ही लेती है। जिले के कई खेलों के खिलाड़ी इस बात को साबित कर रहे हैं। इन्होंने उम्र और शरीर की कमजोरी को अपने खेल के आड़े नहीं आने दिया। जिस क्षेत्र में गए वहां सफलता के झंडे गाड़ दिए। ये खिलाड़ी देश के लिए मेडल जीतना चाहते हैं।
सेवानिवृत्ति के बाद दौड़ में जीते पदक
एसबीआई से सेवानिवृत्त 65 वर्षीय देशराज सिंह ने सेवानिवृत्ति के बाद दौड़ को दिनचर्या का हिस्सा बना लिया। उन्होंने स्टेडियम में खुद को फिट रखने के लिए जॉगिंग शुरू की थी, लेकिन जॉगिंग धीर धीरे दौड़ जुनून में बदल गई। दौड़ में उन्होंने स्टेडियम में युवाओं को पछाड़ना शुरू कर दिया। कई प्रतियोगिताओं में पदक जीते। इंटरनेशनल मैराथन 26 वर्चुअल गोल्ड कोस्ट मैराथन में देशराज सिंह समेत 110 देशों के करीब 35 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। देशराज सिंह इसमें प्रथम रहे। उन्होंने 10.5 किलोमीटर की रेस 59 मिनट 39 सेकेंड में पूरी की।
ओलंपिक में गोल्ड है आकांक्षा का सपना
गांव स्वाहेड़ी की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने कभी दिव्यांगता को शूटिंग के शौक के आड़े नहीं आने दिया। पीएनबी में कार्यरत आकांक्षा के सामने प्रैक्टिस करने की समस्या आई तो उसने घर पर ही शूटिंग रेंज खोल ली। 410 अंकों के साथ आकांक्षा देश की नंबर दो की पैरा शूटर रह चुकी हैं। देशभर में हुई अनेक शूटिंग प्रतियोगिताओं में कई गोल्ड मेडल जीते। घर पर शूटिंग रेंज बनाने वाली वह शायद आसपास के जिलों की भी इकलौती शूटर है। उसने 62वीं राष्ट्रीय राइफल शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। आकांक्षा सिंह ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहती है।
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सुमित के जज्बे को सब करते हैं प्रणाम
गांव बागड़पुर निवासी सुमित को क्रिकेट का शौक था। एक पैर दिव्यांगता का शिकार था। लेकिन सुमित ने क्रिकेट के लिए अपने जज्बे को कम नहीं होने दिया। उसने दिव्यांगों की टीम बना दी। उसने क्रिकेट के लिए अपने जैसे दीवानों को टीम में शामिल किया। वह इंडिया की राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में बांग्लादेश के खिलाफ खेल चुका है। उसने दिव्यांगों को क्रिकेट से जोड़ने के लिए वी केन/हम कर सकते हैं संस्था खोली है। संस्था साल में कई जगह टूर्नामेंट कराती है। सुमित केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक हैं और फिलहाल मेरठ कैंट में वह नियुक्त है। वह अब वेट लिफ्टिंग की भी तैयारी कर रहा है।
शुभम ने लिया कई प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन
चांदपुर क्षेत्र के गांव केलनपुर निवासी अनिल तोमर का पुत्र व पूर्व प्रधान राजीव तोमर का चचेरा भाई शुभम तोमर का बार्सिलोना स्पेन में 27 जून से 14 जुलाई 2019 तक चलने वाले नेशनल स्केटिंग हॉकी वर्ड रोलर मैच 2019 के लिए चयन हुआ था। वीजा न मिलने के कारण वह हुनर दिखाने से वंचित रह गया था। शुभम का वर्ष 2008 में जिलास्तरीय जूनियर हॉकी टीम में चयन हुआ था। शुभम ने 2009-2010 में नोएडा में हुई चैंपियनशिप में अपने खेल का सुंदर प्रदर्शन किया। 2016 में शुभम का यूपी टीम के लिए चयन हुआ। जोधपुर में हुई नेशनल चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया। 2017 में कुरुक्षेत्र में हुए नेशनल मैच में यूपी की टीम की ओर से खेलकर शानदार प्रदर्शन किया। 2018 में ऑल इण्डिया फेडरेशन कप चंडीगढ़ में भी प्रतिभाग किया। उसने 2019 में नोएडा में हुई स्टेट चैंपियनशिप व 2019 में विशाखापटनम में हुई नेशनल चैंपियनशिप में भी प्रतिभाग किया है।
खिलाड़ियों के आगे संसाधनों का अभाव है बाधक
चांदपुर के स्केटिंग हॉकी खिलाड़ी शुभम तोमर, शूटर मान्य मित्तल, बॉक्सर मुस्कान, बॉक्सर प्रगति आदि का कहना है कि क्षेत्र में स्टेडियम न होने की कमी है। क्षेत्र में प्रतिभा की कमी नहीं हैं। संसाधनों की कमी है। पर्याप्त संसाधन हों तो क्षेत्र से खेल जगत में बहुत सी प्रतिभाओं में निखार आ सकता है। उन्हें अपने खेल प्रतिभा को निखारने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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बिजनौर/चांदपुर। प्रतिभा अपनी कामयाबी का रास्ता ढूंढ ही लेती है। जिले के कई खेलों के खिलाड़ी इस बात को साबित कर रहे हैं। इन्होंने उम्र और शरीर की कमजोरी को अपने खेल के आड़े नहीं आने दिया। जिस क्षेत्र में गए वहां सफलता के झंडे गाड़ दिए। ये खिलाड़ी देश के लिए मेडल जीतना चाहते हैं।
