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गंगा तट पर जुटे श्रद्धालु, अर्द्ध रात्रि से शुरू हुआ स्नान
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गंगा तट पर जुटे श्रद्धालु, अर्द्ध रात्रि से शुरू हुआ स्नान
बिजनौर। कार्तिक पूर्णिमा पर महात्मा विदुर की कुटी के सामने लगे गंगा मेले में गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। आधी रात से ही गंगा किनारे हर-हर गंगे के जयकारे गूंज उठे। सोवार शाम को श्रद्धालुओं ने दीपदान कर तर्पण किया और पितरों से आशीष मांगा। गंगा बैराज पर भी बड़ा मेला लग गया है। यहां भी गंगा स्नान करने श्रद्धालु पहुंचे।
कार्तिक पूर्णिमा पर विदुर कुटी से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर भागीरथी के तट पर गंगा मेला लगता है। इस बार भी मेला पुराने स्थान पर ही लगा है। अधिक भीड़ के कारण डेरा डालने के लिए श्रद्धालुओं को जगह नहीं मिली। दूर तक मेले में श्रद्धालुओं के डेरे नजर आए। गंगा तट पर पानी की एक छोटी धारा के बाद रेत का टापू बना है। वहां पर श्रद्धालु पूरे परिवार के साथ जा रहे हैं और उसके आसपास डूबकी लगा रहे हैं। इस बार स्नान करने के लिए गंगा की धारा बहुत चौड़ी है तथा गहरी भी नहीं है। श्रद्धालु आराम से चलकर आधी धारा तक जाकर स्नान कर रहे हैं। सोमवार शाम तक श्रद्धालुओं के रेले मेले में पहुंच रहे थे। श्रद्धालुओं के वाहनों की लंबी कतार लगी रही। मेले में कई सामाजिक और हिंदूवादी संगठनों ने टेंट लगाकर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे लगा रखे हैं। मीना बाजार में खरीदारी करने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। झूलों व होटलों पर भी उपभोक्ताओं की भारी भीड़ लगी रही। सोमवार शाम तक विदुुर कुटी पर करीब तीन लाख श्रद्धालु पहुंच चुके थे, करीब पांच लाख श्रद्धालुओं के मेले में पहुंचने की उम्मीद है। सोमवार रात 12 बजे से गंगा में श्रद्धालुओं ने स्नान शुरू कर दिया और घरों को लौटने लगे। रात 12 बजे से पहले तक गंगा तट पर पैर रखने को जगह नहीं मिलेगी।
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बिजनौर। कार्तिक पूर्णिमा पर महात्मा विदुर की कुटी के सामने लगे गंगा मेले में गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। आधी रात से ही गंगा किनारे हर-हर गंगे के जयकारे गूंज उठे। सोवार शाम को श्रद्धालुओं ने दीपदान कर तर्पण किया और पितरों से आशीष मांगा। गंगा बैराज पर भी बड़ा मेला लग गया है। यहां भी गंगा स्नान करने श्रद्धालु पहुंचे।
कार्तिक पूर्णिमा पर विदुर कुटी से डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर भागीरथी के तट पर गंगा मेला लगता है। इस बार भी मेला पुराने स्थान पर ही लगा है। अधिक भीड़ के कारण डेरा डालने के लिए श्रद्धालुओं को जगह नहीं मिली। दूर तक मेले में श्रद्धालुओं के डेरे नजर आए। गंगा तट पर पानी की एक छोटी धारा के बाद रेत का टापू बना है। वहां पर श्रद्धालु पूरे परिवार के साथ जा रहे हैं और उसके आसपास डूबकी लगा रहे हैं। इस बार स्नान करने के लिए गंगा की धारा बहुत चौड़ी है तथा गहरी भी नहीं है। श्रद्धालु आराम से चलकर आधी धारा तक जाकर स्नान कर रहे हैं। सोमवार शाम तक श्रद्धालुओं के रेले मेले में पहुंच रहे थे। श्रद्धालुओं के वाहनों की लंबी कतार लगी रही। मेले में कई सामाजिक और हिंदूवादी संगठनों ने टेंट लगाकर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे लगा रखे हैं। मीना बाजार में खरीदारी करने के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ रही है। झूलों व होटलों पर भी उपभोक्ताओं की भारी भीड़ लगी रही। सोमवार शाम तक विदुुर कुटी पर करीब तीन लाख श्रद्धालु पहुंच चुके थे, करीब पांच लाख श्रद्धालुओं के मेले में पहुंचने की उम्मीद है। सोमवार रात 12 बजे से गंगा में श्रद्धालुओं ने स्नान शुरू कर दिया और घरों को लौटने लगे। रात 12 बजे से पहले तक गंगा तट पर पैर रखने को जगह नहीं मिलेगी।
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