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Bijnor News: खांडसारी राब को कर मुक्त करने की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद। जिला बिजनौर गुड़ एवं खांडसारी उत्पादक संघ ने इकाइयों के चीनी उत्पादन के अवशेष राब गलावट उत्पाद पर लगाए आबकारी कर वापस लेने की मांग की है। मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर राब को शीरा श्रेणी से पूर्व की भांति अलग रखने की मांग की गई। गुड़ एवं खांडसारी उत्पादक संघ के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में एमएसएमई लघु एवं सूक्ष्म की 35 खांडसारी इकाइयां हैं।
हाल ही में प्रमुख सचिव शासन की ओर से खांडसारी इकाइयों में चीनी उत्पादन के अवशेष राब गलावट उत्पाद को शीरा श्रेणी में शामिल कर आबकारी कर व जीएसटी लगाई गई है, जिससे खांडसारी उद्योग पर 20 रुपये प्रति क्विंटल और पांच प्रतिशत जीएसटी, डेढ़ प्रतिशत मंडी लगने से खांडसारी कारोबार आर्थिक संकटों में उलझ गया है। मंडी शुल्क पूर्व से जारी है।
कारोबारियों का तर्क है कि राब गलावट उत्पाद पर आबकारी नीति के अनुसार कर लगने से खांडसारी उद्योग पर प्रति क्विंटल चार से पांच गुना कर भार बढ़ेगा, जिससे खांडसारी उद्योग बंद होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
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प्रदेश की 35 खांडसारी इकाइयों में नगर की शंभूनाथ बालमुकुंद और वीरेंद्र कुमार एंड सन्स मात्र दो खांडसारी इकाइयां हैं, जो जिले का प्रतिनिधित्व करतीं हैं। इन इकाइयों से बड़ी संख्या में मजदूर पेशा परिवार जुड़े हैं।
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नजीबाबाद। जिला बिजनौर गुड़ एवं खांडसारी उत्पादक संघ ने इकाइयों के चीनी उत्पादन के अवशेष राब गलावट उत्पाद पर लगाए आबकारी कर वापस लेने की मांग की है। मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर राब को शीरा श्रेणी से पूर्व की भांति अलग रखने की मांग की गई। गुड़ एवं खांडसारी उत्पादक संघ के अध्यक्ष अरुण अग्रवाल की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में एमएसएमई लघु एवं सूक्ष्म की 35 खांडसारी इकाइयां हैं।
हाल ही में प्रमुख सचिव शासन की ओर से खांडसारी इकाइयों में चीनी उत्पादन के अवशेष राब गलावट उत्पाद को शीरा श्रेणी में शामिल कर आबकारी कर व जीएसटी लगाई गई है, जिससे खांडसारी उद्योग पर 20 रुपये प्रति क्विंटल और पांच प्रतिशत जीएसटी, डेढ़ प्रतिशत मंडी लगने से खांडसारी कारोबार आर्थिक संकटों में उलझ गया है। मंडी शुल्क पूर्व से जारी है।
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कारोबारियों का तर्क है कि राब गलावट उत्पाद पर आबकारी नीति के अनुसार कर लगने से खांडसारी उद्योग पर प्रति क्विंटल चार से पांच गुना कर भार बढ़ेगा, जिससे खांडसारी उद्योग बंद होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
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प्रदेश की 35 खांडसारी इकाइयों में नगर की शंभूनाथ बालमुकुंद और वीरेंद्र कुमार एंड सन्स मात्र दो खांडसारी इकाइयां हैं, जो जिले का प्रतिनिधित्व करतीं हैं। इन इकाइयों से बड़ी संख्या में मजदूर पेशा परिवार जुड़े हैं।