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नहर की पटरी की मरम्मत न होने पर प्रदर्शन
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नहर की पटरी की मरम्मत न होने पर प्रदर्शन
अफजलगढ़। ब्लाक के गांव माननगर में नहर टूटी पड़ी है और नहर में झाड़ियां उगी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की ओर से कोई सुध नहीं लेने पर किसानों ने सिंचाई विभाग के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन कर नाराजगी व्यक्त की तथा उच्चाधिकारियों से समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
गांव मानियावाला माइनर की पटरियां टूटी है। नहर में झाड़ियां उग आई हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि माननगर से रामगंगा घाट जंगल की ओर जाने वाले मार्ग की पुलिया के पाइप वर्षों से टूटे हैं। इससे पानी की निकासी नहीं हो पाती और पानी जंगल जाने वाले मार्ग पर भर जाता है, जिससे किसानों की बैलगाड़ी टिपलर आदि नहीं निकल पाते। इस समय गन्ने की ढुलाई का कार्य चल रहा है। यदि नहर में पानी छोड़ा गया तो हर साल की तरह फिर से पानी की निकासी नहीं होगी और पानी मार्ग में भर जाएगा। जिससे किसानों की आवाजाही भी बंद हो जाएगी।
किसानों ने उच्चाधिकारियों से नहर की साफ सफाई के साथ साथ टूटी पुलिया में पड़े सीमेंट के पाइप डलवाकर पानी को टेल तक पहुंचाने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में अमर सिंह, कामेंद्र, महेंद्र सिंह, अमर सिंह, भोपाल सिंह, नोवत सिंह, रमेश, नंदराम, मनोज, टेका सिंह आदि रहे।
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अफजलगढ़। ब्लाक के गांव माननगर में नहर टूटी पड़ी है और नहर में झाड़ियां उगी है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की ओर से कोई सुध नहीं लेने पर किसानों ने सिंचाई विभाग के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन कर नाराजगी व्यक्त की तथा उच्चाधिकारियों से समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
गांव मानियावाला माइनर की पटरियां टूटी है। नहर में झाड़ियां उग आई हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि माननगर से रामगंगा घाट जंगल की ओर जाने वाले मार्ग की पुलिया के पाइप वर्षों से टूटे हैं। इससे पानी की निकासी नहीं हो पाती और पानी जंगल जाने वाले मार्ग पर भर जाता है, जिससे किसानों की बैलगाड़ी टिपलर आदि नहीं निकल पाते। इस समय गन्ने की ढुलाई का कार्य चल रहा है। यदि नहर में पानी छोड़ा गया तो हर साल की तरह फिर से पानी की निकासी नहीं होगी और पानी मार्ग में भर जाएगा। जिससे किसानों की आवाजाही भी बंद हो जाएगी।
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किसानों ने उच्चाधिकारियों से नहर की साफ सफाई के साथ साथ टूटी पुलिया में पड़े सीमेंट के पाइप डलवाकर पानी को टेल तक पहुंचाने की मांग की है। प्रदर्शन करने वालों में अमर सिंह, कामेंद्र, महेंद्र सिंह, अमर सिंह, भोपाल सिंह, नोवत सिंह, रमेश, नंदराम, मनोज, टेका सिंह आदि रहे।
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