फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Demand to exempt Khandsari Raab from tax, letter sent to Chief Minister

Bijnor News: खांडसारी राब को कर मुक्त करने की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा पत्र

Fri, 06 Dec 2024 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 06 Dec 2024 11:36 PM IST
विज्ञापन
Demand to exempt Khandsari Raab from tax, letter sent to Chief Minister
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

नजीबाबाद। जिला बिजनौर गुड़ एवं खांडसारी उत्पादक संघ ने इकाइयों के चीनी उत्पादन के अवशेष राब गलावट उत्पाद पर लगाए आबकारी कर वापस लेने की मांग की है। मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर राब को शीरा श्रेणी से पूर्व की भांति अलग रखने की मांग की गई। गुड़ एवं खांडसारी उत्पादक संघ के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में एमएसएमई लघु एवं सूक्ष्म की 35 खांडसारी इकाइयां हैं।
हाल ही में प्रमुख सचिव शासन की ओर से खांडसारी इकाइयों में चीनी उत्पादन के अवशेष राब गलावट उत्पाद को शीरा श्रेणी में शामिल कर आबकारी कर व जीएसटी लगाई गई है, जिससे खांडसारी उद्योग पर 20 रुपये प्रति क्विंटल और पांच प्रतिशत जीएसटी, डेढ़ प्रतिशत मंडी लगने से खांडसारी कारोबार आर्थिक संकटों में उलझ गया है। मंडी शुल्क पूर्व से जारी है।
विज्ञापन

कारोबारियों का तर्क है कि राब गलावट उत्पाद पर आबकारी नीति के अनुसार कर लगने से खांडसारी उद्योग पर प्रति क्विंटल चार से पांच गुना कर भार बढ़ेगा, जिससे खांडसारी उद्योग बंद होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश की 35 खांडसारी इकाइयों में नगर की शंभूनाथ बालमुकुंद और वीरेंद्र कुमार एंड सन्स मात्र दो खांडसारी इकाइयां हैं, जो जिले का प्रतिनिधित्व करतीं हैं। इन इकाइयों से बड़ी संख्या में मजदूर पेशा परिवार जुड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed