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Bijnor News: विधायक ने दी शिकायत की शह, मात खा गए डीएफओ

Sat, 28 Jan 2023 12:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Sat, 28 Jan 2023 12:10 AM IST
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DFO suspended for giving NOC on commissioner's report
- अमानगढ़ के पास केहरीपुर में निर्माण विवाद का मामला
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- डीएफओ को भारी पड़ा अभद्रता की शिकायत करना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अमानगढ़ के पास केहरीपुर में निर्माण को लेकर शुरू हुए राजनीति शह-मात के खेल में डीएफओ डॉ. अनिल पटेल निलंबित हो गए।बढ़ापुर विधायक ने शासन में शिकायत की तो कमिश्नर ने जांच रिपोर्ट में डीएफओ को निर्माण की एनओसी नियम विरुद्ध देने का दोषी ठहरा दिया। इसके बाद शासन ने निलंबन की कार्रवाई कर दी। करीब एक सप्ताह तक यह मामला चर्चाओं में रहा।
अमानगढ़ हाल ही में पर्यटन को लेकर खूब चर्चाओं में आया। इसके बाद अब अमानगढ़ के पास केहरीपुर में निर्माण को लेकर हुए विवाद की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। लवकुमार ने केहरीपुर में निर्माण शुरू कराया। इसे विधायक ने रिसॉर्ट बताकर शिकायत की, वहीं इस निर्माण को लवकुमार पक्ष घर बता रहा था। इस बीच डीएफओ डॉ. अनिल पटेल ने इस निर्माण को अनापत्ति पत्र दे दिया। फिर मामला इतना बढ़ा की करीब दस दिन पहले लवकुमार पक्ष कलक्ट्रेट में धरने पर बैठ गया, डीएफओ ने विधायक प्रतिनिधि पर अभद्रता का आरोप लगा दिया। इसके बाद वनकर्मियों ने बैठकें कीं और डीएफओ अवकाश की चेतावनी देकर लखनऊ रवाना हो गए।
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बात यहीं नहीं रुकी, विधायक सुशांत सिंह भी लखनऊ पहुंचे और शासन में निर्माण और डीएफओ के आचरण की जांच कराने की मांग की। इसके बाद 25 जनवरी को शासन ने डीएफओ डॉ. अनिल पटेल को निलंबित कर दिया। उनके स्थान पर इटावा जंगल सफारी में तैनात अरुण कुमार सिंह को नया डीएफओ बिजनौर बना दिया। गणतंत्र दिवस के मौके पर नए डीएफओ अरुण कुमार सिंह ने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया।
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खूब चला आरोप-प्रत्यारोप का खेल
इस पूरे ही प्रकरण में तीन पक्ष बन गए थे। पहले पक्ष में विधायक बढ़ापुर, दूसरे में निर्माण करने वाले लवकुमार और तीसरा पक्ष खुद डीएफओ डॉ. अनिल पटेल हो गए थे। बढ़ापुर विधायक निर्माण गलत होने और वन विभाग की मिलीभगत होने का आरोप लगा रहे थे। वहीं, निर्माण करने वाला पक्ष अनुचित दबाव बनाने का आरोप लगा रहा था। डीएफओ ने खुद के साथ अभद्रता होने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधिकारियों और शासन को पत्र लिखा था।

अनापत्ति पत्र बना निलंबन का कारण
शासन की ओर से जो डीएफओ डॉ. अनिल पटेल के निलंबन का आदेश हुआ है, उसमें बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह की शिकायत को आधार माना है। इसी शिकायत के आधार पर कमिश्नर मुरादाबाद से जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में घर के निर्माण में अनापत्ति पत्र देने को अधिकारों का दुरुपयोग और नियम विरुद्ध बताते हुए प्रथम दृष्टया दोषी बता दिया गया। यही अनापत्ति पत्र निलंबन का कारण बन गया।

अभद्रता मामले में पुलिस को सौंप चुके दो पत्र
डीएफओ डॉ. अनिल पटेल जाने से पहले खुद के साथ हुई अभद्रता के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस को दो पत्र सौंप गए हैं। पहले पत्र के बाद कार्रवाई न होने पर डीएफओ ने दूसरा पत्र देकर केस दर्ज कराने की मांग की थी। यही नहीं, वह अपने लिखित बयान भी पुलिस और अपने विभागीय अधिकारियों को भेज चुके थे। हालांकि अभी तक इस प्रकरण में पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।


अंदरखाने हो गए दो खेमे, बयानों में सब एक
जिले में भाजपा के नेता पिछले काफी समय से दो खेमों में बंटे हुए हैं। फिर चाहे जिला पंचायत अविश्वास प्रस्ताव आने का मामला हो या फिर अब केहरीपुर निर्माण विवाद का आया तो फिर यही स्थिति रही। जहां सदर विधायक और बढ़ापुर विधायक लखनऊ तक डीएफओ ओर निर्माण की शिकायत कर रहे थे। वहीं, भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी कलक्ट्रेट में बढ़ापुर विधायक के खिलाफ धरना दे रही थी। यह बात भी किसी से छिपी नहीं रही कि भाजपा के ही कुछ नेता इस धरने में मदद कर रहे थे।
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