{"_id":"5ff603af8ebc3e32e764edb1","slug":"crows-found-dead-near-school-rural-in-fear-of-bird-flu-bijnor-news-mrt51923919","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच कोओं के मृत मिले, बर्ड फ्लू की आशंका से दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच कोओं के मृत मिले, बर्ड फ्लू की आशंका से दहशत
विज्ञापन
राजा का ताजपुर में मरे पड़े कौए।
- फोटो : BIJNOR
स्कूल के पास मरे मिले पांच कौए, बर्ड फ्लू की आशंका से दहशत में ग्रामीण
नूरपुर/राजा का ताजपुर। ताजपुर में एक ही स्थान पर पांच कौए मृत मिले हैं। बर्ड फ्लू की आशंका से ग्रामीण दहशत में हैं, पशुपालन विभाग ने बर्ड फ्लू होने से इंकार किया है। फिलहाल पशुपालन विभाग की टीम ने जांच के बाद मृत मिले कोए गड्ढा खोदकर दबवा दिए हैं।
बुधवार की सुबह मोहल्ला पुराना कुंआ में स्थित प्राथमिक विद्यालय द्वितीय के पास मृत कोए पास -पास पड़े थे और ऊपर कोई बिजली की लाइन भी नहीं है। कस्बे में कौओं के बर्ड फ्लू से मरने की अफवाह फैल गई। ग्रामवासियों ने मामले की सूचना नूरपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.मोहम्मद अहमद को दी। पशु चिकित्सालय की टीम जांच के लिए उन्हें अपने साथ ले गई और जांच के बाद उनको दबवा दिया गया। ताजपुर व आसपास के गांवों में बड़ी संख्या में मुर्गी फार्म है। ग्रामवासियों ने सही तरह से जांच कराने की मांग की है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.भूपेंद्र सिंह के अनुसार कौओं के शव के पास पॉलिथीन भी पड़ी मिली है। ऐसा लगता है कि ये कहीं और मरे हैं और इन्हें यहां लाकर डाला गया है। शासन स्तर से अभी कौओं की मौत का कारण बर्ड फ्लू नहीं माना गया है। बर्ड फ्लू में बड़ी तादाद में पक्षियों की मौत होती है। शासन के निर्देशों पर ही कार्रवाई होगी।
बिजली गिरने से भी कौओं की मौत के कयास
नूरपुर (बिजनौर)। राजा का ताजपुर में कौओं के मरने की घटना को लेकर ताजपुर में कई तरह की अफवाह फैली हैं। एक और ग्रामवासी इसे बर्ड फ्लू से हुई मौत मान रहे हैं वहीं पशु चिकित्सक इसे ठंड अथवा बरसात की बिजली का करंट लगने से हुई मौत बता रहे हैं।
विज्ञापन
बुधवार की तड़के जोरदार बारिश के बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ बिजली चमक रही थी। जिस स्थान पर कौएं मरे मिले हैं वहां एक यूकेलिप्टस का पेड़ है। पशु चिकित्सकों का मानना है कि बिजली का करंट पेड़ पर आने से कौओं की मौत हुई है। इसके अलावा वह इसे ठंड से भी मौत होना मान रहे हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भूपेंद्र सिंह व नूरपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी मोहम्मद अहमद ने बर्ड फ्लू से कौओं की मौत होने से साफ इंकार किया है। वहीं, कौओं के मरने की घटना से ताजपुर व आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। दुकानों पर मीट लेने के लिए लोग नहीं पहुंचे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.भूपेंद्र सिंह का कहना है कि बर्ड फ्लू में एक साथ बहुत बड़ी तादाद में पक्षियों की मौत होती है, ये कौए किसी घटना की वजह से मरे हैं।
विज्ञापन
नूरपुर/राजा का ताजपुर। ताजपुर में एक ही स्थान पर पांच कौए मृत मिले हैं। बर्ड फ्लू की आशंका से ग्रामीण दहशत में हैं, पशुपालन विभाग ने बर्ड फ्लू होने से इंकार किया है। फिलहाल पशुपालन विभाग की टीम ने जांच के बाद मृत मिले कोए गड्ढा खोदकर दबवा दिए हैं।
बुधवार की सुबह मोहल्ला पुराना कुंआ में स्थित प्राथमिक विद्यालय द्वितीय के पास मृत कोए पास -पास पड़े थे और ऊपर कोई बिजली की लाइन भी नहीं है। कस्बे में कौओं के बर्ड फ्लू से मरने की अफवाह फैल गई। ग्रामवासियों ने मामले की सूचना नूरपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.मोहम्मद अहमद को दी। पशु चिकित्सालय की टीम जांच के लिए उन्हें अपने साथ ले गई और जांच के बाद उनको दबवा दिया गया। ताजपुर व आसपास के गांवों में बड़ी संख्या में मुर्गी फार्म है। ग्रामवासियों ने सही तरह से जांच कराने की मांग की है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.भूपेंद्र सिंह के अनुसार कौओं के शव के पास पॉलिथीन भी पड़ी मिली है। ऐसा लगता है कि ये कहीं और मरे हैं और इन्हें यहां लाकर डाला गया है। शासन स्तर से अभी कौओं की मौत का कारण बर्ड फ्लू नहीं माना गया है। बर्ड फ्लू में बड़ी तादाद में पक्षियों की मौत होती है। शासन के निर्देशों पर ही कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
बिजली गिरने से भी कौओं की मौत के कयास
नूरपुर (बिजनौर)। राजा का ताजपुर में कौओं के मरने की घटना को लेकर ताजपुर में कई तरह की अफवाह फैली हैं। एक और ग्रामवासी इसे बर्ड फ्लू से हुई मौत मान रहे हैं वहीं पशु चिकित्सक इसे ठंड अथवा बरसात की बिजली का करंट लगने से हुई मौत बता रहे हैं।
विज्ञापन
बुधवार की तड़के जोरदार बारिश के बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ बिजली चमक रही थी। जिस स्थान पर कौएं मरे मिले हैं वहां एक यूकेलिप्टस का पेड़ है। पशु चिकित्सकों का मानना है कि बिजली का करंट पेड़ पर आने से कौओं की मौत हुई है। इसके अलावा वह इसे ठंड से भी मौत होना मान रहे हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भूपेंद्र सिंह व नूरपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी मोहम्मद अहमद ने बर्ड फ्लू से कौओं की मौत होने से साफ इंकार किया है। वहीं, कौओं के मरने की घटना से ताजपुर व आसपास के गांवों में दहशत फैल गई। दुकानों पर मीट लेने के लिए लोग नहीं पहुंचे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.भूपेंद्र सिंह का कहना है कि बर्ड फ्लू में एक साथ बहुत बड़ी तादाद में पक्षियों की मौत होती है, ये कौए किसी घटना की वजह से मरे हैं।