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जिला प्रशासन ने बंद किए कोविड अस्पताल
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जिला प्रशासन ने बंद किए कोविड अस्पताल
बिजनौर। जनपद में कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ते ही जिला प्रशासन ने कोविड केयर सेंटर और अन्य कोविड अस्पतालों को बंद कर दिया है। अब जिला अस्पताल और होम आइसोलेशन ही कोरोना मरीजों को भर्ती करने का एकमात्र जरिया बचा है। अब इन अस्पतालों में सामान्य मरीजों को देखने की सुविधा शुरू कर दी गई है।
सीएमओ डा. विजय कुमार यादव ने बताया कि पूर्व मंडलीय राजस्व प्रशिक्षण केंद्र स्वाहेड़ी को कोविड केयर सेंटर बनाया गया था, जबकि शुरुआती दौर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समीपुर (नजीबाबाद) और हल्दौर को एल-1 श्रेेणी में आरक्षित किया गया था। इसके बाद जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन को 96 बेड वाला कोविड एल-2 विंग बनाया गया था। पिछले कई महीनों से नाममात्र ही मरीज भर्ती होने के कारण इसके बेड की संख्या घटाकर 50 कर दी गई है। फिलहाल वहां पर मात्र पांच मरीज ही भर्ती है। सीएमओ के अनुसार जनपद में करीब छह माह पूर्व शासन ने होम आइसोलेशन की सुविधा प्रदान की थी। इसके बाद से ज्यादातर लोग अपने घरों पर ही आइसोलेट रहते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना के लिए आरक्षित होने के कारण इन अस्पतालों में सामान्य रोगियों के लिए समुचित व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। अब इन अस्पतालों में सामान्य मरीजों को देखने की सुविधा शुरू कर दी गई है। यदि भविष्य में विपरीत परिस्थिति आती है, तो इन्हें फिर से शुरू किया जा सकता है। फिलहाल जिले के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होने के कारण कोरोना पिछले पांव लौटने लगा है। कहा कि जनपद बिजनौर स्योहारा थाने के ग्राम मेवा नवादा में 13 अप्रैल को मिला था। यह युवक दूध खरीदने और बेचने का काम करता था। इसके बाद से लेकर बुधवार शाम तक जनपद में कुल 4404 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 4315 ठीक भी हो चुके हैं और 64 लोगों ने दम तोड़ा है।
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बिजनौर। जनपद में कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ते ही जिला प्रशासन ने कोविड केयर सेंटर और अन्य कोविड अस्पतालों को बंद कर दिया है। अब जिला अस्पताल और होम आइसोलेशन ही कोरोना मरीजों को भर्ती करने का एकमात्र जरिया बचा है। अब इन अस्पतालों में सामान्य मरीजों को देखने की सुविधा शुरू कर दी गई है।
सीएमओ डा. विजय कुमार यादव ने बताया कि पूर्व मंडलीय राजस्व प्रशिक्षण केंद्र स्वाहेड़ी को कोविड केयर सेंटर बनाया गया था, जबकि शुरुआती दौर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समीपुर (नजीबाबाद) और हल्दौर को एल-1 श्रेेणी में आरक्षित किया गया था। इसके बाद जिला महिला अस्पताल के पुराने भवन को 96 बेड वाला कोविड एल-2 विंग बनाया गया था। पिछले कई महीनों से नाममात्र ही मरीज भर्ती होने के कारण इसके बेड की संख्या घटाकर 50 कर दी गई है। फिलहाल वहां पर मात्र पांच मरीज ही भर्ती है। सीएमओ के अनुसार जनपद में करीब छह माह पूर्व शासन ने होम आइसोलेशन की सुविधा प्रदान की थी। इसके बाद से ज्यादातर लोग अपने घरों पर ही आइसोलेट रहते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना के लिए आरक्षित होने के कारण इन अस्पतालों में सामान्य रोगियों के लिए समुचित व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। अब इन अस्पतालों में सामान्य मरीजों को देखने की सुविधा शुरू कर दी गई है। यदि भविष्य में विपरीत परिस्थिति आती है, तो इन्हें फिर से शुरू किया जा सकता है। फिलहाल जिले के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होने के कारण कोरोना पिछले पांव लौटने लगा है। कहा कि जनपद बिजनौर स्योहारा थाने के ग्राम मेवा नवादा में 13 अप्रैल को मिला था। यह युवक दूध खरीदने और बेचने का काम करता था। इसके बाद से लेकर बुधवार शाम तक जनपद में कुल 4404 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 4315 ठीक भी हो चुके हैं और 64 लोगों ने दम तोड़ा है।
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