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धामपुर चीनी मिल है भुगतान में सबसे आगे
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धामपुर चीनी मिल है भुगतान में सबसे आगे
बिजनौर। जिले की धामपुर चीनी मिल ने भुगतान में सबको पछाड़ दिया है। धामपुर मिल ने अब तक किसानों के खातों में लगभग 120 करोड़ का भुगतान भेज दिया है। हालांकि मिल ने पिछले साल के विलंब भुगतान पर ब्याज देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
धामपुर चीनी मिल जिले की सबसे बड़ी चीनी मिलों में से एक है। मिल में 30 हजार से अधिक किसान जुड़े हैं। मिल हर साल किसानों से सबसे अधिक गन्ना खरीदती है। पिछले साल मिल ने किसानों से 750 करोड़ से अधिक का गन्ना खरीदा था। मिल ने भुगतान भी समय से कर दिया था लेकिन फिर भी विलंब भुगतान पर मिल पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का ब्याज बनता है। मिल ने ब्याज का भुगतान नहीं किया है। चालू पेराई सत्र में भी मिल ने किसानों से करीब 190 करोड़ का गन्ना खरीद लिया है। मिल ने अब तक किसानों को करीब 120 करोड़ का भुगतान कर दिया है। इतना भुगतान अब तक किसी मिल ने नहीं किया है। हालांकि 14 दिन के अंदर भुगतान करने के नियम से मिल थोड़ा पीछे है। मिल के गन्ना महाप्रबंधक ओमवीर सिंह के अनुसार बैंकों की हड़ताल की वजह से कुछ भुगतान अटक गया था। सोमवार को तीन दिसंबर तक का भुगतान भेज दिया जाएगा। किसान नेता राजेंद्र सिंह का कहना है कि किसानों का भुगतान किसी भी सूरत में पिछड़ना नहीं चाहिए। किसानों को भुगतान के साथ-साथ मिल की ओर से बाकी सुविधाओं का लाभ भी मिलना चाहिए।
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बिजनौर। जिले की धामपुर चीनी मिल ने भुगतान में सबको पछाड़ दिया है। धामपुर मिल ने अब तक किसानों के खातों में लगभग 120 करोड़ का भुगतान भेज दिया है। हालांकि मिल ने पिछले साल के विलंब भुगतान पर ब्याज देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
धामपुर चीनी मिल जिले की सबसे बड़ी चीनी मिलों में से एक है। मिल में 30 हजार से अधिक किसान जुड़े हैं। मिल हर साल किसानों से सबसे अधिक गन्ना खरीदती है। पिछले साल मिल ने किसानों से 750 करोड़ से अधिक का गन्ना खरीदा था। मिल ने भुगतान भी समय से कर दिया था लेकिन फिर भी विलंब भुगतान पर मिल पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का ब्याज बनता है। मिल ने ब्याज का भुगतान नहीं किया है। चालू पेराई सत्र में भी मिल ने किसानों से करीब 190 करोड़ का गन्ना खरीद लिया है। मिल ने अब तक किसानों को करीब 120 करोड़ का भुगतान कर दिया है। इतना भुगतान अब तक किसी मिल ने नहीं किया है। हालांकि 14 दिन के अंदर भुगतान करने के नियम से मिल थोड़ा पीछे है। मिल के गन्ना महाप्रबंधक ओमवीर सिंह के अनुसार बैंकों की हड़ताल की वजह से कुछ भुगतान अटक गया था। सोमवार को तीन दिसंबर तक का भुगतान भेज दिया जाएगा। किसान नेता राजेंद्र सिंह का कहना है कि किसानों का भुगतान किसी भी सूरत में पिछड़ना नहीं चाहिए। किसानों को भुगतान के साथ-साथ मिल की ओर से बाकी सुविधाओं का लाभ भी मिलना चाहिए।
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