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घटतौली जुर्माना प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग
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घटतौली जुर्माना प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग
बिजनौर। गन्ना खरीद केंद्रों पर घटतौली मिलने पर एक लाख का जुर्माना होगा। इससे घटतौली के मामलों में कमी आएगी। किसानों ने जुर्माना को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है।
शासन की मंशा है कि गन्ना खरीद केंद्रों पर घटतौली न हो। इसके लिए घटतौली मिलने पर आर्थिक जुर्माना किए जाने समेत आरोपी तौल लिपिक का तौल लाइसेंस निरस्त किए जाने की व्यवस्था है। साथ ही शासन से तौल लिपिक व संबंधित चीनी मिल अध्याशी पर जुर्माने का प्रावधान है। जुर्माना की अधिकतम राशि 40 हजार रुपये है।
पेराई सत्र 2019-20 में सामान्य अनियमितताएं वाले 31 मामले तथा गंभीर अनियमितताओं वाले 10 मामले समेत कुल 41 घटतौली के मामले पकड़े गए थे। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि घटतौली के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई हुई। तौल लिपिक के लाइसेंस निरस्त हुए। बताया कि जुर्माना की राशि शासकीय खाते में जमा होती है।
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बताया कि चालू पिराई सत्र 2020-21 में जनवरी तक सामान्य अनियमितताएं वाली 22 तथा गंभीर अनियमितता वाली पांच घटतौली पकड़ी गई हैं। हर चीनी मिल पर पूरे पेराई सत्र में दोनों प्रकार के 50-60 घटतौली के मामले मिल जाते हैं। जुर्माना राशि एक लाख किए जाने के घटतौली रुकने के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
भाकियू के प्रांतीय सचिव ठाकुर रामौतार सिंह, वरिष्ठ किसान नेता होशियार सिंह, कैलाश लांबा, वेदप्रकाश सिंह, अतुल कुमार, भाकियू युवा अध्यक्ष दिगंबर सिंह आदि ने घटतौली मिलने पर जुर्माना की धनराशि एक लाख किए जाने को सही बताया है। कहा कि इससे कर्मचारी घटतौली करते डरेगा। कहा कि सबसे जरूरी है कि इसका ईमानदारी से क्रियान्वयन हो।
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बिजनौर। गन्ना खरीद केंद्रों पर घटतौली मिलने पर एक लाख का जुर्माना होगा। इससे घटतौली के मामलों में कमी आएगी। किसानों ने जुर्माना को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है।
शासन की मंशा है कि गन्ना खरीद केंद्रों पर घटतौली न हो। इसके लिए घटतौली मिलने पर आर्थिक जुर्माना किए जाने समेत आरोपी तौल लिपिक का तौल लाइसेंस निरस्त किए जाने की व्यवस्था है। साथ ही शासन से तौल लिपिक व संबंधित चीनी मिल अध्याशी पर जुर्माने का प्रावधान है। जुर्माना की अधिकतम राशि 40 हजार रुपये है।
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पेराई सत्र 2019-20 में सामान्य अनियमितताएं वाले 31 मामले तथा गंभीर अनियमितताओं वाले 10 मामले समेत कुल 41 घटतौली के मामले पकड़े गए थे। सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि घटतौली के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई हुई। तौल लिपिक के लाइसेंस निरस्त हुए। बताया कि जुर्माना की राशि शासकीय खाते में जमा होती है।
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बताया कि चालू पिराई सत्र 2020-21 में जनवरी तक सामान्य अनियमितताएं वाली 22 तथा गंभीर अनियमितता वाली पांच घटतौली पकड़ी गई हैं। हर चीनी मिल पर पूरे पेराई सत्र में दोनों प्रकार के 50-60 घटतौली के मामले मिल जाते हैं। जुर्माना राशि एक लाख किए जाने के घटतौली रुकने के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
भाकियू के प्रांतीय सचिव ठाकुर रामौतार सिंह, वरिष्ठ किसान नेता होशियार सिंह, कैलाश लांबा, वेदप्रकाश सिंह, अतुल कुमार, भाकियू युवा अध्यक्ष दिगंबर सिंह आदि ने घटतौली मिलने पर जुर्माना की धनराशि एक लाख किए जाने को सही बताया है। कहा कि इससे कर्मचारी घटतौली करते डरेगा। कहा कि सबसे जरूरी है कि इसका ईमानदारी से क्रियान्वयन हो।