सेवानिवृत्ति के बाद दौड़ में जीते पदक
एसबीआई से सेवानिवृत्त 65 वर्षीय देशराज सिंह ने सेवानिवृत्ति के बाद दौड़ को दिनचर्या का हिस्सा बना लिया। उन्होंने स्टेडियम में खुद को फिट रखने के लिए जॉगिंग शुरू की थी, लेकिन जॉगिंग धीर धीरे दौड़ जुनून में बदल गई। दौड़ में उन्होंने स्टेडियम में युवाओं को पछाड़ना शुरू कर दिया। कई प्रतियोगिताओं में पदक जीते। इंटरनेशनल मैराथन 26 वर्चुअल गोल्ड कोस्ट मैराथन में देशराज सिंह समेत 110 देशों के करीब 35 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। देशराज सिंह इसमें प्रथम रहे। उन्होंने 10.5 किलोमीटर की रेस 59 मिनट 39 सेकेंड में पूरी की।
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ओलंपिक में गोल्ड है आकांक्षा का सपना
गांव स्वाहेड़ी की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने कभी दिव्यांगता को शूटिंग के शौक के आड़े नहीं आने दिया। पीएनबी में कार्यरत आकांक्षा के सामने प्रैक्टिस करने की समस्या आई तो उसने घर पर ही शूटिंग रेंज खोल ली। 410 अंकों के साथ आकांक्षा देश की नंबर दो की पैरा शूटर रह चुकी हैं। देशभर में हुई अनेक शूटिंग प्रतियोगिताओं में कई गोल्ड मेडल जीते। घर पर शूटिंग रेंज बनाने वाली वह शायद आसपास के जिलों की भी इकलौती शूटर है। उसने 62वीं राष्ट्रीय राइफल शूटिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। आकांक्षा सिंह ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहती है।
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सुमित के जज्बे को सब करते हैं प्रणाम
गांव बागड़पुर निवासी सुमित को क्रिकेट का शौक था। एक पैर दिव्यांगता का शिकार था। लेकिन सुमित ने क्रिकेट के लिए अपने जज्बे को कम नहीं होने दिया। उसने दिव्यांगों की टीम बना दी। उसने क्रिकेट के लिए अपने जैसे दीवानों को टीम में शामिल किया। वह इंडिया की राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में बांग्लादेश के खिलाफ खेल चुका है। उसने दिव्यांगों को क्रिकेट से जोड़ने के लिए वी केन/हम कर सकते हैं संस्था खोली है। संस्था साल में कई जगह टूर्नामेंट कराती है। सुमित केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक हैं और फिलहाल मेरठ कैंट में वह नियुक्त है। वह अब वेट लिफ्टिंग की भी तैयारी कर रहा है।
शुभम ने लिया कई प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन
चांदपुर क्षेत्र के गांव केलनपुर निवासी अनिल तोमर का पुत्र व पूर्व प्रधान राजीव तोमर का चचेरा भाई शुभम तोमर का बार्सिलोना स्पेन में 27 जून से 14 जुलाई 2019 तक चलने वाले नेशनल स्केटिंग हॉकी वर्ड रोलर मैच 2019 के लिए चयन हुआ था। वीजा न मिलने के कारण वह हुनर दिखाने से वंचित रह गया था। शुभम का वर्ष 2008 में जिलास्तरीय जूनियर हॉकी टीम में चयन हुआ था। शुभम ने 2009-2010 में नोएडा में हुई चैंपियनशिप में अपने खेल का सुंदर प्रदर्शन किया। 2016 में शुभम का यूपी टीम के लिए चयन हुआ। जोधपुर में हुई नेशनल चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया। 2017 में कुरुक्षेत्र में हुए नेशनल मैच में यूपी की टीम की ओर से खेलकर शानदार प्रदर्शन किया। 2018 में ऑल इण्डिया फेडरेशन कप चंडीगढ़ में भी प्रतिभाग किया। उसने 2019 में नोएडा में हुई स्टेट चैंपियनशिप व 2019 में विशाखापटनम में हुई नेशनल चैंपियनशिप में भी प्रतिभाग किया है।
खिलाड़ियों के आगे संसाधनों का अभाव है बाधक
चांदपुर के स्केटिंग हॉकी खिलाड़ी शुभम तोमर, शूटर मान्य मित्तल, बॉक्सर मुस्कान, बॉक्सर प्रगति आदि का कहना है कि क्षेत्र में स्टेडियम न होने की कमी है। क्षेत्र में प्रतिभा की कमी नहीं हैं। संसाधनों की कमी है। पर्याप्त संसाधन हों तो क्षेत्र से खेल जगत में बहुत सी प्रतिभाओं में निखार आ सकता है। उन्हें अपने खेल प्रतिभा को निखारने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

खिलाड़ी अक्षय राठी।- फोटो : BIJNOR

देशराज सिंह।- फोटो : BIJNOR

शूटर आकांक्षा चौधरी।- फोटो : BIJNOR

स्केटिंग हॉकी खिलाड़ी शुभम तोमर।- फोटो : BIJNOR